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हाटा में पहले ही दिन व्यवस्था फेल
कुशीनगर
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:45 PM IST
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हाटा। एक अप्रैल से स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी का समय बदल गया है लेकिन लेकिन शुक्रवार को सुकरौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर दस बजे तक ओपीडी में नहीं पहुंचे।
इस दौरान कई मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते हुए दिखे। एक अक्टूबर से 31 मार्च तक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी में मरीजों को देखने का समय सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक रहता है। जबकि एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह आठ बजे से दो बजे तक विभाग की ओर से तय किया गया है।
शुक्रवार की सुबह आठ बजे सुकरौली स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी कक्ष के फाटक और पर्ची काउंटर सहित फार्मासिस्ट के कक्ष में ताला लगा हुआ था। करीब नौ बजे सफाई करने वाले ने इन फाटकों को खोल कर सफाई तो की लेकिन तब तक किसी चिकित्सक का ओपीडी में पता नहीं था। इलाज कराने आए संजय सिंह, सुहेल आलम, राकेश यादव आदि ने बताया कि करीब दस बजे तक कोई चिकित्सक ओपीडी में नहीं आया।
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उन लोगों ने यह भी बताया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी भी अस्पताल में नहीं दिखे। इन लोगों ने यह भी बताया कि पर्ची काउंटर नहीं खुलने से दस बजे तक न तो किसी मरीज का ओपीडी का पर्चा बना और न ही फार्मासिस्ट कक्ष से दवा वितरित हुई। इस बारे में सुकरौली स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर संजय गुप्ता का कहना है कि नौ बजे तक बाकी डॉक्टर आ गए थे। तब तक कोई मरीज अस्पताल में नहीं आया था।
इसलिए वह अपने आवास पर थे। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार का कहना है कि अगर बदले समय से ओपीडी नहीं खुलेगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इस दौरान कई मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते हुए दिखे। एक अक्टूबर से 31 मार्च तक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी में मरीजों को देखने का समय सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक रहता है। जबकि एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह आठ बजे से दो बजे तक विभाग की ओर से तय किया गया है।
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शुक्रवार की सुबह आठ बजे सुकरौली स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी कक्ष के फाटक और पर्ची काउंटर सहित फार्मासिस्ट के कक्ष में ताला लगा हुआ था। करीब नौ बजे सफाई करने वाले ने इन फाटकों को खोल कर सफाई तो की लेकिन तब तक किसी चिकित्सक का ओपीडी में पता नहीं था। इलाज कराने आए संजय सिंह, सुहेल आलम, राकेश यादव आदि ने बताया कि करीब दस बजे तक कोई चिकित्सक ओपीडी में नहीं आया।
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उन लोगों ने यह भी बताया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी भी अस्पताल में नहीं दिखे। इन लोगों ने यह भी बताया कि पर्ची काउंटर नहीं खुलने से दस बजे तक न तो किसी मरीज का ओपीडी का पर्चा बना और न ही फार्मासिस्ट कक्ष से दवा वितरित हुई। इस बारे में सुकरौली स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर संजय गुप्ता का कहना है कि नौ बजे तक बाकी डॉक्टर आ गए थे। तब तक कोई मरीज अस्पताल में नहीं आया था।
इसलिए वह अपने आवास पर थे। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार का कहना है कि अगर बदले समय से ओपीडी नहीं खुलेगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।