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Kushinagar News: गवाही दी तो मार डालूंगा, अब मार डाला
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ge No : 6खड्डा बुजुर्ग गांव महिला मीरा की मौत के बाद शोकाकुल परिजन।संवाद
महिला को पीट-पीटकर मार डालने का आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शुक्रवार की देर शाम पीट-पीटकर मौत के घाट उतारी गई मीरा की जेठानी ऊषा का आरोप है कि आरोपी मनोज गोड़ देवरानी को गवाही न देने के लिए बार-बार मार डालने के लिए धमकता था। शुक्रवार की देर शाम उसने घटना को अंजाम भी दे दिया। इससे परिजनों में आरोपी के प्रति गुस्सा भी दिखा। दुबई में रह रहे मृतका के पति प्रहलाद भी शनिवार की रात घर पहुंच गए है। उधर, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
खड्डा बुजुर्ग गांव में रहने वाली मीरा की जेठानी ऊषा का कहना है कि रंजिश की नींव 22 जून 2020 को पड़ी। हुआ यूं था कि गांव में दूध की डेरी है। वहां आरोपी मनोज गोड़ का आना-जाना था। ऊषा के अनुसार उनका बड़ा बेटा भी डेरी पर दूध देने जाता था। मनोज को डेरी से रुपये की चोरी करते हुए उनके बेेटे ने देख लिया था। इस बात की शिकायत उसने डेरी के कर्मचारियों से की थी। कर्मचारियों ने मनोज को फटकार लगाई थी। डेरी पर आने पर पाबंदी लगा दी थी। इससे आरोपी मनोज नाराज हो गया था।
उसी दिन आरोपी मनोज ने ऊषा पर लाठी से जानलेवा हमला किया था। ऊषा का कहना है कि मनोज के खिलाफ थाने पर तहरीर दी गई, लेकिन उस वक्त थानेदार ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। करीब तीन महीने तक वह और उसके परिजन थाने की दौड़ लगाते रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ और आरोपी मनोज को जेल जाना पड़ा था।
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ऊषा ने बताया कि एक साल पहले आरोपी जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसकी दंबगई और बढ़ गई थी। चूंकि घर के पास ही उसका भी घर है, इसलिए छोटी-छोटी बात पर वह उलझ जाता था। यदि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो शायद यह दिन नहीं देखने पड़ते। मृतका मीरा के पति पांच भाई हैं। मीरा के तीन बच्चे हैं। बेटी रेशमी (14), बेटा अवधेश (10) और छोटी बेटी गुंजन (8) साल की है। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को मीरा का शव घर पहुंचते ही बेटा अवधेश उससे लिपट गया। मां को उठाने लगा। यह मार्मिक दृश्य देखकर वहां के लोगों की आंखों में आंसू आ गए।
खड्डा बुजुर्ग गांव में शुक्रवार की शाम 35 वर्षीय मीरा गांव के दक्षिण स्थित रेलवे लाइन के पास बकरी चरा रही थीं। गांव के कुछ बच्चे भी बकरी चरा रहे थे। इसी बीच पड़ोसी मनोज गोड़ भी वहां पहुंचा। किसी बात को लेेकर दोनों में कहासुनी होने लगी। बात बढ़ी तो मीरा बकरी लेकर घर आने लगी। रास्ते में आरोपी ने लाठी से मीरा के सिर पर प्रहार कर दिया। सिर पर चोट लगने के बाद वह गिर गई। इसके बाद भी लाठी से पीटता रहा। यह देखकर साथ में बकरी चला रहे बच्चों ने शोर मचाया। गांव के लोगों का आता देखकर आरोपी फरार हो गया था।
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वादी ने कहा- पुलिस ने जो तहरीर लिखी, उस पर कर दिखा हस्ताक्षर
मीरा के जेठ एवं वादी रामभरोसा ने बताया कि वह पढ़ा लिखा नहीं है। थाने में वह रिपोर्ट दर्ज कराने गया था। पुलिस ने खुद तहरीर लिखी थी, उसने सिर्फ टूटे-फुटे अक्षरों में हस्ताक्षर कर दिया। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा किसी आधार पर दर्ज किया है, समझ से परे है। पुलिस को हत्या का मुकदमा दर्ज करना चाहिए।
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दूसरे दिन भी पसरा रहा मातम, नहीं जले चूल्हे
शुक्रवार की शाम घटना के बाद से शनिवार तक गांव में अगल-बगल के घरों में चूल्हा नहीं जला। क्योंकि इन परिवारों की करीब 15 घरों की पट्टीदारी है। मीरा के घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतका के तीनों बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था।
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आरोपी गांव में आठ से अधिक कर चुका है विवाद
मनोज जिम करता था। उसे बॉडी बनाने का शौक है। आरोप है कि गांव में वह अक्सर मारपीट करता रहता है। पांच साल पूर्व एक व्यक्ति को पीटकर घायल कर दिया। तीन साल पूर्व गांव के एक व्यक्ति के सिर पर डंडे से प्रहार किया था। इससे उनका सिर फट गया था। पंचायत में सुलह-समझौता हुआ था। उसने रिश्तेदारी में आए एक व्यक्ति का हाथ तोड़ दिया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शुक्रवार की देर शाम पीट-पीटकर मौत के घाट उतारी गई मीरा की जेठानी ऊषा का आरोप है कि आरोपी मनोज गोड़ देवरानी को गवाही न देने के लिए बार-बार मार डालने के लिए धमकता था। शुक्रवार की देर शाम उसने घटना को अंजाम भी दे दिया। इससे परिजनों में आरोपी के प्रति गुस्सा भी दिखा। दुबई में रह रहे मृतका के पति प्रहलाद भी शनिवार की रात घर पहुंच गए है। उधर, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
खड्डा बुजुर्ग गांव में रहने वाली मीरा की जेठानी ऊषा का कहना है कि रंजिश की नींव 22 जून 2020 को पड़ी। हुआ यूं था कि गांव में दूध की डेरी है। वहां आरोपी मनोज गोड़ का आना-जाना था। ऊषा के अनुसार उनका बड़ा बेटा भी डेरी पर दूध देने जाता था। मनोज को डेरी से रुपये की चोरी करते हुए उनके बेेटे ने देख लिया था। इस बात की शिकायत उसने डेरी के कर्मचारियों से की थी। कर्मचारियों ने मनोज को फटकार लगाई थी। डेरी पर आने पर पाबंदी लगा दी थी। इससे आरोपी मनोज नाराज हो गया था।
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उसी दिन आरोपी मनोज ने ऊषा पर लाठी से जानलेवा हमला किया था। ऊषा का कहना है कि मनोज के खिलाफ थाने पर तहरीर दी गई, लेकिन उस वक्त थानेदार ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। करीब तीन महीने तक वह और उसके परिजन थाने की दौड़ लगाते रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ और आरोपी मनोज को जेल जाना पड़ा था।
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ऊषा ने बताया कि एक साल पहले आरोपी जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसकी दंबगई और बढ़ गई थी। चूंकि घर के पास ही उसका भी घर है, इसलिए छोटी-छोटी बात पर वह उलझ जाता था। यदि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो शायद यह दिन नहीं देखने पड़ते। मृतका मीरा के पति पांच भाई हैं। मीरा के तीन बच्चे हैं। बेटी रेशमी (14), बेटा अवधेश (10) और छोटी बेटी गुंजन (8) साल की है। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को मीरा का शव घर पहुंचते ही बेटा अवधेश उससे लिपट गया। मां को उठाने लगा। यह मार्मिक दृश्य देखकर वहां के लोगों की आंखों में आंसू आ गए।
खड्डा बुजुर्ग गांव में शुक्रवार की शाम 35 वर्षीय मीरा गांव के दक्षिण स्थित रेलवे लाइन के पास बकरी चरा रही थीं। गांव के कुछ बच्चे भी बकरी चरा रहे थे। इसी बीच पड़ोसी मनोज गोड़ भी वहां पहुंचा। किसी बात को लेेकर दोनों में कहासुनी होने लगी। बात बढ़ी तो मीरा बकरी लेकर घर आने लगी। रास्ते में आरोपी ने लाठी से मीरा के सिर पर प्रहार कर दिया। सिर पर चोट लगने के बाद वह गिर गई। इसके बाद भी लाठी से पीटता रहा। यह देखकर साथ में बकरी चला रहे बच्चों ने शोर मचाया। गांव के लोगों का आता देखकर आरोपी फरार हो गया था।
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वादी ने कहा- पुलिस ने जो तहरीर लिखी, उस पर कर दिखा हस्ताक्षर
मीरा के जेठ एवं वादी रामभरोसा ने बताया कि वह पढ़ा लिखा नहीं है। थाने में वह रिपोर्ट दर्ज कराने गया था। पुलिस ने खुद तहरीर लिखी थी, उसने सिर्फ टूटे-फुटे अक्षरों में हस्ताक्षर कर दिया। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा किसी आधार पर दर्ज किया है, समझ से परे है। पुलिस को हत्या का मुकदमा दर्ज करना चाहिए।
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दूसरे दिन भी पसरा रहा मातम, नहीं जले चूल्हे
शुक्रवार की शाम घटना के बाद से शनिवार तक गांव में अगल-बगल के घरों में चूल्हा नहीं जला। क्योंकि इन परिवारों की करीब 15 घरों की पट्टीदारी है। मीरा के घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतका के तीनों बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था।
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आरोपी गांव में आठ से अधिक कर चुका है विवाद
मनोज जिम करता था। उसे बॉडी बनाने का शौक है। आरोप है कि गांव में वह अक्सर मारपीट करता रहता है। पांच साल पूर्व एक व्यक्ति को पीटकर घायल कर दिया। तीन साल पूर्व गांव के एक व्यक्ति के सिर पर डंडे से प्रहार किया था। इससे उनका सिर फट गया था। पंचायत में सुलह-समझौता हुआ था। उसने रिश्तेदारी में आए एक व्यक्ति का हाथ तोड़ दिया था।