{"_id":"62bde4055131652edb42af28","slug":"lack-of-resources-on-the-opened-school-kushinagar-news-gkp44219212","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुल गए विद्यालय पर संसाधन का अभाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुल गए विद्यालय पर संसाधन का अभाव
विज्ञापन
सुखारी छपरा जूनियर विद्यालय के बरामदे में पढ़ते बच्चे।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुल गए विद्यालय पर संसाधन का अभाव
पकड़ियार बाजार(कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प लिए जमकर रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन इनकी तस्वीर नहीं बदल सकी है। प्राथमिक विद्यालय दोकरी और जूनियर विद्यालय सुखारी छपरा में जर्जर भवन में विद्यार्थी पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
विद्यालय में शौचालय की व्यवस्था न होने से विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ता है। फर्श भी टूटे हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि विद्यालय की सूरत बदलने के लिए पत्राचार किया गया है।
ग्राम सभा टेढ़ी के दोकरी टोले में वर्ष 2012 में बने प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। कमरों की हालत देखकर लगता है कि जैसे सड़कों पर गड्ढे हैं। दीवारें भी जगह-जगह से क्रेक हैं। शौचालय खंडहर जैसा है। वर्ष 2007 में बना जूनियर विद्यालय सुखारी छपरा का भवन भी जर्जर हो गया है। कमरों में खिड़की तो है, लेकिन उनमें दरवाजे नहीं हैं। कमरों की हालत ऐसी हो गई है कि विद्यार्थी उसमें बैठने से डरते हैं।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय दोकरी के कक्षा पांचवीं के छात्र रवि किशन ने बताया कि स्कूल में शौचालय नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर घर या तो खेत में जाना पड़ता है। कक्षा चार की छात्रा पुष्पा ने बताया कि विद्यालय के कमरों में खिड़की न होने से लोग कबाड़ बाहर से फेंक देते हैं। सांप भी निकलते हैं। जूनियर विद्यालय सुखारी छपरा के आठवीं के छात्र राजन ने बताया कि विद्यालय में फर्श की जगह सिर्फ ईंट के टुकड़े और रेत फैली है।
प्राथमिक विद्यालय दोकरी के प्रधानाध्यापक अवधेश प्रसाद ने बताया कि शौचालय निर्माण और फर्श की मरम्मत के लिए प्रधान से बात हुई है। जूनियर विद्यालय सुखारी छपरा के प्रधानाध्यापक नसीरूल्ला विद्यालय की स्थिति से विभाग को अवगत कराया गया है। बजट का इंतजाम होते ही मरम्मत करा दी जाएगी।
विज्ञापन
पकड़ियार बाजार(कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प लिए जमकर रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन इनकी तस्वीर नहीं बदल सकी है। प्राथमिक विद्यालय दोकरी और जूनियर विद्यालय सुखारी छपरा में जर्जर भवन में विद्यार्थी पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
विद्यालय में शौचालय की व्यवस्था न होने से विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ता है। फर्श भी टूटे हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि विद्यालय की सूरत बदलने के लिए पत्राचार किया गया है।
विज्ञापन
ग्राम सभा टेढ़ी के दोकरी टोले में वर्ष 2012 में बने प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। कमरों की हालत देखकर लगता है कि जैसे सड़कों पर गड्ढे हैं। दीवारें भी जगह-जगह से क्रेक हैं। शौचालय खंडहर जैसा है। वर्ष 2007 में बना जूनियर विद्यालय सुखारी छपरा का भवन भी जर्जर हो गया है। कमरों में खिड़की तो है, लेकिन उनमें दरवाजे नहीं हैं। कमरों की हालत ऐसी हो गई है कि विद्यार्थी उसमें बैठने से डरते हैं।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय दोकरी के कक्षा पांचवीं के छात्र रवि किशन ने बताया कि स्कूल में शौचालय नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर घर या तो खेत में जाना पड़ता है। कक्षा चार की छात्रा पुष्पा ने बताया कि विद्यालय के कमरों में खिड़की न होने से लोग कबाड़ बाहर से फेंक देते हैं। सांप भी निकलते हैं। जूनियर विद्यालय सुखारी छपरा के आठवीं के छात्र राजन ने बताया कि विद्यालय में फर्श की जगह सिर्फ ईंट के टुकड़े और रेत फैली है।
प्राथमिक विद्यालय दोकरी के प्रधानाध्यापक अवधेश प्रसाद ने बताया कि शौचालय निर्माण और फर्श की मरम्मत के लिए प्रधान से बात हुई है। जूनियर विद्यालय सुखारी छपरा के प्रधानाध्यापक नसीरूल्ला विद्यालय की स्थिति से विभाग को अवगत कराया गया है। बजट का इंतजाम होते ही मरम्मत करा दी जाएगी।