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Kushinagar News: आधी रात में स्कूटी पर 23 किमी दूर ले गया पत्नी का शव
Fri, 18 Apr 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 18 Apr 2025 12:35 AM IST
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अहिरौली बाजार। विशाल ने पत्नी की लाश पूरे दिन बोरे में भरकर घर में रखी। इस बीच रिश्तेदारों की मदद से पुरौनी में छोटी गंडक नदी के किनारे दफनाने के लिए सुनसान स्थान देखने के बाद वहां गड्ढा भी खोद आया था।
पुलिस की पूछताछ में उसने बताया है कि आधी रात जब गांव के लोग सो गए तो बोरे में भरी लाश स्कूट पर आगे रखकर 23 किमी दूर ले गया और दफना दी। पुलिस से बचने के लिए अगले दिन मां को थाने भेजकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
तीन वर्ष पूर्व अग्नि को साक्षी मानकर विशाल ने गीता के साथ सात जन्मों तक साथ निभाने की कसम खाई थी लेकिन कुछ वर्षों में ही वह सारी कसमें और रस्में भूल गया। शादी के बाद गीता ने पिता रामअवध को कई बार फोन पर ससुराल वालों की ओर प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी। पिता इन बातों को नजरअंदाज करके लोक मर्यादा का ध्यान रखते हुए गीता को ससुराल में रहने की सीख देते रहे और आखिरकार उन्होंने बेटी को खो दिया।
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पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गीता की लाश को ठिकाने लगाने के लिए सात मार्च को पूरे दिन परेशान रहा। रामकोला थाना क्षेत्र के पुरैनी उर्फ राजापुर गंडक नदी के किनारे रिश्तेदारों के सहयोग से सुनसान स्थान देख लिया और गड्ढा भी खोद दिया था। रात में लाश दफन कर आया और अगले दिन मां चंद्रावती देवी से थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ससुर को भी गीता के गायब होने की सूचना दे दी। गांव वालों के अनुसार विशाल की मां चंद्रावती और उसकी बहन भी दरवाजे पर बैठकर रोज गीता के लिए बिलखती रहती थीं।
मोबाइल लोकेशन से पति पर गहराया संदेह : गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पति विशाल भी रोज थाने पर पहुंच रहा था, दूसरी ओर पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों के पास गीता के पिता रामअवध मौर्य भी चक्कर लगा रहे थे। जांच में गीता की कोई लोकेशन गीता नहीं मिली तो पुलिस ने रामअवध के आरोपों के आधार पर जांच शुरू की। विशाल के मोबाइल की लोकेशन सात मार्च की रात में गंडक नदी के किनारे मिली। इसके बाद पुलिस का संदेह गहरा गया।
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पुलिस की पूछताछ में उसने बताया है कि आधी रात जब गांव के लोग सो गए तो बोरे में भरी लाश स्कूट पर आगे रखकर 23 किमी दूर ले गया और दफना दी। पुलिस से बचने के लिए अगले दिन मां को थाने भेजकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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तीन वर्ष पूर्व अग्नि को साक्षी मानकर विशाल ने गीता के साथ सात जन्मों तक साथ निभाने की कसम खाई थी लेकिन कुछ वर्षों में ही वह सारी कसमें और रस्में भूल गया। शादी के बाद गीता ने पिता रामअवध को कई बार फोन पर ससुराल वालों की ओर प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी। पिता इन बातों को नजरअंदाज करके लोक मर्यादा का ध्यान रखते हुए गीता को ससुराल में रहने की सीख देते रहे और आखिरकार उन्होंने बेटी को खो दिया।
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पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गीता की लाश को ठिकाने लगाने के लिए सात मार्च को पूरे दिन परेशान रहा। रामकोला थाना क्षेत्र के पुरैनी उर्फ राजापुर गंडक नदी के किनारे रिश्तेदारों के सहयोग से सुनसान स्थान देख लिया और गड्ढा भी खोद दिया था। रात में लाश दफन कर आया और अगले दिन मां चंद्रावती देवी से थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ससुर को भी गीता के गायब होने की सूचना दे दी। गांव वालों के अनुसार विशाल की मां चंद्रावती और उसकी बहन भी दरवाजे पर बैठकर रोज गीता के लिए बिलखती रहती थीं।
मोबाइल लोकेशन से पति पर गहराया संदेह : गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पति विशाल भी रोज थाने पर पहुंच रहा था, दूसरी ओर पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों के पास गीता के पिता रामअवध मौर्य भी चक्कर लगा रहे थे। जांच में गीता की कोई लोकेशन गीता नहीं मिली तो पुलिस ने रामअवध के आरोपों के आधार पर जांच शुरू की। विशाल के मोबाइल की लोकेशन सात मार्च की रात में गंडक नदी के किनारे मिली। इसके बाद पुलिस का संदेह गहरा गया।