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Kushinagar News: ईयरफोन के ज्यादा उपयोग से युवाओं में बढ़ रहा बहरापन
Fri, 20 Mar 2026 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 20 Mar 2026 02:37 AM IST
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पडरौना। लंबे समय तक ईयरफोन पर तेज आवाज में गाना सुनने से लोगों की सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। सरकारी अस्पताल के ईएनटी विभाग की ओपीडी में आ रहे 10-15 मरीज इस समस्या से पीड़ित मिल रहे हैं। इनमें 20 से 35 साल के युवा अधिक हैं। इनके कान की नसें कमजोर हो रही हैं। सुनने की क्षमता कम हो रही है।
मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर के ईएनटी विभाग में प्रतिदिन करीब 1000 मरीज कान की जांच कराने के लिए पहुंचते हैं। इनमें से 10-15 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें सुनने की क्षमता कम हो रही है। वे कोई उम्र दराज नहीं होते, बल्कि 20 से 35 साल के युवा होते हैं। इन मरीजों को कम सुनने की शिकायत मिलती है। जांच में पाया गया कि शहरी क्षेत्र में वाहनों के शोर के अलावा अधिक समय तक घरों में टीवी से चिपके रहने, ईयर फोन लगाकर घंटों गाने सुनने या फोन पर बात करने से बहरापन पनप रहा है।
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. प्रेम नारायण जायसवाल ने बताया कि 50 डेसिबल ध्वनि स्तर का कानों पर असर नहीं पड़ता, लेकिन यदि ध्वनि स्तर 80 डेसिबल हो जाता है तो वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लगातार शोर-शराबे के बीच रहने से काम को नुकसान पहुंचता है। इससे सुनने की क्षमता घटने लगती है। लगातार शोर से संवेदी तंत्रिका को क्षति हो सकती है।
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मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर के ईएनटी विभाग में प्रतिदिन करीब 1000 मरीज कान की जांच कराने के लिए पहुंचते हैं। इनमें से 10-15 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें सुनने की क्षमता कम हो रही है। वे कोई उम्र दराज नहीं होते, बल्कि 20 से 35 साल के युवा होते हैं। इन मरीजों को कम सुनने की शिकायत मिलती है। जांच में पाया गया कि शहरी क्षेत्र में वाहनों के शोर के अलावा अधिक समय तक घरों में टीवी से चिपके रहने, ईयर फोन लगाकर घंटों गाने सुनने या फोन पर बात करने से बहरापन पनप रहा है।
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ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. प्रेम नारायण जायसवाल ने बताया कि 50 डेसिबल ध्वनि स्तर का कानों पर असर नहीं पड़ता, लेकिन यदि ध्वनि स्तर 80 डेसिबल हो जाता है तो वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लगातार शोर-शराबे के बीच रहने से काम को नुकसान पहुंचता है। इससे सुनने की क्षमता घटने लगती है। लगातार शोर से संवेदी तंत्रिका को क्षति हो सकती है।
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