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Kushinagar News: आईएलएस अधूरा...रात की उड़ान की टाइमिंग का फंसा पेंच
Sat, 07 Feb 2026 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:23 AM IST
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- एयरपोर्ट अथॉरिटी और विमानन कंपनी में मंथन जारी, अब तक नहीं बनी बात
-विमानन कंपनी की ओर से नहीं मिली हरी झंडी, फरवरी में शुरू होना था उड़ान, बढ़ सकता है समय
कसया। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर से प्रस्तावित उड़ान को लेकर उम्मीदों के बीच अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। तकनीकी कारणों और उड़ान के समय को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के चलते उड़ान संचालन पर सस्पेंस कायम है। खासतौर पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) के अधूरे रहने से रात की उड़ान फिलहाल संभव नहीं मानी जा रही है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से दिल्ली-कुशीनगर-वाराणसी-बैंकाक सेक्टर पर उड़ान संचालन की योजना बनाई गई है। इसमें कुशीनगर से विमान का प्रस्तावित प्रस्थान समय रात्रिकालीन है, जबकि वर्तमान परिस्थितियों में एयरपोर्ट पर केवल दिन में ही सुरक्षित उड़ान संभव है। कोहरे और कम दृश्यता के दौरान आईएलएस के बिना विमान की लैंडिंग और टेकऑफ जोखिमपूर्ण मानी जाती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और विमानन कंपनी के बीच उड़ान के समय में बदलाव को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं। विकल्प के तौर पर दिन की उड़ान अथवा अर्ली मॉर्निंग स्लॉट पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
बताया जा रहा है कि विमानन कंपनी ने एयरपोर्ट परिसर में कार्यालय खोलने के लिए स्थान की मांग की थी, जिसे एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से सुरक्षित कर लिया गया है। इसके बावजूद अब तक कंपनी की ओर से कोई लिखित समझौता या औपचारिक स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। इधर क्षेत्रवासियों और पर्यटन से जुड़े लोगों की नजरें इस निर्णय पर टिकी हैं, क्योंकि कुशीनगर से सीधी उड़ान शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
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इस संबंध में एयरपोर्ट निदेशक प्राणेश कुमार राय ने बताया कि उड़ान संचालन को लेकर एक विमानन कंपनी के साथ बातचीत जारी है। अभी अंतिम पुष्टि नहीं मिली है, लेकिन प्रयास किए जा रहे हैं कि तकनीकी और समय संबंधी अड़चनों को दूर कर जल्द उड़ान शुरू की जा सके।
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-विमानन कंपनी की ओर से नहीं मिली हरी झंडी, फरवरी में शुरू होना था उड़ान, बढ़ सकता है समय
कसया। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर से प्रस्तावित उड़ान को लेकर उम्मीदों के बीच अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। तकनीकी कारणों और उड़ान के समय को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के चलते उड़ान संचालन पर सस्पेंस कायम है। खासतौर पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) के अधूरे रहने से रात की उड़ान फिलहाल संभव नहीं मानी जा रही है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से दिल्ली-कुशीनगर-वाराणसी-बैंकाक सेक्टर पर उड़ान संचालन की योजना बनाई गई है। इसमें कुशीनगर से विमान का प्रस्तावित प्रस्थान समय रात्रिकालीन है, जबकि वर्तमान परिस्थितियों में एयरपोर्ट पर केवल दिन में ही सुरक्षित उड़ान संभव है। कोहरे और कम दृश्यता के दौरान आईएलएस के बिना विमान की लैंडिंग और टेकऑफ जोखिमपूर्ण मानी जाती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और विमानन कंपनी के बीच उड़ान के समय में बदलाव को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं। विकल्प के तौर पर दिन की उड़ान अथवा अर्ली मॉर्निंग स्लॉट पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
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बताया जा रहा है कि विमानन कंपनी ने एयरपोर्ट परिसर में कार्यालय खोलने के लिए स्थान की मांग की थी, जिसे एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से सुरक्षित कर लिया गया है। इसके बावजूद अब तक कंपनी की ओर से कोई लिखित समझौता या औपचारिक स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। इधर क्षेत्रवासियों और पर्यटन से जुड़े लोगों की नजरें इस निर्णय पर टिकी हैं, क्योंकि कुशीनगर से सीधी उड़ान शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
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इस संबंध में एयरपोर्ट निदेशक प्राणेश कुमार राय ने बताया कि उड़ान संचालन को लेकर एक विमानन कंपनी के साथ बातचीत जारी है। अभी अंतिम पुष्टि नहीं मिली है, लेकिन प्रयास किए जा रहे हैं कि तकनीकी और समय संबंधी अड़चनों को दूर कर जल्द उड़ान शुरू की जा सके।