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Kushinagar News: नरवाजोत में लगातार तीसरे दिन भी कटान जारी
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नरवाजोत में फसल को काटान करती गंडक नदी ।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। नरवाजोत में लगातार तीसरे दिन भी कटान जारी रहने से ग्रामीणों में बेचैनी बनी हुई है। क्योंकि नदी ने बांध 400 मीटर के हिस्से को सीधे निशाने पर ले लिया है।
नदी कहीं पांच मीटर तो कहीं दस मीटर तक स्लोब में घुस कर बांध को नुकसान पहुंचाने लगी है। यही स्थिति खेतों में लगी फसल की है, जिसे गंडक नदी के कटाव से भारी क्षति हो रही है। मंगलवार को भी संवेदनशील जगहों पर बोल्डर डंपिंग का कार्य जारी रहा, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।
सेवरही क्षेत्र मे नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक साढ़े सत्रह किलोमीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। जो बांध के किनारे बसे गांव की लगभग 20 हजार की आबादी के लिए सुरक्षा कवच के समान है। यह नदी हमेशा अपनी धारा बदलने के लिए जानी जाती है।
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तीन माह से नरवाजोत, जवही दयाल, मुसहर बस्ती और विरवट कोन्हवलिया में शासन की तरफ से स्वीकृत लगभग 72 करोड़ की लागत वाली परियोजना का कार्य जारी है। नरवाजोत को छोड़ कर शेष सभी परियोजनाओं के कार्य लगभग पूरे भी कराए जा चुके हैं, लेकिन गंडक नदी में शुरू हुई कटान से जहां अभियंताओं के हाथ पैर फूल रहे हैं। वहीं नदी के रौद्र रूप को देखकर ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ी हुई है। क्योंकि डिस्चार्ज में कमी आने के बाद नदी में तेज बैकरोलिंग शुरू हो गई है। 400 मीटर के दायरे में बांध के स्लोब में घुस कर कटान कर रही है।
यह दूसरी ओर खेतों में खड़ी फसल सहित उपजाऊ भूमि की भी कटान कर रही है।
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तमकुहीरोड। नरवाजोत में लगातार तीसरे दिन भी कटान जारी रहने से ग्रामीणों में बेचैनी बनी हुई है। क्योंकि नदी ने बांध 400 मीटर के हिस्से को सीधे निशाने पर ले लिया है।
नदी कहीं पांच मीटर तो कहीं दस मीटर तक स्लोब में घुस कर बांध को नुकसान पहुंचाने लगी है। यही स्थिति खेतों में लगी फसल की है, जिसे गंडक नदी के कटाव से भारी क्षति हो रही है। मंगलवार को भी संवेदनशील जगहों पर बोल्डर डंपिंग का कार्य जारी रहा, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।
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सेवरही क्षेत्र मे नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक साढ़े सत्रह किलोमीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। जो बांध के किनारे बसे गांव की लगभग 20 हजार की आबादी के लिए सुरक्षा कवच के समान है। यह नदी हमेशा अपनी धारा बदलने के लिए जानी जाती है।
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तीन माह से नरवाजोत, जवही दयाल, मुसहर बस्ती और विरवट कोन्हवलिया में शासन की तरफ से स्वीकृत लगभग 72 करोड़ की लागत वाली परियोजना का कार्य जारी है। नरवाजोत को छोड़ कर शेष सभी परियोजनाओं के कार्य लगभग पूरे भी कराए जा चुके हैं, लेकिन गंडक नदी में शुरू हुई कटान से जहां अभियंताओं के हाथ पैर फूल रहे हैं। वहीं नदी के रौद्र रूप को देखकर ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ी हुई है। क्योंकि डिस्चार्ज में कमी आने के बाद नदी में तेज बैकरोलिंग शुरू हो गई है। 400 मीटर के दायरे में बांध के स्लोब में घुस कर कटान कर रही है।
यह दूसरी ओर खेतों में खड़ी फसल सहित उपजाऊ भूमि की भी कटान कर रही है।