{"_id":"688d1c11f681dcfee6070491","slug":"inquiry-of-secretaries-started-instructions-for-investigation-kushinagar-news-c-205-1-ksh1013-142746-2025-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: सचिवों से पूछताछ शुरू, जांच के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: सचिवों से पूछताछ शुरू, जांच के निर्देश
Sat, 02 Aug 2025 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 02 Aug 2025 01:27 AM IST
विज्ञापन
मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के बरवा पूर्दिल गांव के जड़हा निवासी दिव्यांग नवनीत मिश्र को सत्यापन में मृत दिखाने के मामले अमर उजाला में प्रकाशित खबर का असर हुआ है। बीडीओ ने शुक्रवार को जरार और बरवा पूर्दिल गांव के सचिव को कार्यालय बुलाकर उनका बयान दर्ज किया। उधर जिले से शासन को पत्र भेजकर सुधार करने का संस्तुति की गई है।
बरवा पूर्दिल गांव के जड़हा निवासी दिव्यांग नवनीत मिश्र को जरार गांव के दिव्यांग सूची में लिपकीय त्रुटि से नाम दर्ज हो गया था। करीब दो वर्ष पहले नवनीत मिश्र को मृत कर दिया गया था, जिसके बाद उनका पेंशन आना बंद हो गया था। दो वर्षों से वह ब्लॉक और जिले का चक्कर काटते, थक गए थे, लेकिन कहीं से न्याय नहीं मिला। बुधवार को जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री से भी मिलकर जांच करने की मांग हुई थी। बीडीओ रवि कुमार रंजन ने बरवा पूर्दिल गांव के सचिव शंभू यादव और जरार गांव के सचिव अनूप दुबे को कार्यालय बुलाकर उनसे बयान लिए। इस मामले में जरार गांव के सचिव अनूप दुबे ने मानवीय भूल बताते हुए लिखित अपना जवाब दिया है। उधर जिले से गांव का नाम सुधार करते हुए गड़बड़ी को दुरुस्त करते पेंशन जारी करने की संतुति की गई है।
विज्ञापन
बरवा पूर्दिल गांव के जड़हा निवासी दिव्यांग नवनीत मिश्र को जरार गांव के दिव्यांग सूची में लिपकीय त्रुटि से नाम दर्ज हो गया था। करीब दो वर्ष पहले नवनीत मिश्र को मृत कर दिया गया था, जिसके बाद उनका पेंशन आना बंद हो गया था। दो वर्षों से वह ब्लॉक और जिले का चक्कर काटते, थक गए थे, लेकिन कहीं से न्याय नहीं मिला। बुधवार को जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री से भी मिलकर जांच करने की मांग हुई थी। बीडीओ रवि कुमार रंजन ने बरवा पूर्दिल गांव के सचिव शंभू यादव और जरार गांव के सचिव अनूप दुबे को कार्यालय बुलाकर उनसे बयान लिए। इस मामले में जरार गांव के सचिव अनूप दुबे ने मानवीय भूल बताते हुए लिखित अपना जवाब दिया है। उधर जिले से गांव का नाम सुधार करते हुए गड़बड़ी को दुरुस्त करते पेंशन जारी करने की संतुति की गई है।
विज्ञापन