फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   government inter college nnikaura in bad condition

राजकीय इंटर कॉलेज मनिकौरा दो साल में ही बदहाल

Mon, 06 Dec 2021 12:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 12:00 AM IST
विज्ञापन
government inter college nnikaura in bad condition
मनिकौरा राजकीय इंटर कॉलेज में जमीन पर बैठकर पढ़ते बच्चे।संवाद। - फोटो : KUSHINAGAR
राजकीय इंटर कॉलेज मनिकौरा दो साल में ही बदहाल
विज्ञापन

बिना संसाधन के ही संचालित कर दिया गया था इस कॉलेज को
कक्षा छह से नौ तक संचालित कक्षाओं में 63 बच्चों का है नामांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
जटहां बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक के मनिकौरा गांव में संचालित राजकीय इंटर कॉलेज दो वर्ष में ही बदहाली का शिकार हो गया है। दीवारों में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं और प्लास्टर भी उजड़ने लगा है। शिक्षकों के बैठने के लिए कुर्सी-मेज भी उधार का है। कक्षा छह से लेकर नौ तक ही कक्षाएं संचालित होती हैं। इनमें कुल 63 बच्चे ही नामांकित हैं। पद के हिसाब से शिक्षकों की तैनाती भी नहीं है।

वर्ष 2014 में सपा की सरकार में करोड़ों रुपये की लागत से मनिकौरा गांव में मॉडल स्कूल का शिलान्यास हुआ था, लेकिन पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई। बीजेपी सरकार में इसका संचालन शुरू हो गया। लेकिन इस भवन की गुणवत्ता बेहद खराब है। कॉलेज में बिजली, पानी, शौचालय, फर्नीचर, कुर्सी-मेज कुछ नहीं है। यहां शिक्षकों की बैठने के लिए कुर्सी और मेज की व्यवस्था भी उधार मांगकर हुई है। यहां महज तीन शिक्षक तैनात हैं। कक्षा छह से नौ तक संचालित इन कक्षाओं में कुल 63 बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों के बैठने के लिए कोई प्रबंध नहीं है। कॉलेज पर प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। इसके अलावा सहायक अध्यापक के सात पदों में से केवल एक पर ही तैनाती है। प्रवक्ता के कुल 10 पद हैं और उसके सापेक्ष एक भी तैनाती नहीं है। चतुर्थ श्रेणी के पांच पद हैं, जो सभी रिक्त हैं। लिपिक के कुल दो पद है, जो अभी तक रिक्त हैं। शिक्षक राजेश कुमार यादव के पास प्रधानाचार्य का चार्ज है, तो सहायक शिक्षक अर्जुन कुमार और ऊदल कुमार शिक्षण कार्य करते हैं। प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार यादव ने बताया कि एक टेबल और दो कुर्सी का प्रबंध किया गया है। कॉलेज परिसर में तीन शौचालय हैं, लेकिन कोई उपयोग लायक नहीं है। कॉलेज में कुल 28 कमरे हैं, लेकिन बच्चों की संख्या इतनी कम है कि उनका कोई उपयोग नहीं है। भवन में कई जगह दीवारों में दरार पड़ गई है। रंगाई-पुताई नहीं है, विद्यालय के नाम से कोई बोर्ड तक नहीं लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed