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प्रतिभाओं को मंच मिला तो बांधा समा
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तुर्कपट्टी में आयोजित कुशीनगर महोत्सव के समापन पर कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : KUSHINAGAR
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प्रतिभाओं को मंच मिला तो बांधा समा
तुर्कपट्टी। पांच दिनों तक चले कुशीनगर महोत्सव में भगवान सूर्य की नगरी तुर्कपट्टी पूरी तरह गुलजार रही। यहां एक से बढ़कर एक राजनैतिक और खेल जगत की हस्तियां पहुंचीं और कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले तथा आयोजक की कार्यकुशलता की सराहना की। रविवार को कार्यक्रम के समापन के दिन भी युवा कलाकारों ने अपने हुनर के बलबूते लोगों से खूब तालियां बटोरीं।
इस महोत्सव में कलाकारों की प्रतिभा को मिला मंच तो उनके चेहरे खिल उठे। लगातार छह वर्षों से आयोजित हो रहा कुशीनगर महोत्सव स्थानीय युवा वर्ग कभी रोमांचित तो कभी सीखने और समझने का कौशल भी दे रहा है। गायन, विभिन्न प्रकार के नृत्य, बालीबाल, फुटबॉल सभी आयोजनों में उत्कृष्ट प्रस्तुति से युवकों में एक नई ऊर्जा और कुछ कर गुजरने का संकल्प दे रहा है।कुशीनगर मंच की देन है कि सात वर्षीया स्वरा त्रिपाठी के कत्थक, लोकनृत्य से स्थानीय बेटियों को भी प्रेरणा मिल रही है। स्वरा अब तक 725 मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। स्थानीय स्तर पर गायन के क्षेत्र में अपना नाम रौशन कर रहे दिव्यांश मिश्र को जैसे ही कुशीनगर महोत्सव का मंच मिला, उनकी प्रतिभा ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खासकर उनके गाये सूफियाना गीत दमा दम मस्त कलन्दर,,, ने मदन राय जैसे बड़े गायक को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। निप्पू यादव के लोकगीत फेकिं दिहले थरिया,बलम गइले धनिया,,,,लोकगीत ने भोजपुरी माटी के लोगों को जोड़ रहा था। इसी प्रकार आरएन और कादिर नाम के कुशीनगर के दो युवकों को महोत्सव का बड़ा मंच क्या मिला, अपने तेज और आकर्षक नृत्य अपने उज्ज्वल भविष्य का परिचय दे दिया। इंटर कालेज तुर्कपट्टी के परिसर में चले तीन दिवसीय महिला बालीबाल प्रतियोगिता हो या तमकुही मैदान पर आयोजित राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता ने एक बड़े दर्शक वर्ग को इस खेल की बारीकियों को सीखा गया। सबसे अधिक रोमांच तब पैदा हुआ जब गत वर्ष गज नृत्य लेकर आये गोरखपुर के एक कलाकार की प्रेरणा से स्थानीय युवक ने अपने हाथी को हिदी गानों पर नृत्य कराकर कुशीनगर महोत्सव की सार्थकता बता दी। क्षेत्रीय विधायक गंगा सिंह कुशवाहा,भाजपा नेता दुर्गेश राय,जितन्द्र राव की मानें तो महोत्सव में स्थानीय युवकों के प्रदर्शन ने यह बता दिया कि बेहतर कहीं हो रहा हो तो प्रतिभा सामने आ ही जाती है। छात्रा सरिता सिंह, गिरजा गुप्ता, प्रिंसी शाही, आसमा खातून ने बताया कि महोत्सव से काफी कुछ सीखने को मिला। खासकर बालीबाल खेल रही हमारी बहने हमें बेहतर करने की प्रेरणा दे गईं।
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तुर्कपट्टी। पांच दिनों तक चले कुशीनगर महोत्सव में भगवान सूर्य की नगरी तुर्कपट्टी पूरी तरह गुलजार रही। यहां एक से बढ़कर एक राजनैतिक और खेल जगत की हस्तियां पहुंचीं और कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले तथा आयोजक की कार्यकुशलता की सराहना की। रविवार को कार्यक्रम के समापन के दिन भी युवा कलाकारों ने अपने हुनर के बलबूते लोगों से खूब तालियां बटोरीं।
इस महोत्सव में कलाकारों की प्रतिभा को मिला मंच तो उनके चेहरे खिल उठे। लगातार छह वर्षों से आयोजित हो रहा कुशीनगर महोत्सव स्थानीय युवा वर्ग कभी रोमांचित तो कभी सीखने और समझने का कौशल भी दे रहा है। गायन, विभिन्न प्रकार के नृत्य, बालीबाल, फुटबॉल सभी आयोजनों में उत्कृष्ट प्रस्तुति से युवकों में एक नई ऊर्जा और कुछ कर गुजरने का संकल्प दे रहा है।कुशीनगर मंच की देन है कि सात वर्षीया स्वरा त्रिपाठी के कत्थक, लोकनृत्य से स्थानीय बेटियों को भी प्रेरणा मिल रही है। स्वरा अब तक 725 मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। स्थानीय स्तर पर गायन के क्षेत्र में अपना नाम रौशन कर रहे दिव्यांश मिश्र को जैसे ही कुशीनगर महोत्सव का मंच मिला, उनकी प्रतिभा ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खासकर उनके गाये सूफियाना गीत दमा दम मस्त कलन्दर,,, ने मदन राय जैसे बड़े गायक को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। निप्पू यादव के लोकगीत फेकिं दिहले थरिया,बलम गइले धनिया,,,,लोकगीत ने भोजपुरी माटी के लोगों को जोड़ रहा था। इसी प्रकार आरएन और कादिर नाम के कुशीनगर के दो युवकों को महोत्सव का बड़ा मंच क्या मिला, अपने तेज और आकर्षक नृत्य अपने उज्ज्वल भविष्य का परिचय दे दिया। इंटर कालेज तुर्कपट्टी के परिसर में चले तीन दिवसीय महिला बालीबाल प्रतियोगिता हो या तमकुही मैदान पर आयोजित राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता ने एक बड़े दर्शक वर्ग को इस खेल की बारीकियों को सीखा गया। सबसे अधिक रोमांच तब पैदा हुआ जब गत वर्ष गज नृत्य लेकर आये गोरखपुर के एक कलाकार की प्रेरणा से स्थानीय युवक ने अपने हाथी को हिदी गानों पर नृत्य कराकर कुशीनगर महोत्सव की सार्थकता बता दी। क्षेत्रीय विधायक गंगा सिंह कुशवाहा,भाजपा नेता दुर्गेश राय,जितन्द्र राव की मानें तो महोत्सव में स्थानीय युवकों के प्रदर्शन ने यह बता दिया कि बेहतर कहीं हो रहा हो तो प्रतिभा सामने आ ही जाती है। छात्रा सरिता सिंह, गिरजा गुप्ता, प्रिंसी शाही, आसमा खातून ने बताया कि महोत्सव से काफी कुछ सीखने को मिला। खासकर बालीबाल खेल रही हमारी बहने हमें बेहतर करने की प्रेरणा दे गईं।
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