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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से कसया के कारसेवकों में उत्साह
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से कसया के कारसेवकों में उत्साह
कसया। राम मंदिर निर्माण के लिए पांच अगस्त को प्रधानमंत्री के हाथों होने वाले भूमि पूजन को लेकर कारसेवकों में उत्साह है। श्री राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में कुशीनगर के स्वयंसेवकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। वर्ष 1992 में हुए आंदोलन के दौरान कसया में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की गिरफ्तारी हुई थी। सूर्यप्रताप शाही की अगुवाई में लोगों ने गिरफ्तारी दी थी। संख्या अधिक होने से देवरिया में सब्जी मंडी को ही जेल बनाना पड़ा था।
श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में शामिल रहे स्वयंसेवक सुरेश प्रसाद गुप्त संघर्ष की तस्वीर बयां करते हुए कहते हैं कि नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में स्वयंसेवकों का जत्था एकत्र हुआ, वहां से जय श्रीराम का जयघोष करते हुए गोरखपुर मार्ग स्थित बस स्टेशन पहुंचा। आंदोलन के दूसरे दिन सूर्य प्रताप शाही की अगुवाई में जेल भरो आंदोलन में सैकड़ों की तादाद में रामभक्तों ने गिरफ्तारी दी थी। इस बीच पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम व नागालैंड से आ रहे रामभक्तों को भी यहीं रोककर गिरफ्तार किया गया था। देवरिया जेल में जगह नहीं बची तो सब्जी मंडी को जेल बनाना पड़ा।
केदारनाथ गुप्त, गुलाब पाठक, ओमप्रकाश जायसवाल, चंद्रभान गुप्त, रमेश मद्धेशिया, बृजकिशोर जायसवाल, कंटू मद्धेशिया, चंद्रिका मद्धेशिया, हरिश्चंद्र मद्धेशिया आदि लोगों का जत्था अयोध्या तक पहुंचा और जन्मभूमि के पास ऊँ लिखा केसरिया झंडा फहराया था। राम मंदिर का निर्माण शुरू होने की तारीख नजदीक आने पर इन सभी स्वयंसेवकों के चेहरे प्रफुल्लित हैं।
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कसया। राम मंदिर निर्माण के लिए पांच अगस्त को प्रधानमंत्री के हाथों होने वाले भूमि पूजन को लेकर कारसेवकों में उत्साह है। श्री राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में कुशीनगर के स्वयंसेवकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। वर्ष 1992 में हुए आंदोलन के दौरान कसया में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की गिरफ्तारी हुई थी। सूर्यप्रताप शाही की अगुवाई में लोगों ने गिरफ्तारी दी थी। संख्या अधिक होने से देवरिया में सब्जी मंडी को ही जेल बनाना पड़ा था।
श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में शामिल रहे स्वयंसेवक सुरेश प्रसाद गुप्त संघर्ष की तस्वीर बयां करते हुए कहते हैं कि नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में स्वयंसेवकों का जत्था एकत्र हुआ, वहां से जय श्रीराम का जयघोष करते हुए गोरखपुर मार्ग स्थित बस स्टेशन पहुंचा। आंदोलन के दूसरे दिन सूर्य प्रताप शाही की अगुवाई में जेल भरो आंदोलन में सैकड़ों की तादाद में रामभक्तों ने गिरफ्तारी दी थी। इस बीच पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम व नागालैंड से आ रहे रामभक्तों को भी यहीं रोककर गिरफ्तार किया गया था। देवरिया जेल में जगह नहीं बची तो सब्जी मंडी को जेल बनाना पड़ा।
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केदारनाथ गुप्त, गुलाब पाठक, ओमप्रकाश जायसवाल, चंद्रभान गुप्त, रमेश मद्धेशिया, बृजकिशोर जायसवाल, कंटू मद्धेशिया, चंद्रिका मद्धेशिया, हरिश्चंद्र मद्धेशिया आदि लोगों का जत्था अयोध्या तक पहुंचा और जन्मभूमि के पास ऊँ लिखा केसरिया झंडा फहराया था। राम मंदिर का निर्माण शुरू होने की तारीख नजदीक आने पर इन सभी स्वयंसेवकों के चेहरे प्रफुल्लित हैं।
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