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एक माह में 18 बच्चे इंसेफेलाइटिस के शिकार
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Sat, 28 Nov 2015 11:37 PM IST
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पिपरा बाजार (ब्यूरो)। जिले में इंसेफेलाइटिस से बच्चों की मौत का सिलसिला रुक नहीं रहा है। दो महीनों के दौरान इंसेफेलाइटिस से 18 बच्चों की जान जा चुकी है।
गांववालों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से जरूरी कदम उठाए गए होते तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। इंसेफेलाइटिस से मौत की ताजा घटना विशुनपुरा ब्लॉक के बेलवा बाबूराम गांव की है। बृहस्पतिवार की रात मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान विनोद शर्मा की छह वर्षीया बेटी रिमझिम की इंसेफेलाइटिस से मौत हुई थी।
बीते 23 नवंबर को सरपतही खुर्द गांव के बहेरा टोला की प्रीति, रेनू और करन की मौत हो गई थी। 18 नवंबर को नरचोचवा गुलरिहा गांव के अंशु की जान के कारण गई। आठ नवंबर को मिठहा माफी में निशा और सोनी की जान गई थी। गोइती बुजुर्ग गांव में एक ही दिन तीन बच्चों ने दम तोड़ दिया। 24 अक्तूबर को खजुरिया गांव में अपने ननिहाल में रहने वाली अंजली, 22 अक्टूबर को बसडीला गांव के सिहोरवा टोला में रंजना की इंसेफेलाइटिस से मौत हुई थी।
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21 अक्टूबर को बाबूराम सेमरा गांव की साबरा, 13 अक्टूबर को पटेरहा मंगलपुर की रिशू और 11 अक्टूबर को नरहरिया की निर्जला की इसी बीमारी की चपेट में आने से मौत हो गई थी। बीतेे 21 सितंबर को चैती मुसहरी गांव के गजराज टोले की अंजनी और चार दिन बाद उसकी सगी बहन नीलू की इंसेफेलाइटिस से मौत हुई थी।
15 सितंबर को चितहा गांव के अक्षय और इसके कुछ दिन पूर्व रोवारी गांव की काजल की मौत भी इंसेफेलाइटिस से ही हुई थी। इस संबंध में एसीएमओ डॉक्टर लालता प्रसाद का कहना है कि यहां इंसेफेलाइटिस का कारण गंदगी और दूषित जल का सेवन है। लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
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गांववालों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से जरूरी कदम उठाए गए होते तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। इंसेफेलाइटिस से मौत की ताजा घटना विशुनपुरा ब्लॉक के बेलवा बाबूराम गांव की है। बृहस्पतिवार की रात मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान विनोद शर्मा की छह वर्षीया बेटी रिमझिम की इंसेफेलाइटिस से मौत हुई थी।
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बीते 23 नवंबर को सरपतही खुर्द गांव के बहेरा टोला की प्रीति, रेनू और करन की मौत हो गई थी। 18 नवंबर को नरचोचवा गुलरिहा गांव के अंशु की जान के कारण गई। आठ नवंबर को मिठहा माफी में निशा और सोनी की जान गई थी। गोइती बुजुर्ग गांव में एक ही दिन तीन बच्चों ने दम तोड़ दिया। 24 अक्तूबर को खजुरिया गांव में अपने ननिहाल में रहने वाली अंजली, 22 अक्टूबर को बसडीला गांव के सिहोरवा टोला में रंजना की इंसेफेलाइटिस से मौत हुई थी।
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21 अक्टूबर को बाबूराम सेमरा गांव की साबरा, 13 अक्टूबर को पटेरहा मंगलपुर की रिशू और 11 अक्टूबर को नरहरिया की निर्जला की इसी बीमारी की चपेट में आने से मौत हो गई थी। बीतेे 21 सितंबर को चैती मुसहरी गांव के गजराज टोले की अंजनी और चार दिन बाद उसकी सगी बहन नीलू की इंसेफेलाइटिस से मौत हुई थी।
15 सितंबर को चितहा गांव के अक्षय और इसके कुछ दिन पूर्व रोवारी गांव की काजल की मौत भी इंसेफेलाइटिस से ही हुई थी। इस संबंध में एसीएमओ डॉक्टर लालता प्रसाद का कहना है कि यहां इंसेफेलाइटिस का कारण गंदगी और दूषित जल का सेवन है। लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।