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दो दिन में ही 19560 ने छोड़ दी परीक्षा
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:19 AM IST
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परीक्षा देते छात्र।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। कुशीनगर जिले में कुल 293 माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें से 222 स्कूल वित्त विहीन मान्यता प्राप्त हैं। इनमें इस वर्ष हाईस्कूल व इंटर के कुल मिलाकर 121888 परीक्षार्थी हैं। मंगलवार से जिले के 150 केंद्रों पर इनकी परीक्षा शुरू हुई है। पहले दिन प्रथम पाली में हाईस्कूल व इंटर के कुल मिलाकर 5318 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पॉली में भी 2630 अनुपस्थित रहे। परीक्षा छोड़ने वाले होनहारों की यह संख्या दूसरे दिन सीधे दो गुनी बढ़ गई। बुधवार को प्रथम पाली में ही 10889 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में महज 723 बच्चों की परीक्षा थी उसमें से भी 33 अनुपस्थित हो गए। बीमा सिद्घांत एवं व्यवहार विषय के लिए पूरे जिले में मात्र एक परीक्षार्थी ही पंजीकृत था और वह भी परीक्षा देने नहीं आया। दो दिन की परीक्षा के दौरान 19560 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
मंगलवार से शुरू हुई यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर मीडिएट की परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले परीक्षार्थियों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले दो दिन में ही दो गुना से अधिक हो गई है। पिछली बार कुल 8247 बच्चों ने परीक्षा छोड़ी थी जबकि इस बार पहले दो दिन में ही 18837 बच्चे अनुपस्थित हो गए। इसके अलावा पहली बार जिले के कई सेंटरों पर परीक्षार्थी परीक्षा के डर से बेहोश होने लगे हैं। मंगलवार को तो एक परीक्षार्थी ने अपना सिर ही फोड़ लिया था। दूसरे दिन भी चार परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में ही बीमार पड़ गए।
परीक्षा छोड़ने वाले बच्चों की यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले शुरूआती दो दिन में ही दो गुना हो गई है। पिछले वर्ष जिले में कुल 8247 बच्चों ने परीक्षा छोड़ी थी। जबकि इस बार दो दिन में ही 18837 बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी। यह स्थिति तब है जबकि अभी हाईस्कूल व इंटर में केवल हिंदी, गृह विज्ञान व संगीत विषय की ही परीक्षाएं हुई हैं। गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे विषयों की परीक्षा तो अभी बाकी ही है।
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इस बार की परीक्षा में एक और आश्चर्यजनक हालत दिख रहा है। मंगलवार को पहले ही दिन खड्डा के एक परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा की परीक्षा के दबाव में मानसिक हालत बिगड़ गई और उसने खुद ही ईंट से मारकर अपना सिर फोड़ लिया था। वहीं बुधवार को तीन छात्राएं परीक्षा कक्ष में बेहोश हो गईं तो एक छात्र की भी तबियत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने परीक्षा के दबाव में मानसिक हालत बिगड़ने की बात कही।
उदित नारायण इंटर कालेज पडरौना के प्रधानाचार्य राजेश कुमार मिश्र का कहना है कि बिहार बार्डर के नजदीक इस जिले में पिछले कुछ वर्षों में नकल की सुविधा ने शिक्षण कार्य को बहुत हद तक प्रभावित कर दिया है। तमाम स्कूल पढ़ाई के दौरान ही छात्रों को परीक्षा में भरपूर सहुलियत का पाठ पढ़ाते रहते हैं। परीक्षा में थोड़ी सी सख्ती होने या फिर मनमाफिक व्यवस्था नहीं मिलने पर ये छात्र घबराकर परीक्षा छोड़ देते हैं। नकल की यह प्रवृत्ति जिले में घातक स्थिति में पहुंच चुकी है।
शाकुंतल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र व नवजीवन इंटर कालेज पटहेरवा के प्रधानाचार्य विरेंद्र कुमार सिंह भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि बोर्ड परीक्षा में नकल की व्यवस्था ने इस जिले के विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति रुचि घटा दी है। बोर्ड परीक्षा में सीसीटीवी कैमरा व सख्ती की चर्चा सुनते ही तमाम विद्यार्थी परेशान हो गए हैं। पूरे साल नकल की आस लगाए ये परीक्षार्थी प्रश्न पत्र देखकर ही घबरा जा रहे हैं।
डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र का कहना है कि इस बार की बोर्ड परीक्षा में पूरी सख्ती बरती जा रही है। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने के अलावा आंतरिक सचल दस्ता भी सक्रिय है। सख्ती के चलते ही हर सेंटर से परीक्षार्थियों के अनुपस्थित रहने की सूचनाएं मिल रही हैं। अभिभावकों को बच्चों को पढ़ाई के लिए सतर्क करना चाहिए।
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मंगलवार से शुरू हुई यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर मीडिएट की परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले परीक्षार्थियों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले दो दिन में ही दो गुना से अधिक हो गई है। पिछली बार कुल 8247 बच्चों ने परीक्षा छोड़ी थी जबकि इस बार पहले दो दिन में ही 18837 बच्चे अनुपस्थित हो गए। इसके अलावा पहली बार जिले के कई सेंटरों पर परीक्षार्थी परीक्षा के डर से बेहोश होने लगे हैं। मंगलवार को तो एक परीक्षार्थी ने अपना सिर ही फोड़ लिया था। दूसरे दिन भी चार परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में ही बीमार पड़ गए।
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परीक्षा छोड़ने वाले बच्चों की यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले शुरूआती दो दिन में ही दो गुना हो गई है। पिछले वर्ष जिले में कुल 8247 बच्चों ने परीक्षा छोड़ी थी। जबकि इस बार दो दिन में ही 18837 बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी। यह स्थिति तब है जबकि अभी हाईस्कूल व इंटर में केवल हिंदी, गृह विज्ञान व संगीत विषय की ही परीक्षाएं हुई हैं। गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे विषयों की परीक्षा तो अभी बाकी ही है।
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इस बार की परीक्षा में एक और आश्चर्यजनक हालत दिख रहा है। मंगलवार को पहले ही दिन खड्डा के एक परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा की परीक्षा के दबाव में मानसिक हालत बिगड़ गई और उसने खुद ही ईंट से मारकर अपना सिर फोड़ लिया था। वहीं बुधवार को तीन छात्राएं परीक्षा कक्ष में बेहोश हो गईं तो एक छात्र की भी तबियत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने परीक्षा के दबाव में मानसिक हालत बिगड़ने की बात कही।
उदित नारायण इंटर कालेज पडरौना के प्रधानाचार्य राजेश कुमार मिश्र का कहना है कि बिहार बार्डर के नजदीक इस जिले में पिछले कुछ वर्षों में नकल की सुविधा ने शिक्षण कार्य को बहुत हद तक प्रभावित कर दिया है। तमाम स्कूल पढ़ाई के दौरान ही छात्रों को परीक्षा में भरपूर सहुलियत का पाठ पढ़ाते रहते हैं। परीक्षा में थोड़ी सी सख्ती होने या फिर मनमाफिक व्यवस्था नहीं मिलने पर ये छात्र घबराकर परीक्षा छोड़ देते हैं। नकल की यह प्रवृत्ति जिले में घातक स्थिति में पहुंच चुकी है।
शाकुंतल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र व नवजीवन इंटर कालेज पटहेरवा के प्रधानाचार्य विरेंद्र कुमार सिंह भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि बोर्ड परीक्षा में नकल की व्यवस्था ने इस जिले के विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति रुचि घटा दी है। बोर्ड परीक्षा में सीसीटीवी कैमरा व सख्ती की चर्चा सुनते ही तमाम विद्यार्थी परेशान हो गए हैं। पूरे साल नकल की आस लगाए ये परीक्षार्थी प्रश्न पत्र देखकर ही घबरा जा रहे हैं।
डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र का कहना है कि इस बार की बोर्ड परीक्षा में पूरी सख्ती बरती जा रही है। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने के अलावा आंतरिक सचल दस्ता भी सक्रिय है। सख्ती के चलते ही हर सेंटर से परीक्षार्थियों के अनुपस्थित रहने की सूचनाएं मिल रही हैं। अभिभावकों को बच्चों को पढ़ाई के लिए सतर्क करना चाहिए।