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कुशीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए अभी करना पड़ेगा लंबा इंतजार
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अंतरराष्ट्रीय एयर पोर्ट का दर्जामिलने पर पकड़ियार बाजार में सांसद विजय कुमार दुबे का स्वागत करत
- फोटो : KUSHINAGAR
कुशीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए अभी करना पड़ेगा लंबा इंतजार
कसया। कुशीनगर के निर्माणाधीन एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिलने की चहुंओर सराहना हो रही है। अब यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ान को लेकर संशय तो नहीं है लेकिन, एयरपोर्ट निर्माण में देरी व प्रशासनिक सुस्ती से लोगों को लंबा इंतजार जरूर करना पड़ सकता है। अब भी 17 किसानों की भूमि का प्रतिकर व नामांतरण बाकी है। रनवे व इससे जुड़े कुछ निर्माण कार्य को छोड़कर सिग्नल व लाइट समेत कई काम अभी प्रगति पर हैं।
एक दशक बाद भी एयरपोर्ट का निर्माण पूरा नहीं हो पाने की वजह वर्ष 2012 में केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने अधिक खर्च व कम आमदनी का हवाला देते हुए निर्माण कार्य से हाथ खींच लिया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने 199 करोड़ रुपये जारी कर पीपी मोड पर निर्माण का प्रयास किया। इसके कुछ दिन बाद ही विधानसभा चुनाव आ गया जिससे काम में तेजी नहीं आई। वर्तमान सरकार ने प्रयास शुरू किया और रुक रुककर ही सही काम होने लगा। काम में तेजी आती, इसी बीच कोरोना संक्रमण के चलते मार्च से ही काम प्रभावित है। अब बरसात के बाद ही काम में तेजी आने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट के पूर्ण हो चुके कार्य
कार्यदायी संस्था राइट्स ने 3200 मीटर लंबाई व 45 मीटर चौड़ाई में रनवे तैयार कर दिया है। रनवे से जुड़े अन्य निर्माण में टर्निंग पैड, ओवररन्स, टैक्सीवेज, अप्रन, शोल्डर, अप्रोच रोड, पेरीफेरल रोड तैयार है।
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ये काम अब भी अपूर्ण हैं
एयरपोर्ट की लगभग 23 किलोमीटर की लंबाई में फैली बाउंड्रीवाल शाहपुर व नकहनी गांव में अब भी अपूर्ण है। इन गांवों को संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए पत्रावली शासन में भेजी गई है। एटीसी बिल्डिंग (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) सातवें तल व कंट्रोल रूम फ्लोर का काम चल रहा। अक्टूबर 2019 में टॉवर के ऊपरी तल के ड्राइंग को लेकर काम रुका था, जिसका अब परिवर्तित ड्राइंग मिला है। इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन, पुलिस सब स्टेशन, गार्ड रूम, पंप हाउस का काम अपूर्ण है, जो चल रहा है।
रनवे लाइटिंग इंस्टालेशन और केबलिंग भी अधूरा
इस एयरपोर्ट व रनवे पर लाइटिंग इंस्टालेशन व केबलिंग का काम रिवाइंडर एंड टेक्नो की तरफ से करोड़ों रुपये की लागत से कराया जाना है। पिछले वर्ष ही कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अब भी पूरा नहीं हो पाया है। लाइटिंग के काम की रफ्तार काफी सुस्त है।
17 किसानों से नामांतरण भी बाकी
इस एयरपोर्ट के लिए 12 गांवों के कुल 4589 किसानों की लगभग 587.5920 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। इसके लिए 185 करोड़ 25 लाख मुआवजा भी दिया गया। इसमें मिश्रौली, नरायनपुर, खोराबार, भलुही मदारी पट्टी, नीबी, बेलवा दुर्गा राय, बेलवा रामजस, शाहपुर, नरकटिया खुर्द, नकहनी, पतया, परसहवा गांव के किसान शामिल हैं। इनमें से शाहपुर के चार, बेलवा दुर्गा राय का एक, नरायनपुर के छह, नरकटिया खुर्द के चार तथा बेलवा रामजस दुबे व परसहवां के एक-एक गाटा भूमि किसानों के नाम से अंकित है। इन 17 गाटों का कुल क्षेत्रफल 1.7584 एकड़ है, जिसका प्रतिकर भी किसानों को नहीं मिला है। यह भूमि एयरपोर्ट की बाउंड्रीवाल के अंदर है।
नवंबर तक पूरे होंगे कार्य
अभी बरसात व कोविड-19 के संक्रमण के चलते निर्माण कार्य की गति प्रभावित हो रही है। आवश्यक बजट की निश्चितता सरकार की तरफ से की गई है। नवंबर तक कार्य पूर्ण करा दिए जाएंगे। -सूरज श्रीवास्तव, डीजीएम राइट्स
कार्य जल्दी पूरा करने का दिया गया है निर्देश: एसडीएम
एयरपोर्ट से जुड़े कार्यों को जल्द पूरा कराने को निर्देशित किया गया है। एयरपोर्ट को फोरलेन से जोड़ने के लिए 21 करोड़ की रकम आवंटित हो चुकी है। लगभग सवा किलोमीटर लंबी सड़क कुशीनगर को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ेगी। किसानों के मुआवजा व नामांतरण की प्रक्रिया भी जल्दी पूरी कर ली जाएगी। -देश दीपक सिंह, एसडीएम कसया
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कसया। कुशीनगर के निर्माणाधीन एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिलने की चहुंओर सराहना हो रही है। अब यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ान को लेकर संशय तो नहीं है लेकिन, एयरपोर्ट निर्माण में देरी व प्रशासनिक सुस्ती से लोगों को लंबा इंतजार जरूर करना पड़ सकता है। अब भी 17 किसानों की भूमि का प्रतिकर व नामांतरण बाकी है। रनवे व इससे जुड़े कुछ निर्माण कार्य को छोड़कर सिग्नल व लाइट समेत कई काम अभी प्रगति पर हैं।
एक दशक बाद भी एयरपोर्ट का निर्माण पूरा नहीं हो पाने की वजह वर्ष 2012 में केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने अधिक खर्च व कम आमदनी का हवाला देते हुए निर्माण कार्य से हाथ खींच लिया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने 199 करोड़ रुपये जारी कर पीपी मोड पर निर्माण का प्रयास किया। इसके कुछ दिन बाद ही विधानसभा चुनाव आ गया जिससे काम में तेजी नहीं आई। वर्तमान सरकार ने प्रयास शुरू किया और रुक रुककर ही सही काम होने लगा। काम में तेजी आती, इसी बीच कोरोना संक्रमण के चलते मार्च से ही काम प्रभावित है। अब बरसात के बाद ही काम में तेजी आने की उम्मीद है।
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एयरपोर्ट के पूर्ण हो चुके कार्य
कार्यदायी संस्था राइट्स ने 3200 मीटर लंबाई व 45 मीटर चौड़ाई में रनवे तैयार कर दिया है। रनवे से जुड़े अन्य निर्माण में टर्निंग पैड, ओवररन्स, टैक्सीवेज, अप्रन, शोल्डर, अप्रोच रोड, पेरीफेरल रोड तैयार है।
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ये काम अब भी अपूर्ण हैं
एयरपोर्ट की लगभग 23 किलोमीटर की लंबाई में फैली बाउंड्रीवाल शाहपुर व नकहनी गांव में अब भी अपूर्ण है। इन गांवों को संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए पत्रावली शासन में भेजी गई है। एटीसी बिल्डिंग (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) सातवें तल व कंट्रोल रूम फ्लोर का काम चल रहा। अक्टूबर 2019 में टॉवर के ऊपरी तल के ड्राइंग को लेकर काम रुका था, जिसका अब परिवर्तित ड्राइंग मिला है। इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन, पुलिस सब स्टेशन, गार्ड रूम, पंप हाउस का काम अपूर्ण है, जो चल रहा है।
रनवे लाइटिंग इंस्टालेशन और केबलिंग भी अधूरा
इस एयरपोर्ट व रनवे पर लाइटिंग इंस्टालेशन व केबलिंग का काम रिवाइंडर एंड टेक्नो की तरफ से करोड़ों रुपये की लागत से कराया जाना है। पिछले वर्ष ही कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अब भी पूरा नहीं हो पाया है। लाइटिंग के काम की रफ्तार काफी सुस्त है।
17 किसानों से नामांतरण भी बाकी
इस एयरपोर्ट के लिए 12 गांवों के कुल 4589 किसानों की लगभग 587.5920 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। इसके लिए 185 करोड़ 25 लाख मुआवजा भी दिया गया। इसमें मिश्रौली, नरायनपुर, खोराबार, भलुही मदारी पट्टी, नीबी, बेलवा दुर्गा राय, बेलवा रामजस, शाहपुर, नरकटिया खुर्द, नकहनी, पतया, परसहवा गांव के किसान शामिल हैं। इनमें से शाहपुर के चार, बेलवा दुर्गा राय का एक, नरायनपुर के छह, नरकटिया खुर्द के चार तथा बेलवा रामजस दुबे व परसहवां के एक-एक गाटा भूमि किसानों के नाम से अंकित है। इन 17 गाटों का कुल क्षेत्रफल 1.7584 एकड़ है, जिसका प्रतिकर भी किसानों को नहीं मिला है। यह भूमि एयरपोर्ट की बाउंड्रीवाल के अंदर है।
नवंबर तक पूरे होंगे कार्य
अभी बरसात व कोविड-19 के संक्रमण के चलते निर्माण कार्य की गति प्रभावित हो रही है। आवश्यक बजट की निश्चितता सरकार की तरफ से की गई है। नवंबर तक कार्य पूर्ण करा दिए जाएंगे। -सूरज श्रीवास्तव, डीजीएम राइट्स
कार्य जल्दी पूरा करने का दिया गया है निर्देश: एसडीएम
एयरपोर्ट से जुड़े कार्यों को जल्द पूरा कराने को निर्देशित किया गया है। एयरपोर्ट को फोरलेन से जोड़ने के लिए 21 करोड़ की रकम आवंटित हो चुकी है। लगभग सवा किलोमीटर लंबी सड़क कुशीनगर को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ेगी। किसानों के मुआवजा व नामांतरण की प्रक्रिया भी जल्दी पूरी कर ली जाएगी। -देश दीपक सिंह, एसडीएम कसया