फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Leave the house but worry remains

गंडक से दुश्वारी: घर तो छोड़े, चिंता बरकरार

Sun, 29 Aug 2021 11:09 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 11:09 PM IST
विज्ञापन
Leave the house but worry remains
गंडक से दुश्वारी: घर तो छोड़े पर चिंता बरकरार
विज्ञापन

खड्डा से लेकर तमकुहीराज तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण परेशान
अहिरौलीदान और पिपराघाट गांव के कई पुरवों में भी बाढ़ का पानी घुसा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। दो दिन पहले गंडक नदी में उफान के बाद जलस्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन परेशानियां बाढ़पीड़ितों का पीछा नहीं छोड़ रही हैं। कहीं सांप और अन्य विषैले कीड़े-मकौड़ों का डर तो कहीं अनाज, बिस्तर और अन्य जरूरी सामान बाढ़ के पानी से भरे घरों में खराब होने की चिंता। बंधे पर शरण लिए लोगों को घरों में चोरी सहित अन्य प्रकार की आशंकाओं से भी गुजरना पड़ रहा है। गंडक आज भी चेतावनी बिंदु 95 मीटर से 58 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों पर प्लास्टिक तानकर परिवार के सदस्यों और मवेशियों के साथ गुजर-बसर कर रहे हैं।
नाव से आने-जाने को विवश
गंडक नदी में छोड़े जा रहे पानी के डिस्चार्ज में तीसरे दिन डेढ़ लाख क्यूसेक की कमी आई। इसके साथ ही जलस्तर में भी 35 सेंटीमीटर की कमी हुई है। बाढ़ प्रभावित कुछ गांवों के ऊंचे हिस्से से पानी निकल गया है, लेकिन सड़क व निचले हिस्से अभी भी जलमग्न हैं। लोग नाव से एक-दूसरे गांव में आ-जा रहे हैं। तहसील प्रशासन की तरफ से निशुल्क भोजन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रविवार की सुबह आठ बजे वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में 251200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सुबह आठ बजे भैसहां गेज पर जलस्तर 95.60 पर था। दोपहर दो बजे 95.58 मीटर पर आ गया। बाढ़ के तीसरे दिन नदी पार बसे मरचहवा, शिवपुर, हरिहरपुर, बसंतपुर, नरायनपुर का सड़क से संपर्क कटा हुआ है। गांव में तहसील प्रशासन द्वारा संचालित कम्युनिटी किचन से बहुत राहत मिल रही है। ग्रामीण नरेश, चंद्रिका, मुंशी, जवाहिर, कन्हैया, नथुनी, बेचन, फूलमती, गोविंद, माया, सुरसती आदि ने बताया कि गांव में घुसा पानी घरों से निकलकर दरवाजे तक चला गया है। घरों में कीचड़ के चलते परेशानी बढ़ गई है। ऊपर से हो रही बारिश से बाहर निकलना मुश्किल है। सड़कों पर पानी भरा होने से एक मात्र ऊंचे स्थान सोहगीबरवा जाने में नाव का सहारा है। एसडीएम अरविंद कुमार के निर्देश पर नायब तहसीलदार रवि यादव, कानूनगो लालजी, लेखपाल विपिन मणि आदि दस सदस्यीय राजस्व टीम बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर सहयोग कर रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित मरचहवा दक्षिण टोला व बसंतपुर के लोग हैं, जो नाव के सहारे डेढ़ किलोमीटर सफर तय कर आ-जा रहे हैं। मवेशियों के चारे की किल्लत हो गई है। पानी में रहने से पैरों में सड़न होने लगी है। लगातार हो रही बारिश के चलते आशंका जताई जा रही है की दोबारा जलस्तर बढ़ सकता है।
विज्ञापन

कई गांवों में आवागमन का संकट
खड्डा एवं निचलौल तहसील की लगभग 50 हजार आबादी का बाहर निकलने का मार्ग पानी से डूबने से निष्प्रयोज्य हो गया है। खड्डा तहसील क्षेत्र के मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर व महराजगंज जनपद के निचलौल तहसील के सोहगीबरवा, मटियरवा, शिकारपुर, नौकाटोला, पिपरासी, भोथहा, मूजा टोला आदि गांवों के लोग परेशान हैं। यदि उन्हें इस समय खड्डा या निचलौल जाना हो, तो सड़क मार्ग नहीं है। एक मात्र सड़क बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल के रास्ते है। उसमें पड़ने वाले रोहुआ नाला में पानी भरा हुआ है। वहां भी नाव से ही आधा किलोमीटर सफर कर आ-जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांसद ने बाढ़ पीड़ितों से की मुलाकात
खड्डा। सांसद ने रविवार को महदेवा एवं सालिकपुर के बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने बाढ़ राहत शिविर में शरण लिए लोगों को दिए जा रहे भोजन व राहत सामग्री का जायजा लिया। साथ में एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार मौजूद थे। सांसद विजय कुमार दुबे रविवार को खड्डा विकास खंड के ग्राम सभा महदेवा, सालिकपुर पुलिस चौकी पर बने बाढ़ राहत शिविर का दौरा किया। शरण लिए बाढ़ पीड़ितों को कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता खुद चखकर परखा और उत्तम बताते हुए एसडीएम व तहसीलदार की प्रशंसा की। सांसद ने कुछ लोगों को राहत सामग्री का किट भी वितरित किया। सांसद ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पूरी तरह सक्रिय है। लोगों को सभी तरह की मदद दी जा रही है। इस दौरान एडीएम विंध्यवासिनी राय, एसडीएम अरविंद कुमार, तहसीलदार कृष्ण कुमार त्रिपाठी, भाजपा नेता डॉ. नीलेश मिश्र, अजय गोविंद राव, संतोष मणि त्रिपाठी, रामानुज मिश्रा, निखिल उपाध्याय, प्रद्युम्न तिवारी, संजू शाही, विशाल सिंह, कर्मवीर साहनी, प्रांशु गुप्ता, कुणाल राव, हरि गोविंद गुप्ता, जितेंद्र सिंह, व्यास गिरी, अजय सिंह, सीओ खड्डा शिवजी सिंह, एसओ खड्डा रामकृष्ण यादव, एसआई पीके सिंह सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
एएसपी ने बाढ़ शरणालय का निरीक्षण किया
खड्डा। बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच एएसपी भी पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को हर तरह से पीड़ितों की मदद करने का निर्देश देते हुए इसे मानवता की सेवा बताया। रविवार को एएसपी एपी सिंह बाढ़ प्रभावित सालिकपुर व महदेवा गांवों के लोगों के बीच पहुंचे। बाढ़ शरणालय व गांव में मौजूद महिलाओं एवं बच्चों, बुजुर्गों की सुरक्षा की जानकारी एसओ रामकृष्ण यादव से ली। सालिकपुर पुलिस चौकी से सटे बाढ़ शरणालय में भोजन कर रहे बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे। एएसपी ने उपस्थित पुलिसकर्मियों से कहा कि इस आपदा के समय में जनता की सुरक्षा के साथ उन्हें होने वाली अन्य कठिनाइयों को भी दूर करने में सभी को सतत प्रयत्नशील रहना होगा। इस दौरान एसडीएम अरविंद कुमार, तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, सीओ शिवाजी सिंह, पूर्ति निरीक्षक वीएन मिश्रा, डॉ. अरविंद कुमार आदि मौजूद थे।

डीह टोला और पिपराघाट में घुसा पानी
तमकुहीरोड। गंडक नदी के डिस्चार्ज में कमी आने के बाद भी बिहार बॉर्डर पर स्थित अहिरौलीदान के डीह टोला के अधिकांश घरों में गंडक नदी का पानी घुस गया है। इससे लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। पिपराघाट गांव में भी बाढ़ की स्थिति जस की तस बनी हुई है। आवागमन से परेशान इन दोनों गांवों के लोगों ने तमकुहीराज तहसील प्रशासन से नावों की व्यवस्था किए जाने व बाढ़ राहत सुविधा मुहैया कराए जाने की मांग की है। पिछले चार दिन से गंडक नदी में भारी डिस्चार्ज का खामियाजा अब एपी बांध व नरवाजोत बांध के किनारे बसे अहिरौलीदान और पिपराघाट को लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अहिरौलीदान के डीह टोला में गंडक नदी का पानी घुस गया है। इससे त्रिलोकी राय, भृगुराशन राम, प्रमोद सिंह, बेलास राम, काली राय, सुजीत यादव, बदरी राम, शिवजी राय, पिंटू राय, सुरेश यादव, ओमप्रकाश राय, हीरालाल राम, गुड्डू राय सहित गांव के अधिकांश घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसी तरह पिपराघाट के मुसहरी टोला, हनुमान टोला, उपाध्याय टोला, देवनारायण टोला, इमिलिया टोला, शिव टोला, भंगी टोला, मोतीराय टोला, चौकी टोला सहित नौ गांवों में अभी भी बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। तवकल टोला, दहारी टोला, नरवाजोत, बुटन टोला, नरवा टोला, गोलाघाट, जोगनी, रानीगंज सहित अनेक गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। जबकि मुसहरी टोला, उपाध्याय टोला, इमिलिया टोला, शिव टोला सहित अन्य पुरवों में जाने वाली सड़कों पर रविवार को भी घुटने तक पानी भरा था। लोगों को आने जाने के साथ भोजन, पानी एवं मवेशियों के लिए हरे चारे के संकट से जूझना पड़ रहा है। मोतीराय टोला में पानी घुस जाने से 15-20 परिवार नरवाजोत बांध पर प्लास्टिक तानकर रहने के लिए विवश हैं। इन गांवों के जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, ध्रुव निषाद, पुजारी सिंह, दूधनाथ शर्मा, संजय सिंह, प्रभुनाथ यादव, पुष्कर गिरि, आदित्य यादव, विपिन यादव आदि का कहना है कि गांव के लोग महीनों से बाढ़ व बारिश से परेशान हैं, लेकिन प्रभावित लोगों को तहसील प्रशासन से कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है, इससे लोग परेशान हैं। इन लोगों ने गंडक नदी के बाढ़ से प्रभावित पिपराघाट और अहिरौलीदान के डीह टोला में सरकारी नाव लगाए जाने के साथ बाढ़ राहत सुविधा मुहैया कराए जाने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान के बीच जंगलीपट्टी, बिनटोली, घघवा जगदीश, जवही दयाल, चैनपट्टी, बिरवट कोंहवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनियापट्टी, कचहरी टोला में एपी बांध पर पानी का भारी दबाव और कटान का खतरा बना हुआ है। इसे लेकर बाढ़ खंड के एसडीओ एसके प्रियदर्शी की अगुवाई में अभियंता बांध की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed