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जिला कारागार के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आने की जगी उम्मीद
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जिला कारागार के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आने की जगी उम्मीद
लमुहा, भटवलिया, केवलछपरा और मजरा केवलछपरा में हुई है जमीन की रजिस्ट्री
पडरौना। लगभग एक साल से ठप पड़े जिला कारागार के निर्माण की प्रक्रिया में अब तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। विभाग की माने तो जिला कारागार के लिए दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री ही बाकी है, जिसके चलते निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। इस कार्य को पूर्ण कराने के निमित्त ही देवरिया के जेल अधीक्षक कुशीनगर के सदर तहसील क्षेत्र में खरीदी गई भूमि का अवलोकन कर चुके हैं।
जनपद सृजन के 28 वर्ष बीतने के बाद भी कुशीनगर में जिला कारागार नहीं बन सका है। हालांकि, इसके लिए पडरौना तहसील क्षेत्र के लमुहा गांव में किसानों से 18.333 हेक्टेयर, भटवलिया में 2.172 हेक्टेयर, मजरा केवल छपरा में 3.762 हेक्टेयर और केवल छपरा में किसानों से 0.393 हेक्टेयर सहित कुल 327 किसानों से 24.66 हेक्टेयर जमीन सहमति के आधार पर रजिस्ट्री करा ली गई है। सिर्फ दो हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री बाकी रह गई है। वह जमीन सिंचाई और पीडब्ल्यूडी की बताई जा रही है। उसके बाद जिला कारागार के नाम से जमीन का हस्तांतरण होना है। अभी तक जमीन का अधिग्रहण भी नहीं हो पाया है, जिससे किसान अब भी इस भूखंड पर खेती कर रहे हैं। जिला कारागार न बन पाने के कारण जनपद के कैदियों को देवरिया जेल में रखना पड़ता है। पेशी पर लाने और ले जाने में काफी परेशानी होती है। इसी तरह कैदियों के परिजनों को भी उनसे मिलने के लिए दूर जाना पड़ता है। इधर, लगभग एक साल से जिला कारागार के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं हो पाया। देवरिया के नए जेल अधीक्षक ने सोमवार को प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया तथा इसके बारे में जानकारी ली।
देवरिया के जेल अधीक्षक बीएन मिश्र ने बताया कि यहां जिला कारागार निर्माण की दिशा में एक साल से कोई सार्थक प्रयास नहीं हो पाया था। दो हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री होनी बाकी है। इस कार्य को अतिशीघ्र पूरा कराया जाएगा। इस बारे में जानकारी ली गई। लेआउट प्लान बनाकर शासन-प्रशासन को भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।
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लमुहा, भटवलिया, केवलछपरा और मजरा केवलछपरा में हुई है जमीन की रजिस्ट्री
पडरौना। लगभग एक साल से ठप पड़े जिला कारागार के निर्माण की प्रक्रिया में अब तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। विभाग की माने तो जिला कारागार के लिए दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री ही बाकी है, जिसके चलते निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। इस कार्य को पूर्ण कराने के निमित्त ही देवरिया के जेल अधीक्षक कुशीनगर के सदर तहसील क्षेत्र में खरीदी गई भूमि का अवलोकन कर चुके हैं।
जनपद सृजन के 28 वर्ष बीतने के बाद भी कुशीनगर में जिला कारागार नहीं बन सका है। हालांकि, इसके लिए पडरौना तहसील क्षेत्र के लमुहा गांव में किसानों से 18.333 हेक्टेयर, भटवलिया में 2.172 हेक्टेयर, मजरा केवल छपरा में 3.762 हेक्टेयर और केवल छपरा में किसानों से 0.393 हेक्टेयर सहित कुल 327 किसानों से 24.66 हेक्टेयर जमीन सहमति के आधार पर रजिस्ट्री करा ली गई है। सिर्फ दो हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री बाकी रह गई है। वह जमीन सिंचाई और पीडब्ल्यूडी की बताई जा रही है। उसके बाद जिला कारागार के नाम से जमीन का हस्तांतरण होना है। अभी तक जमीन का अधिग्रहण भी नहीं हो पाया है, जिससे किसान अब भी इस भूखंड पर खेती कर रहे हैं। जिला कारागार न बन पाने के कारण जनपद के कैदियों को देवरिया जेल में रखना पड़ता है। पेशी पर लाने और ले जाने में काफी परेशानी होती है। इसी तरह कैदियों के परिजनों को भी उनसे मिलने के लिए दूर जाना पड़ता है। इधर, लगभग एक साल से जिला कारागार के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं हो पाया। देवरिया के नए जेल अधीक्षक ने सोमवार को प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया तथा इसके बारे में जानकारी ली।
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देवरिया के जेल अधीक्षक बीएन मिश्र ने बताया कि यहां जिला कारागार निर्माण की दिशा में एक साल से कोई सार्थक प्रयास नहीं हो पाया था। दो हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री होनी बाकी है। इस कार्य को अतिशीघ्र पूरा कराया जाएगा। इस बारे में जानकारी ली गई। लेआउट प्लान बनाकर शासन-प्रशासन को भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।
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