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Kushinagar News: झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, लड़खड़ाई बिजली आपूर्ति
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पडरौना। तीन दिन से हो रही बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुई झमाझाम बारिश शुक्रवार को पूरे दिन जारी रही। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आठवीं तक के स्कूल बंद रहे। बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। कसया के पास मेन लाइन में फाल्ट से रात से बिजली शहर में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके कारण जलापूर्ति प्रभावित हुआ। शहर में कई जगह जलभराव हो गया है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले 36 घंटे के बीच 25 से 30 मिमी बारिश होगी।
शुक्रवार की सुबह तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इससे शहर के स्टेशन रोड, कठकुइयां मोड़, अंबेचौक, बाईपास, नोनियापट्टी, गुदरी बाजार की सड़कों पर जलभराव हो गया। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर की सड़कों पर सन्नाटा रहा। बाजार में कई दुकानों का शटर ही नहीं खुले, जो दुकानें देर से खुलीं उसमें बिक्री नहीं हुई। राजेश्वरी मार्केट के रेडिमेड व्यपारी सुधीर जायसवाल ने बताया कि बारिश के चलते सुबह करीब 11 बजे दुकान खुली है। दोपहर तीन बोहनी नहीं हुई है। धर्मशाला रोड के व्यापारी मधु कुमार ने बताया कि बारिश के बावजूद सुबह दस बजे ही दुकान खेल दी थी। हर दिन 20 से 30 हजार रुपये की बिक्री हो जाती थी, लेकिन चार बजने जा रहे रहे हैं, लेकिन बोहनी तक नहीं हुई है। छह बजे तक ग्राहकों का इंतजार करूंगा। इसके बाद दुकान बढ़ाकर घर चला जाउंगा।
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कसया पास मेन लाइन में फाल्ट से दिन भर गुल रही बिजली
पडरौना। बृहस्पतिवार की रात करीब 12 बजे लोकल फाल्ट से कई मोहल्लों की बिजली गुल हो गई। कर्मचारियों ने किसी तरह फाल्ट सही कर आपूर्ति शुरू कराई तो दूसरे मोहल्ले में फाल्ट हो गया। बार-बार फाल्ट से आपूर्ति व्यवस्था बदहाल है। शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे कसया के पास मेन लाइन पर पेड़ की डाली टूटकर गिर जाने से पडरौना उपकेंद्र से जुड़े करीब 20 हजार उपभोक्ताओं की बत्ती गुल हो गई। फाल्ट की जानकारी होते ही बिजली कर्मचारी पहुंच गए। शाम बजे पांच बजे आपूर्ति व्यवस्था बहाल हुई। करीब 17 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से शहर के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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नेबुआ नौरंगिया प्रतिनिधि के अनुसार बारिश की वजह से रामपुर कोटवा विद्युत उपकेंद्र से करीब 19 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। क्षेत्र के राम प्रताप, अनिल, शंभू, मदन आदि बताया कि कोटवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांव में 19 घंटे से आपूर्ति ठप है। पडरौना एक्सईएन संजय सागर ने बताया कि रात करीब बजे के बाद तीन से चार बार लोकल फाल्ट हो गया था। उसे सही कराकर किसी तरह बिजली आपूर्ति बहाल की गई तो कसया के पास मेन लाइन में फाल्ट हो गया था। इसकी वजह से बिजली आपूर्ति ठप हुई थी। उसे सही कराकर शाम करीब पांच बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
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24 घंटे से 40 गांवों की बिजली ठप
पटहेरवा। विद्युत उपकेंद्र पटहेरवा से करीब 24 घंटे से आपूर्ति ठप है। जगह-जगह फाल्ट और अंडर ग्राउंड केबल में गड़बड़ी को सही करने में कर्मचारी जुटे है। विद्युत उपकेंद्र पटहेरवा से पटहेरवा महुअवा, सिंदुरिया, रजवटिया, नारायनपुर, पिपरा कनक सहित 40 गांव के लोगों को आपूर्ति होती है। क्षेत्र के संजय राय, संतोष गुप्ता, प्रभुनाथ तिवारी, जितेंद्र तिवारी, जमीर, अफजल खान, राधेश्याम वर्मा, रामशकल तिवारी, अलीउल्लाह खान आदि ने बताया कि 24 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। बृहस्पतिवार की रात बिजली आई, लेकिन कुछ देर बाद ही गुल हो गई।
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सड़क पर करीब तीन फीट भरा पानी, राहगीरों की बढ़ी परेशानी
कप्तानगंज। एनएच-730 के दोनों तरफ मानक विहीन नाली निर्माण के चलते सड़क पर करीब तीन फीट पानी भर जाने से लोगों को आवागमन करने में परेशानी उठानी पड़ी। कस्बे के डॉ. उपेंद्र सिंह, गोलू मिश्रा, पंडित आरके मिश्रा, विनोद गोविंद राव, गौरी शंकर वर्मा, दिनेश यादव, मुकेश सिंह, रामप्रीत मद्धेशिया, ब्रम्हाशंकर चौधरी, मुलायम खरवार, इब्राहिम मिस्त्री, अशोक चौरसिया आदि ने कहा कि जब भी बारिश होती है तो एनएच की सड़क पर तीन से चार फीट पानी भर जाता है। पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालना पड़ता है। पानी भरने की मुख्य वजह मानक विहीन नाली का निर्माण है।
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सूख रही धान की फसल को बारिश से मिली संजीवनी
पडरौना। तीन दिन से हो रही बारिश से मौसम का सुहाना हो गया है। बारिश से क्षेत्र के किसान प्रसन्न हैं। किसानों का कहना है कि सूख रही धान की फसल काे संजीवनी मिली है। बरवा जंगल निवासी किसान राकेश शर्मा ने बताया कि बारिश से सभी फसलों को लाभ पहुंचा है। हालांकि तेज हवा से कई जगह धान और गन्ने की फसल गिर गई है। इससे उन किसानों को चिंता हो रही है। उजारनाथ क्षेत्र के सिंदुरिया बुजुर्ग, सपही बुजुर्ग, पकड़ी गोसाईं, करमैनी, जवार भैंसहा, गगलवा, लोहलङ्गड़ी, देवरिया वृत, करमैनी, रामकोला, मोगलपुरा, खलवापट्टी, भेलया, चन्द्रौटा आदि गांव में धान व गन्ने फसल गिर गई है। इन गांव के रफीक अली, जंत्री प्रसाद, असलम अंसारी, जावेद, वीरेंद्र मद्धेशिया, विभूति गुप्ता, विनय श्रीवास्तव, इंद्रजीत कुशवाहा, बाबूराम प्रसाद, धर्मेंद्र वर्मा, सुनील प्रसाद, योगेश गुप्ता, नथूनी यादव आदि किसानों ने बताया कि फसल गिरने से नुकसान की आशंका है। जौरा बाजार क्षेत्र में भी करीब एक हेक्टेयर फसल गिर गई है। ग्राम सभा नदवाबिशुनपुर निवासी किसान दिग्विजय सिंह ने बताया कि फसल गिरने से उन्हें काफी नुकसान पहुंचा है।
तमकुहीरोड क्षेत्र के बांसी और गंडक नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में गन्ने की फसल गिर गई है। मथुरा सिंह, श्रीकांत मिश्र, विजयनाथ शाही, राजेश कुशवाहा, प्रभुनाथ यादव, ध्रुव निषाद, पुजारी सिंह आदि का कहना है कि उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
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एक अक्तूबर तक बारिश का अनुमान
शुक्रवार को 61 एमएम बारिश हुई है। तीन दिन में 161 एमएम बारिश रिर्कार्ड की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार एक अक्तूबर तक अधिकतम तापमान 26 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह सापेक्षिक आर्द्रता 92 से 100 प्रतिशत और शाम को आर्द्रता 48 से 65 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। पूर्वानुमानित अवधि में 10 से 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चलने की संभावना है। इस अवधि आसमान में बादल छाए रहने के साथ 28, 29, 30 सितंबर और एक अक्तूबर को मध्यम बारिश के आसार हैं। -श्रुति वी सिंह, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया।
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बारिश से सभी तरह की फसलों को लाभ पहुंचा है। जो फसल खेत में गिरी है, उसको लेकर किसान चिंतित न हों। वे सभी समय से रिकवर हो जाएंगी। इस बार धान की अच्छी पैदावार होने की संभावना है। -डॉ. मेनका, जिला कृषि अधिकारी।
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शुक्रवार की सुबह तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इससे शहर के स्टेशन रोड, कठकुइयां मोड़, अंबेचौक, बाईपास, नोनियापट्टी, गुदरी बाजार की सड़कों पर जलभराव हो गया। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर की सड़कों पर सन्नाटा रहा। बाजार में कई दुकानों का शटर ही नहीं खुले, जो दुकानें देर से खुलीं उसमें बिक्री नहीं हुई। राजेश्वरी मार्केट के रेडिमेड व्यपारी सुधीर जायसवाल ने बताया कि बारिश के चलते सुबह करीब 11 बजे दुकान खुली है। दोपहर तीन बोहनी नहीं हुई है। धर्मशाला रोड के व्यापारी मधु कुमार ने बताया कि बारिश के बावजूद सुबह दस बजे ही दुकान खेल दी थी। हर दिन 20 से 30 हजार रुपये की बिक्री हो जाती थी, लेकिन चार बजने जा रहे रहे हैं, लेकिन बोहनी तक नहीं हुई है। छह बजे तक ग्राहकों का इंतजार करूंगा। इसके बाद दुकान बढ़ाकर घर चला जाउंगा।
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कसया पास मेन लाइन में फाल्ट से दिन भर गुल रही बिजली
पडरौना। बृहस्पतिवार की रात करीब 12 बजे लोकल फाल्ट से कई मोहल्लों की बिजली गुल हो गई। कर्मचारियों ने किसी तरह फाल्ट सही कर आपूर्ति शुरू कराई तो दूसरे मोहल्ले में फाल्ट हो गया। बार-बार फाल्ट से आपूर्ति व्यवस्था बदहाल है। शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे कसया के पास मेन लाइन पर पेड़ की डाली टूटकर गिर जाने से पडरौना उपकेंद्र से जुड़े करीब 20 हजार उपभोक्ताओं की बत्ती गुल हो गई। फाल्ट की जानकारी होते ही बिजली कर्मचारी पहुंच गए। शाम बजे पांच बजे आपूर्ति व्यवस्था बहाल हुई। करीब 17 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से शहर के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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नेबुआ नौरंगिया प्रतिनिधि के अनुसार बारिश की वजह से रामपुर कोटवा विद्युत उपकेंद्र से करीब 19 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। क्षेत्र के राम प्रताप, अनिल, शंभू, मदन आदि बताया कि कोटवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांव में 19 घंटे से आपूर्ति ठप है। पडरौना एक्सईएन संजय सागर ने बताया कि रात करीब बजे के बाद तीन से चार बार लोकल फाल्ट हो गया था। उसे सही कराकर किसी तरह बिजली आपूर्ति बहाल की गई तो कसया के पास मेन लाइन में फाल्ट हो गया था। इसकी वजह से बिजली आपूर्ति ठप हुई थी। उसे सही कराकर शाम करीब पांच बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
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24 घंटे से 40 गांवों की बिजली ठप
पटहेरवा। विद्युत उपकेंद्र पटहेरवा से करीब 24 घंटे से आपूर्ति ठप है। जगह-जगह फाल्ट और अंडर ग्राउंड केबल में गड़बड़ी को सही करने में कर्मचारी जुटे है। विद्युत उपकेंद्र पटहेरवा से पटहेरवा महुअवा, सिंदुरिया, रजवटिया, नारायनपुर, पिपरा कनक सहित 40 गांव के लोगों को आपूर्ति होती है। क्षेत्र के संजय राय, संतोष गुप्ता, प्रभुनाथ तिवारी, जितेंद्र तिवारी, जमीर, अफजल खान, राधेश्याम वर्मा, रामशकल तिवारी, अलीउल्लाह खान आदि ने बताया कि 24 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। बृहस्पतिवार की रात बिजली आई, लेकिन कुछ देर बाद ही गुल हो गई।
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सड़क पर करीब तीन फीट भरा पानी, राहगीरों की बढ़ी परेशानी
कप्तानगंज। एनएच-730 के दोनों तरफ मानक विहीन नाली निर्माण के चलते सड़क पर करीब तीन फीट पानी भर जाने से लोगों को आवागमन करने में परेशानी उठानी पड़ी। कस्बे के डॉ. उपेंद्र सिंह, गोलू मिश्रा, पंडित आरके मिश्रा, विनोद गोविंद राव, गौरी शंकर वर्मा, दिनेश यादव, मुकेश सिंह, रामप्रीत मद्धेशिया, ब्रम्हाशंकर चौधरी, मुलायम खरवार, इब्राहिम मिस्त्री, अशोक चौरसिया आदि ने कहा कि जब भी बारिश होती है तो एनएच की सड़क पर तीन से चार फीट पानी भर जाता है। पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालना पड़ता है। पानी भरने की मुख्य वजह मानक विहीन नाली का निर्माण है।
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सूख रही धान की फसल को बारिश से मिली संजीवनी
पडरौना। तीन दिन से हो रही बारिश से मौसम का सुहाना हो गया है। बारिश से क्षेत्र के किसान प्रसन्न हैं। किसानों का कहना है कि सूख रही धान की फसल काे संजीवनी मिली है। बरवा जंगल निवासी किसान राकेश शर्मा ने बताया कि बारिश से सभी फसलों को लाभ पहुंचा है। हालांकि तेज हवा से कई जगह धान और गन्ने की फसल गिर गई है। इससे उन किसानों को चिंता हो रही है। उजारनाथ क्षेत्र के सिंदुरिया बुजुर्ग, सपही बुजुर्ग, पकड़ी गोसाईं, करमैनी, जवार भैंसहा, गगलवा, लोहलङ्गड़ी, देवरिया वृत, करमैनी, रामकोला, मोगलपुरा, खलवापट्टी, भेलया, चन्द्रौटा आदि गांव में धान व गन्ने फसल गिर गई है। इन गांव के रफीक अली, जंत्री प्रसाद, असलम अंसारी, जावेद, वीरेंद्र मद्धेशिया, विभूति गुप्ता, विनय श्रीवास्तव, इंद्रजीत कुशवाहा, बाबूराम प्रसाद, धर्मेंद्र वर्मा, सुनील प्रसाद, योगेश गुप्ता, नथूनी यादव आदि किसानों ने बताया कि फसल गिरने से नुकसान की आशंका है। जौरा बाजार क्षेत्र में भी करीब एक हेक्टेयर फसल गिर गई है। ग्राम सभा नदवाबिशुनपुर निवासी किसान दिग्विजय सिंह ने बताया कि फसल गिरने से उन्हें काफी नुकसान पहुंचा है।
तमकुहीरोड क्षेत्र के बांसी और गंडक नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में गन्ने की फसल गिर गई है। मथुरा सिंह, श्रीकांत मिश्र, विजयनाथ शाही, राजेश कुशवाहा, प्रभुनाथ यादव, ध्रुव निषाद, पुजारी सिंह आदि का कहना है कि उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
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एक अक्तूबर तक बारिश का अनुमान
शुक्रवार को 61 एमएम बारिश हुई है। तीन दिन में 161 एमएम बारिश रिर्कार्ड की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार एक अक्तूबर तक अधिकतम तापमान 26 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह सापेक्षिक आर्द्रता 92 से 100 प्रतिशत और शाम को आर्द्रता 48 से 65 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। पूर्वानुमानित अवधि में 10 से 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चलने की संभावना है। इस अवधि आसमान में बादल छाए रहने के साथ 28, 29, 30 सितंबर और एक अक्तूबर को मध्यम बारिश के आसार हैं। -श्रुति वी सिंह, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया।
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बारिश से सभी तरह की फसलों को लाभ पहुंचा है। जो फसल खेत में गिरी है, उसको लेकर किसान चिंतित न हों। वे सभी समय से रिकवर हो जाएंगी। इस बार धान की अच्छी पैदावार होने की संभावना है। -डॉ. मेनका, जिला कृषि अधिकारी।