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नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश से अचानक बढ़ा बड़ी गंडक का जलस्तर
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नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश से अचानक बढ़ा बड़ी गंडक का जलस्तर
खड्डा (कुशीनगर)। यास तूफान के कारण नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही बारिश से बड़ी गंडक नदी का डिस्चार्ज भी अचानक बढ़ने लगा है। वाल्मीकिनगर बैराज पर शुक्रवार की रात तक इसमें डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक पार होने की आशंका जताई जा रही थी।
मई में बड़ी गंडक नदी का जलस्तर काफी कम रहता है। लेकिन यास तूफान ने सब उलटफेर कर दिया है। नेपाल की पहाड़ियों सहित मैदानी इलाकों में लगातार बारिश होने की वजह से बरसात से पहले ही बड़ी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। हमेशा 15 जून के आसपास ही नदी में जलस्तर बढ़ता है। शुक्रवार की शाम चार बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से नदी में 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो दो घंटे बाद शाम छह बजे बढ़कर 69 हजार क्यूसेक हो गया। नेपाल के नारायण घाट से वाल्मीकिनगर बैराज तक पानी पहुंचने में छह घंटे का समय लगता है। वाल्मीकिनगर बैराज से कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में पहुंचने में सात घंटा लगता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर बारिश इसी तरह होती रही तो नदी में बाढ़ आने की आशंका बढ़ जाएगी ।
इस संबंध में वाल्मीकि गंडक बैराज के सहायक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि नेपाल के हिस्से में हो रही बारिश के चलते अचानक जलस्तर बढ़ने लगा है। देर रात तक डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक पार हो सकता है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
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खड्डा के एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि लगातार बारिश व बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। राजस्व कर्मचारियों को नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
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खड्डा (कुशीनगर)। यास तूफान के कारण नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही बारिश से बड़ी गंडक नदी का डिस्चार्ज भी अचानक बढ़ने लगा है। वाल्मीकिनगर बैराज पर शुक्रवार की रात तक इसमें डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक पार होने की आशंका जताई जा रही थी।
मई में बड़ी गंडक नदी का जलस्तर काफी कम रहता है। लेकिन यास तूफान ने सब उलटफेर कर दिया है। नेपाल की पहाड़ियों सहित मैदानी इलाकों में लगातार बारिश होने की वजह से बरसात से पहले ही बड़ी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। हमेशा 15 जून के आसपास ही नदी में जलस्तर बढ़ता है। शुक्रवार की शाम चार बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से नदी में 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो दो घंटे बाद शाम छह बजे बढ़कर 69 हजार क्यूसेक हो गया। नेपाल के नारायण घाट से वाल्मीकिनगर बैराज तक पानी पहुंचने में छह घंटे का समय लगता है। वाल्मीकिनगर बैराज से कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में पहुंचने में सात घंटा लगता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर बारिश इसी तरह होती रही तो नदी में बाढ़ आने की आशंका बढ़ जाएगी ।
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इस संबंध में वाल्मीकि गंडक बैराज के सहायक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि नेपाल के हिस्से में हो रही बारिश के चलते अचानक जलस्तर बढ़ने लगा है। देर रात तक डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक पार हो सकता है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
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खड्डा के एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि लगातार बारिश व बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। राजस्व कर्मचारियों को नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।