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शहर और गांव के बीच में फंसा जगदीशपुरम

Thu, 27 Apr 2017 11:46 PM IST
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 27 Apr 2017 11:46 PM IST
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Jagdishpuram caught between city and village
गंदगी फैली हुई। - फोटो : अमर उजाला
 नगर से सटा एक ऐसा भी मुहल्ला है, इसमें शिक्षक, डॉक्टर, अधिवक्ता सहित विभिन्न वर्गों के लोग निवास करते है, लेकिन वर्षों पूर्व बसे इस मुहल्ले को नगरपालिका में शामिल नहीं किया गया। नए परिसीमन में पांच किलोमीटर दूरी तक के गांव शहर में सम्मिलित किए गए, बावजूद इसके यह जगदीशपुरम कॉलोनी मुहल्ला पडरौना नगरपालिका में शामिल नहीं किया जा सका। आज भी मुहल्ले के लोग पक्की सड़क, जलनिकासी और समुचित बिजली व्यवस्था के मोहताज हैं।      
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जगदीशपुरम कॉलोनी पंद्रह वर्ष पूर्व ही वजूद में आ गई थी। यह पडरौना नगरपालिका क्षेत्र से सटे होने के कारण नगर में शामिल होने की उम्मीद में लोगों ने जमीनें खरीदीं और घर बनवाते गए। उन्हें उम्मीद थी कि कभी न कभी यह नगरपालिका क्षेत्र में अवश्य ही सम्मिलित किया जाएगा और मुहल्लेवासियों को शहरी क्षेत्र की सुविधाएं मिलने लगेंगी। यह उम्मीद इस बार फिर धूमिल हो गई। दूरदराज के गांवों को शामिल तो कर लिया गया, लेकिन इस मुहल्ले का कहीं उल्लेख नहीं आया।      
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इस मुहल्ले में निवास करने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक बृज किशोर पांडेय और पूर्व प्रधानाचार्य वीरेंद्र दुबे बताते हैं कि यह न तो शहरी क्षेत्र में गिना जाता है और न ही ग्रामीण क्षेत्र में। लिहाजा मुहल्ले की सड़कें आज भी कच्ची हैं। बारिश होने पर इस मुहल्ले में दाखिल होना मुश्किल हो जाता है। नालियों की सफ ाई नहीं होती, जिससे घरों का गंदा पानी नालियों के रास्ते सड़क पर बहता रहता है।       
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भूपकिशोर सिंह, आनंद मिश्रा, शौकत अली, रामनरेश सिंह कहते हैं कि मुहल्लेवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसते हैं। उपभोक्ताओं को बिजली का कनेक्शन देने के लिए पोल नहीं लगाए गए हैं। मुहल्लेवासियों को दूर से ही केबिल के माध्यम से कनेक्शन लेना पड़ा है।      

नवीन, विशाल शुक्ला, पीयूष मिश्रा, विपिन तिवारी, दिवाकर चौबे कहते हैं कि बिजली विभाग आज भी इस मुहल्ले को ग्रामीण क्षेत्र में मानकर ही आपूर्ति करता है। एक उपभोक्ता के घर में ही ट्रांसफार्मर लगा है। इससे वहां हर वक्त खतरा बना रहता है। इस बार परिसीमन के बाद भी यह गांव नगरपालिका क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया गया। इससे मुहल्लेवासियों को काफ ी निराशा हुई है।      
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