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खाड़ी देशों संघर्ष : बंकर में गुजर रही रात, आंखों के सामने बर्बादी

Sun, 08 Mar 2026 02:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 08 Mar 2026 02:03 AM IST
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Gulf conflict: Nights spent in bunkers, destruction before our eyes
पडरौना। ईरान-इस्राइल-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के बीच खाड़ी देशों में फंसे जिले के कामगार व युवाओं की रात अब बंकरों में गुजर रही है। बंकरों के अगल-बगल व सामने बमों व मिसाइलों के हमले से हो रही बर्बादी देख वे सहम जा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि रात भर जहाजों की तेज आवाज गूंज रही है, इसके चलते वे भय में ही जी रहे हैं। अब तक सिर्फ उन्हें स्वदेश लौटने की ही चिंता सता रही है, लेकिन फ्लाइट रद्द होने से उन्हें वतन वापसी का रास्ता नहीं सूझ रहा है।
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उनके परिजन फोन से ही संपर्क स्थापित कर हालात की जानकारी ले पा रहे हैं। फंसे लोगों के परिजन हवाई सेवा बहाल कराने की मांग कर रहे हैं। संघर्ष के चलते फंसे युवाओं के घर के लोगों के दिन का चैन और रात की नींद गायब हो गई है। बस उन्हें अपनों की घर वापसी की चिंता है। मौजूदा हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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28 फरवरी 2026 से ईरान, इस्राइल व अमेरिका के बीच संघर्ष के चलते खाड़ी देशों में असुरक्षा व अशांति का माहौल है। ये देश एक-दूसरे पर बम व मिसाइलों से हमले कर रहे हैं। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने राजस्व कर्मियों के माध्यम से खाड़ी देशों में फंसे जिले के लोगों का सर्वे कराया था। करीब जिले के 14 हजार लोगों के फंसे होने का मामला सामने आया है।
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पति पांच वर्ष से नहीं आए घर
रविंद्रनगर थाना क्षेत्र के साड़ी खुर्द के टोला बंजारापट्टी निवासी इस्लाम पांच वर्ष से घर नहीं आए हैं। वे सऊदी अरब में फंसे हैं। इन पांच वर्षों में बेटी की शादी भी हुई, लेकिन उसमें भी नहीं आ पाए। उसका कहना है कि मौजूदा समय में बंकर में ही रहना पड़ रहा है। ईद पर घर वापस आने के लिए टिकट कराई थी लेकिन संघर्ष के चलते घर नहीं आ पाएंगे। पत्नी जोहरा खातून व बेटा इश्तेयाक पिता के ईद पर नहीं आने को लेकर चिंतित हैं।
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संघर्ष की खबरों से परिजन चिंतित
ईरान-इस्राइल-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के बीच खाड़ी देश में फंसे कामगारों को वतन वापसी की चिंता सता रही है। वहीं मोबाइल, टीवी व अखबार के माध्यम से युद्ध की खबरें परिजनों की चिंता बढ़ा रही हैं। रोजी-रोटी के लिए सात समंदर पार गए युवा मौत के साये में जी रहे हैं।

तमकुहीराज क्षेत्र के परसौनी खुर्द गांव निवासी सर्वेश कुमार शर्मा तीन साल से सऊदी अरब के जेद्दा शहर स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें होली में कंपनी से छुट्टी मिल गई थी। 2 मार्च को उनकी फ्लाइट थी। लेकिन खाड़ी देशों में संघर्ष शुरू हो गया। उड़ानें रद्द हो गईं। छुट्टी मिलने के बावजूद वहां फंसे हुए हैं। सर्वेश ने बताया कि दिन पर दिन हालात खराब हो रहे हैं। यहां दिन-रात सिर्फ सायरन की आवाज गूंज रही है और आसपास में बम व मिसाइलों से हमले हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि होली के बाद रोमानिया लौटना था। रिश्तेदार के यहां शादी में शरीक होना था लेकिन नहीं हो पाया।
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