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Kushinagar News: एक हाथ में स्टीयरिंग, दूसरे में फोन....बज रही भोजपुरिया टोन
Mon, 14 Jul 2025 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 14 Jul 2025 11:40 PM IST
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गुरवलिया बाजार/कुशीनगर। राष्ट्रीय राजमार्ग 28 स्थित बगही कुटी में हुए सड़क हादसे में चार की जान चली गई। इस हादसे की वजह ट्रैक्टर-ट्रॉली बनी। ट्रैक्टर चालक की लापरवाही के बाद न केवल ओवरलोडिंग और खनन पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि इन ट्रैक्टर के गैर जिम्मेदार व नाबालिग ड्राइवरों की लापरवाही पर लोग मुखर हो गए हैं।
हादसे के बाद सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को देखा गया तो अधिकांश चालक या तो कान में इयरफोन, हाथों में फोन लिए एक हाथ से स्टीयरिंग संभाले हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, उनके ट्रैक्टर की सीट के बगल में लगे स्पीकर में तेज आवाज में बज रहे भोजपुरी गानों की आवाज में हॉर्न की आवाज गुम हो जा रही है। ऐसे में सड़क हादसे हो रहे हैं और इसमें लोगों की जान जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन कोई एक्शन क्यों नहीं लेता। बाबाधाम से जलाभिषेक कर लौट रहे कावड़ियों की कार रविवार को पटहेरवा क्षेत्र के बगही के पास मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्राॅली में पीछे से टकरा गई। इसमें पीछे की सीट पर बैठे चार कावड़ियों की मौत हो गई। हाईवे पर तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली की लापरवाही से यह पहला हादसा नहीं था। इससे पहले भी ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों की लापरवाही से कार सवार, बाइक सवार जान गंवाते रहे हैं।
दरअसल, ट्रैक्टर मालिक यह सोचते हैं कि उन्हें इन गाड़ियों के अच्छे ड्राइवर के लिए अधिक रुपये देने होंगे, इसलिए वह ऐसे लड़कों को खोजते हैं जो कम दाम में गाड़ियां भी चला लें और अतिरिक्त कार्य भी कर लें। रविवार हादसे के बाद सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग के हाटा से लेकर कसया, फाजिलनगर, तमकुही तो मुख्य जिला मार्ग कसया सेवरही, समउर पटहेरवा वाया पडरौना, तमकुही दुदही वाया पडरौना आदि सड़कों पर ऐसे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राॅलियां दिखीं।
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हादसे के बाद सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को देखा गया तो अधिकांश चालक या तो कान में इयरफोन, हाथों में फोन लिए एक हाथ से स्टीयरिंग संभाले हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, उनके ट्रैक्टर की सीट के बगल में लगे स्पीकर में तेज आवाज में बज रहे भोजपुरी गानों की आवाज में हॉर्न की आवाज गुम हो जा रही है। ऐसे में सड़क हादसे हो रहे हैं और इसमें लोगों की जान जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन कोई एक्शन क्यों नहीं लेता। बाबाधाम से जलाभिषेक कर लौट रहे कावड़ियों की कार रविवार को पटहेरवा क्षेत्र के बगही के पास मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्राॅली में पीछे से टकरा गई। इसमें पीछे की सीट पर बैठे चार कावड़ियों की मौत हो गई। हाईवे पर तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली की लापरवाही से यह पहला हादसा नहीं था। इससे पहले भी ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों की लापरवाही से कार सवार, बाइक सवार जान गंवाते रहे हैं।
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दरअसल, ट्रैक्टर मालिक यह सोचते हैं कि उन्हें इन गाड़ियों के अच्छे ड्राइवर के लिए अधिक रुपये देने होंगे, इसलिए वह ऐसे लड़कों को खोजते हैं जो कम दाम में गाड़ियां भी चला लें और अतिरिक्त कार्य भी कर लें। रविवार हादसे के बाद सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग के हाटा से लेकर कसया, फाजिलनगर, तमकुही तो मुख्य जिला मार्ग कसया सेवरही, समउर पटहेरवा वाया पडरौना, तमकुही दुदही वाया पडरौना आदि सड़कों पर ऐसे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राॅलियां दिखीं।
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