{"_id":"603546158ebc3ee960757391","slug":"half-a-mill-of-sugarcane-closed-after-crushing-sugarcane-kushinagar-news-gkp385820732","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवंटन का आधा गन्ना पेराई कर बंद हो गई ढाढ़ा चीनी मिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवंटन का आधा गन्ना पेराई कर बंद हो गई ढाढ़ा चीनी मिल
विज्ञापन
आवंटन का आधा गन्ना पेराई कर बंद हो गई ढाढ़ा चीनी मिल
- ढाढ़ा चीनी मिल ने इस सत्र 62.08 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है
- मिल को एक करोड़ 50 हजार क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/हाटा (कुशीनगर)। जिले के गन्ना किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पहले कप्तानगंज चीनी मिल बिना बकाया भुगतान किए ही बीच सत्र में बंद हो गई। अब ढाढ़ा चीनी मिल में भी मंगलवार को पेराई बंद कर दी गई। इस चीनी मिल ने आवंटित गन्ने की आधी ही पेराई की है। वहीं मिल प्रबंधन का दावा है कि खेत में जो गन्ना बचा है उसे किसानों ने बीज के लिए रखा है।
मौजूदा पेराई सत्र के लिए ढाढ़ा चीनी मिल को एक करोड़ 50 हजार क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया था, जिसके सापेक्ष 62.08 लाख क्विंटल गन्ना पेरा गया है। चीनी मिल ने 15 जनवरी तक का एक अरब बीस करोड़ छियासठ लाख चौवालिस हजार रुपये भुगतान किया है। अभी 57 करोड़ 95 लाख एक हजार रुपये किसानों का मिल पर बाकी है। गन्ना विभाग के मुताबिक प्रतिदिन 80 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की क्षमता रखने वाली ढाढ़ा चीनी मिल ने आपूर्ति कम होने के चलते 14 फरवरी से ही गन्ना पर्ची फ्री कर दिया था। इसके बावजूद नो केन के चलते चीनी मिल सात से आठ घंटे चल पा रही थी। चार-पांच दिनों से गन्ने की आपूर्ति और घट गई थी। अंतत: मंगलवार को चीनी मिल गन्ना के अभाव में बंद कर दी गई। मौजूदा पेराई सत्र में इस चीनी मिल को 62.08 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति हुई थी। इसके एवज में एक अरब अठहत्तर करोड़ एकसठ लाख पैंतालिस हजार रुपये कुल गन्ना मूल्य हुआ। इसमें से चीनी मिल ने एक अरब 20 करोड़ 66 लाख 44 हजार रुपये भुगतान कर दिया है, जो कुल धनराशि का 67.56 प्रतिशत है। लेकिन 57 करोड़ 95 लाख एक हजार रुपये किसानों को भुगतान किया जाना है।
00000
चीनी मिल के एजीएम बोले-
ढाढ़ा चीनी मिल के एजीएम केन डीडी सिंह ने बताया कि चीनी मिल परिक्षेत्र का गन्ना खत्म हो गया है। गन्ने की आपूर्ति न हो पाने के कारण चीनी मिल मंगलवार को बंद हो गई।
विज्ञापन
00000
बोले डीसीओ-
जिला गन्ना अधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि गन्ना की आपूर्ति कम हो जाने के कारण इस चीनी मिल ने 14 दिन पहले ही पर्ची फ्री कर दी थी। चीनी मिल नो केन के चलते सात-आठ घंटे ही चल पा रही थी। इस वजह से मंगलवार को पूरी तरह बंद हो गई। अब जो गन्ना बचा है, वह बीज के लिए किसानों ने सुरक्षित रखा है। इस चीनी मिल की तरफ से 12066.44 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया है।
---
दस दिनों में पांचों चीनी मिलों ने किया 7265.55 लाख का भुगतान
डीसीओ ने बताया कि किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान पर शासन का विशेष जोर है। इसलिए डीएम एस. राजलिंगम और स्वयं डीसीओ की तरफ से इसके लिए चीनी मिलों पर भुगतान के लिए दबाव बनाया गया। इसके बाद ढाढ़ा, रामकोला, कप्तानगंज, सेवरही और खड्डा चीनी मिल ने 13 से 23 फरवरी तक 72 करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये भुगतान कर दिया है। अवशेष धनराशि के शीघ्र भुगतान का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
- ढाढ़ा चीनी मिल ने इस सत्र 62.08 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है
- मिल को एक करोड़ 50 हजार क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/हाटा (कुशीनगर)। जिले के गन्ना किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पहले कप्तानगंज चीनी मिल बिना बकाया भुगतान किए ही बीच सत्र में बंद हो गई। अब ढाढ़ा चीनी मिल में भी मंगलवार को पेराई बंद कर दी गई। इस चीनी मिल ने आवंटित गन्ने की आधी ही पेराई की है। वहीं मिल प्रबंधन का दावा है कि खेत में जो गन्ना बचा है उसे किसानों ने बीज के लिए रखा है।
मौजूदा पेराई सत्र के लिए ढाढ़ा चीनी मिल को एक करोड़ 50 हजार क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया था, जिसके सापेक्ष 62.08 लाख क्विंटल गन्ना पेरा गया है। चीनी मिल ने 15 जनवरी तक का एक अरब बीस करोड़ छियासठ लाख चौवालिस हजार रुपये भुगतान किया है। अभी 57 करोड़ 95 लाख एक हजार रुपये किसानों का मिल पर बाकी है। गन्ना विभाग के मुताबिक प्रतिदिन 80 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की क्षमता रखने वाली ढाढ़ा चीनी मिल ने आपूर्ति कम होने के चलते 14 फरवरी से ही गन्ना पर्ची फ्री कर दिया था। इसके बावजूद नो केन के चलते चीनी मिल सात से आठ घंटे चल पा रही थी। चार-पांच दिनों से गन्ने की आपूर्ति और घट गई थी। अंतत: मंगलवार को चीनी मिल गन्ना के अभाव में बंद कर दी गई। मौजूदा पेराई सत्र में इस चीनी मिल को 62.08 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति हुई थी। इसके एवज में एक अरब अठहत्तर करोड़ एकसठ लाख पैंतालिस हजार रुपये कुल गन्ना मूल्य हुआ। इसमें से चीनी मिल ने एक अरब 20 करोड़ 66 लाख 44 हजार रुपये भुगतान कर दिया है, जो कुल धनराशि का 67.56 प्रतिशत है। लेकिन 57 करोड़ 95 लाख एक हजार रुपये किसानों को भुगतान किया जाना है।
विज्ञापन
00000
चीनी मिल के एजीएम बोले-
ढाढ़ा चीनी मिल के एजीएम केन डीडी सिंह ने बताया कि चीनी मिल परिक्षेत्र का गन्ना खत्म हो गया है। गन्ने की आपूर्ति न हो पाने के कारण चीनी मिल मंगलवार को बंद हो गई।
विज्ञापन
00000
बोले डीसीओ-
जिला गन्ना अधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि गन्ना की आपूर्ति कम हो जाने के कारण इस चीनी मिल ने 14 दिन पहले ही पर्ची फ्री कर दी थी। चीनी मिल नो केन के चलते सात-आठ घंटे ही चल पा रही थी। इस वजह से मंगलवार को पूरी तरह बंद हो गई। अब जो गन्ना बचा है, वह बीज के लिए किसानों ने सुरक्षित रखा है। इस चीनी मिल की तरफ से 12066.44 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया है।
---
दस दिनों में पांचों चीनी मिलों ने किया 7265.55 लाख का भुगतान
डीसीओ ने बताया कि किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान पर शासन का विशेष जोर है। इसलिए डीएम एस. राजलिंगम और स्वयं डीसीओ की तरफ से इसके लिए चीनी मिलों पर भुगतान के लिए दबाव बनाया गया। इसके बाद ढाढ़ा, रामकोला, कप्तानगंज, सेवरही और खड्डा चीनी मिल ने 13 से 23 फरवरी तक 72 करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये भुगतान कर दिया है। अवशेष धनराशि के शीघ्र भुगतान का प्रयास किया जा रहा है।