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भाई की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
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भाई की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
कसया थाना क्षेत्र के सपहां में 12 साल पहले हुई थी हत्या
कुशीनगर। कसया थानाक्षेत्र के सपहां में 12 साल पहले हुई हत्या के मामले में न्यायालय ने सोमवार को फैसला सुना दिया। हत्या के दोषी भाई को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जीपी यादव ने बताया कि सपहां निवासी सुनैना देवी ने थाने में तहरीर दी थी कि उनके पति गनेश चौहान अपने पिता गोपाल चौहान तथा भाई महेश चौहान से अलग रहते थे। घर का बंटवारा हो चुका था। बंटवारे को लेकर गनेश पर उनके भाई महेश चौहान ने 26 मई 2009 की रात करीब नौ बजे लोहे के रॉड से हमला कर दिया था। वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका इलाज कराकर घर लाया गया तो महेश और पति से झगड़ा हो गया। उसके बाद महेश ने चाकू से गनेश के सीने में प्रहार कर दिया था। इससे उनकी मौत हो गई थी। इसकी तहरीर मिलने पर पुलिस ने विवेचना के बाद मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। तभी से यह मुकदमा विचाराधीन था। इस मामले में जेल में बंद मृतक के पिता गोपाल की मौत हो चुकी है। जबकि महेश जेल में था।
अधिवक्ता ने बताया कि सोमवार को इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायालय में हुई। न्यायाधीश श्याम मोहन जायसवाल ने गवाहों और साक्ष्यों की सुनने के बाद दोषी को आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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कसया थाना क्षेत्र के सपहां में 12 साल पहले हुई थी हत्या
कुशीनगर। कसया थानाक्षेत्र के सपहां में 12 साल पहले हुई हत्या के मामले में न्यायालय ने सोमवार को फैसला सुना दिया। हत्या के दोषी भाई को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जीपी यादव ने बताया कि सपहां निवासी सुनैना देवी ने थाने में तहरीर दी थी कि उनके पति गनेश चौहान अपने पिता गोपाल चौहान तथा भाई महेश चौहान से अलग रहते थे। घर का बंटवारा हो चुका था। बंटवारे को लेकर गनेश पर उनके भाई महेश चौहान ने 26 मई 2009 की रात करीब नौ बजे लोहे के रॉड से हमला कर दिया था। वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका इलाज कराकर घर लाया गया तो महेश और पति से झगड़ा हो गया। उसके बाद महेश ने चाकू से गनेश के सीने में प्रहार कर दिया था। इससे उनकी मौत हो गई थी। इसकी तहरीर मिलने पर पुलिस ने विवेचना के बाद मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। तभी से यह मुकदमा विचाराधीन था। इस मामले में जेल में बंद मृतक के पिता गोपाल की मौत हो चुकी है। जबकि महेश जेल में था।
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अधिवक्ता ने बताया कि सोमवार को इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायालय में हुई। न्यायाधीश श्याम मोहन जायसवाल ने गवाहों और साक्ष्यों की सुनने के बाद दोषी को आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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