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Kushinagar News: हरि नाम के स्मरण मात्र से होता है पापों का नाश
Fri, 01 May 2026 01:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 01 May 2026 01:56 AM IST
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फाजिलनगर। क्षेत्र के वरदहा बाजार के परासर वाटिका में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा वाचक ने राजा परीक्षित मोक्ष और भगवान नाम की महिमा की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि हरि नाम के स्मरण मात्र से जीवन के सभी पापों का नाश हो जाता है।
कथा वाचक पंडित श्याम उपाध्याय ने कहा कि राजा परीक्षित को जब अपने मृत्यु का आभास हुआ, तब उन्होंने सांसारिक मोह-माया का त्याग कर सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। कथा श्रवण के प्रभाव से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी ईश्वर की शरण में जाने से कल्याण संभव है। कलयुग में भगवान का नाम ही मोक्ष का सबसे सरल और प्रभावी साधन है। केवल हरि नाम के स्मरण मात्र से मनुष्य के पापों का नाश होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से भगवान का नाम जपने और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इसके पहले यजमान जनार्दन उपाध्याय ने व्यास पीठ का पूजन कर कथा का शुभारंभ कराया।
इस दौरान अजय उपाध्याय, दिनेश्वर मिश्रा, हरिवंश सिंह, विपुल उपाध्याय, रामाशीष सिंह, मंशा उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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कथा वाचक पंडित श्याम उपाध्याय ने कहा कि राजा परीक्षित को जब अपने मृत्यु का आभास हुआ, तब उन्होंने सांसारिक मोह-माया का त्याग कर सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। कथा श्रवण के प्रभाव से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी ईश्वर की शरण में जाने से कल्याण संभव है। कलयुग में भगवान का नाम ही मोक्ष का सबसे सरल और प्रभावी साधन है। केवल हरि नाम के स्मरण मात्र से मनुष्य के पापों का नाश होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से भगवान का नाम जपने और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इसके पहले यजमान जनार्दन उपाध्याय ने व्यास पीठ का पूजन कर कथा का शुभारंभ कराया।
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इस दौरान अजय उपाध्याय, दिनेश्वर मिश्रा, हरिवंश सिंह, विपुल उपाध्याय, रामाशीष सिंह, मंशा उपाध्याय आदि मौजूद रहे।