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Kushinagar News: बुद्ध की लेटी प्रतिमा को क्षरण से बचाने की पहल
Thu, 10 Oct 2024 05:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 10 Oct 2024 05:09 AM IST
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पकवा इनार। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण सारनाथ सर्किल के अधीक्षक पुरातत्वविद् डा.अविनाश मोहंती ने कुशीनगर के मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में लेटी महात्मा बुद्ध की प्रतिमा समेत उत्खनित पुरावशेषों का निरीक्षण किया। उनके साथ उप अधीक्षक पुरातत्वविद् प्रकाश कुमार भी थे।
मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में महात्मा बुद्ध की लेटी भव्य प्रतिमा को क्षरण से बचाने के लिए पहुंचे थे। जरूरी जानकारी हासिल करने के बाद देर शाम वापस चले गए।
पुरातत्व विभाग के अनुसार, मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में 6.1 मीटर लंबी प्रतिमा व फाउंडेशन के धीरे-धीरे हो रहे क्षरण को रोकने के लिए प्रत्येक पहलुओं पर जानकारी एकत्र की जा रही है। एक अक्टूबर को पुरातत्व विभाग की केमिकल टीम ने भी जायजा लिया। प्रतिमा को और कैसे वर्तमान अवस्था में बनाए रखा जाए? को लेकर पुरातत्व अधिकारी एनके मिश्र की अगुवाई में काम किया जा रहा है। उन हर कारण पर ध्यान दिया जा रहा, जिनसे प्रतिमा को नुकसान होने की आशंका है। तैयार समग्र रिपोर्ट के बाद विभागीय अधिकारियों की अनुमति से क्षरण से बचाने के लिए काम कराए जाने की उम्मीद है। केमिकल टीम भौतिक व रासायनिक तरीकों से बचाव के लिए परीक्षण भी कर रही है।
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मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में महात्मा बुद्ध की लेटी भव्य प्रतिमा को क्षरण से बचाने के लिए पहुंचे थे। जरूरी जानकारी हासिल करने के बाद देर शाम वापस चले गए।
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पुरातत्व विभाग के अनुसार, मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में 6.1 मीटर लंबी प्रतिमा व फाउंडेशन के धीरे-धीरे हो रहे क्षरण को रोकने के लिए प्रत्येक पहलुओं पर जानकारी एकत्र की जा रही है। एक अक्टूबर को पुरातत्व विभाग की केमिकल टीम ने भी जायजा लिया। प्रतिमा को और कैसे वर्तमान अवस्था में बनाए रखा जाए? को लेकर पुरातत्व अधिकारी एनके मिश्र की अगुवाई में काम किया जा रहा है। उन हर कारण पर ध्यान दिया जा रहा, जिनसे प्रतिमा को नुकसान होने की आशंका है। तैयार समग्र रिपोर्ट के बाद विभागीय अधिकारियों की अनुमति से क्षरण से बचाने के लिए काम कराए जाने की उम्मीद है। केमिकल टीम भौतिक व रासायनिक तरीकों से बचाव के लिए परीक्षण भी कर रही है।
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