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Kushinagar News: गंडक का जलस्तर घटा.. बांध पर कम हुआ दबाव
Sat, 13 Sep 2025 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 13 Sep 2025 11:24 PM IST
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- डिस्चार्ज घटकर 80 हजार क्यूसेक पहुंचा
तमकुहीरोड। बीते दो दिन तक गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से पार रहने के बाद शनिवार को डिस्चार्ज घट कर 80 हजार क्यूसेक के करीब आ गया है। अब बांध पर खतरा कम हो गया है।
सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक करीब साढ़े सत्रह किलोमीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। इसके किनारे नरवाजोत व एपी बांध बने हुए हैं। बांध के किनारे बसे गांव के लगभग बीस हजार की आबादी के लिए सुरक्षा कवच है। पिछले साल नदी ने नरवाजोत के किमी 1.700 पर बने ठोकर के अप एंड डाउन में भारी तबाही मचाई थी। इस साल नदी ने नरवाजोत बांध के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के करीब 500 मीटर के हिस्से को कटान के जद में लेकर बांध को क्षतिग्रस्त कर चुकी है।
वहीं, फसल को भी नुकसान पहुंचा चुकी है, लेकिन दस दिन पहले नदी का डिस्चार्ज घट कर 65 हजार क्यूसेक तक पहुंचने के अलावा धारा ने बांध छोड़कर दिशा बदलनी शुरू कर दी थी। इससे नरवाजोत के साथ पिपराघाट के दहारी, भंगी और तवकल टोला सहित अन्य कई जगहों से पानी दबाव कम हो गया था। लेकिन बीते बृहस्पतिवार को अचानक नदी में वाल्मीकिनगर बैराज सें 1.02 लाख और शुक्रवार 1.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इससे नदी का जलस्तर बढ़ने लगा।
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जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद शर्मा सहित अन्य अभियंताओं ने बांध पर चौकसी बढ़ा दी। शनिवार को नदी का डिस्चार्ज घटकर 80 हजार क्यूसेक के आसपास आ जाने से बांध पर खतरा दोबारा कम हो गया है।
बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि बांध पर किसी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा संसाधन मौजूद हैं और तटबंध के सभी संवेदनशील जगहों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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तमकुहीरोड। बीते दो दिन तक गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से पार रहने के बाद शनिवार को डिस्चार्ज घट कर 80 हजार क्यूसेक के करीब आ गया है। अब बांध पर खतरा कम हो गया है।
सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक करीब साढ़े सत्रह किलोमीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। इसके किनारे नरवाजोत व एपी बांध बने हुए हैं। बांध के किनारे बसे गांव के लगभग बीस हजार की आबादी के लिए सुरक्षा कवच है। पिछले साल नदी ने नरवाजोत के किमी 1.700 पर बने ठोकर के अप एंड डाउन में भारी तबाही मचाई थी। इस साल नदी ने नरवाजोत बांध के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के करीब 500 मीटर के हिस्से को कटान के जद में लेकर बांध को क्षतिग्रस्त कर चुकी है।
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वहीं, फसल को भी नुकसान पहुंचा चुकी है, लेकिन दस दिन पहले नदी का डिस्चार्ज घट कर 65 हजार क्यूसेक तक पहुंचने के अलावा धारा ने बांध छोड़कर दिशा बदलनी शुरू कर दी थी। इससे नरवाजोत के साथ पिपराघाट के दहारी, भंगी और तवकल टोला सहित अन्य कई जगहों से पानी दबाव कम हो गया था। लेकिन बीते बृहस्पतिवार को अचानक नदी में वाल्मीकिनगर बैराज सें 1.02 लाख और शुक्रवार 1.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इससे नदी का जलस्तर बढ़ने लगा।
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जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद शर्मा सहित अन्य अभियंताओं ने बांध पर चौकसी बढ़ा दी। शनिवार को नदी का डिस्चार्ज घटकर 80 हजार क्यूसेक के आसपास आ जाने से बांध पर खतरा दोबारा कम हो गया है।
बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि बांध पर किसी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा संसाधन मौजूद हैं और तटबंध के सभी संवेदनशील जगहों पर पैनी नजर रखी जा रही है।