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कार्रवाई की जद में कई सपा कार्यकर्ता
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Mon, 28 Dec 2015 11:53 PM IST
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पडरौना। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही सपा में गुटबंदी तेज होने और पार्टी नेतृत्व की तरफ से कुछ लोगों को निष्कासित किए जाने के बाद सोमवार को अटकलें भी लगने लगीं हैं कि अभी और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि जिलाध्यक्ष और अन्य जिम्मेदार लोग जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी की तरफ से घोषित प्रत्याशी का समर्थन नहीं करने वालों को अंदर ही अंदर समझाने में जुटे हैं ताकि गुटबंदी का लाभ कोई और न उठा ले। सपा नेतृत्व की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भागीदारी के लिए हरीश राणा को प्रत्याशी घोषित किया गया है। बसपा ने ममता चौधरी के नाम की घोषणा की है जबकि भाजपा और कांग्रेस ने अभी पत्ता नहीं खोला है। उधर, प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद से ही सपा में गुटबंदी तेज हो गई थी।
एक गुट पार्टी की तरफ से घोषित प्रत्याशी को किसी भी हाल में जिला पंचायत की कुर्सी पर काबिज नहीं होने देना चाहता, जबकि दूसरा गुट अंदर ही अंदर किसी और को मैदान में उतारकर कुर्सी पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहा है। सपा की गुटबंदी को भाजपा के कुछ लोगों की तरफ से हवा दी जा रही है।
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उधर, घोषित प्रत्याशी को समर्थन की बजाय गुटबंदी तेज होने की जानकारी मिलने पर पार्टी नेतृत्व ने पार्टी की फाजिलनगर विधानसभा इकाई के अध्यक्ष विजय यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवनाथ यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया। यही नहीं, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल को भी अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर इन्हें भी पार्टी से निष्कासित किए जाने की चेतावनी दी गई है। दो लोगों को निष्कासित किए जाने और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष को नोटिस जारी होने की जानकारी पार्टी नेतृत्व की तरफ से दिए जाने की पुष्टि सपा जिलाध्यक्ष रामअवध यादव ने भी की।
उन्होंने बताया कि वह उन लोगों को समझाने का कुछ दिन से प्रयास कर रहे हैं, जिनके बारे में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए घोषित प्रत्याशी का समर्थन नहीं किए जाने की जानकारी मिली। जिलाध्यक्ष के इस बयान से यह अटकलें भी लगने लगी हैं कि पार्टी नेतृत्व अभी कुछ और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
उधर, पार्टी से निष्कासित विजय यादव ने कहा कि उन्हें पार्टी नेतृत्व के निर्णय की जानकारी है। उन्होंने कहा कि उन्हें निष्कासित करके पार्टी ने एक समर्पित कार्यकर्ता को खो दिया है। जबकि शिवनाथ यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए वह इस तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। सपा से निष्कासित किए जाने का उन्हें कोई गम नहीं है।
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हालांकि जिलाध्यक्ष और अन्य जिम्मेदार लोग जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी की तरफ से घोषित प्रत्याशी का समर्थन नहीं करने वालों को अंदर ही अंदर समझाने में जुटे हैं ताकि गुटबंदी का लाभ कोई और न उठा ले। सपा नेतृत्व की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भागीदारी के लिए हरीश राणा को प्रत्याशी घोषित किया गया है। बसपा ने ममता चौधरी के नाम की घोषणा की है जबकि भाजपा और कांग्रेस ने अभी पत्ता नहीं खोला है। उधर, प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद से ही सपा में गुटबंदी तेज हो गई थी।
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एक गुट पार्टी की तरफ से घोषित प्रत्याशी को किसी भी हाल में जिला पंचायत की कुर्सी पर काबिज नहीं होने देना चाहता, जबकि दूसरा गुट अंदर ही अंदर किसी और को मैदान में उतारकर कुर्सी पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहा है। सपा की गुटबंदी को भाजपा के कुछ लोगों की तरफ से हवा दी जा रही है।
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उधर, घोषित प्रत्याशी को समर्थन की बजाय गुटबंदी तेज होने की जानकारी मिलने पर पार्टी नेतृत्व ने पार्टी की फाजिलनगर विधानसभा इकाई के अध्यक्ष विजय यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवनाथ यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया। यही नहीं, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल को भी अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर इन्हें भी पार्टी से निष्कासित किए जाने की चेतावनी दी गई है। दो लोगों को निष्कासित किए जाने और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष को नोटिस जारी होने की जानकारी पार्टी नेतृत्व की तरफ से दिए जाने की पुष्टि सपा जिलाध्यक्ष रामअवध यादव ने भी की।
उन्होंने बताया कि वह उन लोगों को समझाने का कुछ दिन से प्रयास कर रहे हैं, जिनके बारे में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए घोषित प्रत्याशी का समर्थन नहीं किए जाने की जानकारी मिली। जिलाध्यक्ष के इस बयान से यह अटकलें भी लगने लगी हैं कि पार्टी नेतृत्व अभी कुछ और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
उधर, पार्टी से निष्कासित विजय यादव ने कहा कि उन्हें पार्टी नेतृत्व के निर्णय की जानकारी है। उन्होंने कहा कि उन्हें निष्कासित करके पार्टी ने एक समर्पित कार्यकर्ता को खो दिया है। जबकि शिवनाथ यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए वह इस तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। सपा से निष्कासित किए जाने का उन्हें कोई गम नहीं है।