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गंदगी के बीच खड़ा होकर पकड़ना पड़ता बस
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sat, 20 Jan 2018 11:22 PM IST
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गंदगी
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। यात्री प्रतीक्षालय ऐसा कि वहां पर बैठकर इंतजार नहीं किया जा सकता। गंदगी चारों तरफ फैली रहती है, जिससे वहां पर खड़ा होना मुश्किल रहता है। गंदगी के बीच ही खड़ा होकर लोगों को बस पकड़ना पड़ता है। शाम को यदि किसी को अपने गतंव्य को जाना हो तो कोई बस की सुविधा नहीं। ऐसे में यात्री को किसी होटल का ही सहारा लेना पड़ता है। यह स्थिति है पडरौना के सुभाष चौक स्थित रोडवेज बस स्टेशन की, जहां असुविधाओं के यात्री परेशान रहते हैं। यहां बस स्टेशन परिसर में हर वक्त सूअर घूमते रहते हैं।
शहर में कई दशक पहले बस स्टेशन बना था। जिला बनने के बाद इसकी स्थिति में सुधार होने की उम्मीद थी लेकिन जगह कम होने के चलते यहां का बस डिपो नगर से सटे छावनी मुहल्ले के पास बन गया। इसके बाद बस स्टेशन पर किसी का ध्यान नहीं है, जबकि सभी बसों का संचालन यहीं से होता है। स्थिति यह है कि बस स्टेशन पर बसों के संचालन की सूचना के लिए उद्घोषक तक नहीं हैं। यात्रियों को बस चालकों या फिर स्टेशन परिसर से सटे दुकानदारों से बसों के आवागमन की जानकारी लेनी पड़ती है। बरसात होने पर स्टेशन परिसर में जल भराव हो जाता है। पेयजल के लिए लगाए गए तीन इंडिया मार्का हैंडपंप में से एक खराब है, तो दो हैंडपंप दूषित पानी देते हैं।
जिला बनने के 24 वर्ष बाद भी पडरौना बस स्टेशन से गोरखपुर जाने के लिए शाम सात बजे के बाद कोई बस उपलब्ध नहीं है। शाम को गोरखपुर से आने वाली अनुबंधित बसें यदा कदा सवारियों की भीड़ होने पर ही गोरखपुर के लिए जाती हैं। जिले के कई अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के लिए भी यहां से शाम को कोई बस नहीं मिलती। पड़ोसी जनपद महराजगंज के लिए भी पडरौना से कोई बस नहीं आती-जाती।
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पडरौना डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुहैल अहमद ने बताया कि सुबह पांच बजे से लेकर शाम के सात बजे तक यहां से गोरखपुर, देवरिया के लिए बस मिलती है। बैठने के लिए अंदर व्यवस्था है, लेकिन रैन बसेरा बन जाने से यात्रियों को दिक्कत हो रही है। उद्घोषक की मांग विभाग से की गई है। जल्द ही इन समस्याओं का समाधान हो जाएगा। वहीं पडरौना बस स्टेशन अधीक्षक रामचंद्र दूबे का कहना था कि बस परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ था, नगर पालिका के कर्मचारियों से संपर्क कर साफ-सफाई कराई जा रही है। जल्दी ही अन्य दिक्कतें भी दूर करा दी जाएंगी।
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शहर में कई दशक पहले बस स्टेशन बना था। जिला बनने के बाद इसकी स्थिति में सुधार होने की उम्मीद थी लेकिन जगह कम होने के चलते यहां का बस डिपो नगर से सटे छावनी मुहल्ले के पास बन गया। इसके बाद बस स्टेशन पर किसी का ध्यान नहीं है, जबकि सभी बसों का संचालन यहीं से होता है। स्थिति यह है कि बस स्टेशन पर बसों के संचालन की सूचना के लिए उद्घोषक तक नहीं हैं। यात्रियों को बस चालकों या फिर स्टेशन परिसर से सटे दुकानदारों से बसों के आवागमन की जानकारी लेनी पड़ती है। बरसात होने पर स्टेशन परिसर में जल भराव हो जाता है। पेयजल के लिए लगाए गए तीन इंडिया मार्का हैंडपंप में से एक खराब है, तो दो हैंडपंप दूषित पानी देते हैं।
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जिला बनने के 24 वर्ष बाद भी पडरौना बस स्टेशन से गोरखपुर जाने के लिए शाम सात बजे के बाद कोई बस उपलब्ध नहीं है। शाम को गोरखपुर से आने वाली अनुबंधित बसें यदा कदा सवारियों की भीड़ होने पर ही गोरखपुर के लिए जाती हैं। जिले के कई अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के लिए भी यहां से शाम को कोई बस नहीं मिलती। पड़ोसी जनपद महराजगंज के लिए भी पडरौना से कोई बस नहीं आती-जाती।
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पडरौना डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुहैल अहमद ने बताया कि सुबह पांच बजे से लेकर शाम के सात बजे तक यहां से गोरखपुर, देवरिया के लिए बस मिलती है। बैठने के लिए अंदर व्यवस्था है, लेकिन रैन बसेरा बन जाने से यात्रियों को दिक्कत हो रही है। उद्घोषक की मांग विभाग से की गई है। जल्द ही इन समस्याओं का समाधान हो जाएगा। वहीं पडरौना बस स्टेशन अधीक्षक रामचंद्र दूबे का कहना था कि बस परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ था, नगर पालिका के कर्मचारियों से संपर्क कर साफ-सफाई कराई जा रही है। जल्दी ही अन्य दिक्कतें भी दूर करा दी जाएंगी।