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Kushinagar News: नेपाल में बारिश से गंडक नदी उफान पर
Fri, 10 Jul 2026 02:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 10 Jul 2026 02:50 AM IST
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खड्डा। नेपाल के गंडक जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंडक नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। बृहस्पतिवार को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से छोड़े गए पानी में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके चलते खड्डा क्षेत्र के भैंसहा गेज स्थल पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। हालांकि सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है कि फिलहाल तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
बैराज से सुबह छह बजे 67,100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो सुबह आठ बजे बढ़कर 77,600 क्यूसेक हो गया। सुबह दस बजे डिस्चार्ज बढ़कर 92,900 क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे इसमें हल्की कमी आई और 83,900 क्यूसेक दर्ज किया गया। दोपहर दो बजे पुनः बढ़कर 88,300 क्यूसेक हो गया, जो शाम चार बजे और छह बजे तक इसी स्तर पर बना रहा।
भैंसहा गेज स्थल पर गंडक नदी का जलस्तर शाम चार बजे 95.25 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु (95.00 मीटर) से 25 सेंटीमीटर अधिक है। शाम छह बजे भी जलस्तर में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ।
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अभियंताओं के अनुसार, बृहस्पतिवार को बैराज पर कुल 1,11,800 क्यूसेक पानी उपलब्ध था। इसमें से 7,900 क्यूसेक पानी बिहार की पूर्वी गंडक नहर तथा 11,000 क्यूसेक पानी उत्तर प्रदेश की पश्चिमी गंडक नहर में छोड़ा गया, जबकि शेष 92,900 क्यूसेक पानी गंडक नदी में प्रवाहित किया गया।
जलस्तर बढ़ने के बावजूद छितौनी तटबंध और अन्य बाढ़ सुरक्षा संरचनाओं पर फिलहाल किसी प्रकार का दबाव नहीं है। हालांकि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए नदी के जलस्तर पर विभाग की चौबीसों घंटे नजर बनी हुई है। बरसात के मौसम में नदी के तेवर बदलने की आशंका से तटीय गांवों के लोगों की चिंता बढ़ी हुई है।सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। यदि नेपाल में बारिश का क्रम तेज होता है तो डिस्चार्ज और जलस्तर में बदलाव संभव है, इसलिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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बैराज से सुबह छह बजे 67,100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो सुबह आठ बजे बढ़कर 77,600 क्यूसेक हो गया। सुबह दस बजे डिस्चार्ज बढ़कर 92,900 क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे इसमें हल्की कमी आई और 83,900 क्यूसेक दर्ज किया गया। दोपहर दो बजे पुनः बढ़कर 88,300 क्यूसेक हो गया, जो शाम चार बजे और छह बजे तक इसी स्तर पर बना रहा।
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भैंसहा गेज स्थल पर गंडक नदी का जलस्तर शाम चार बजे 95.25 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु (95.00 मीटर) से 25 सेंटीमीटर अधिक है। शाम छह बजे भी जलस्तर में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ।
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अभियंताओं के अनुसार, बृहस्पतिवार को बैराज पर कुल 1,11,800 क्यूसेक पानी उपलब्ध था। इसमें से 7,900 क्यूसेक पानी बिहार की पूर्वी गंडक नहर तथा 11,000 क्यूसेक पानी उत्तर प्रदेश की पश्चिमी गंडक नहर में छोड़ा गया, जबकि शेष 92,900 क्यूसेक पानी गंडक नदी में प्रवाहित किया गया।
जलस्तर बढ़ने के बावजूद छितौनी तटबंध और अन्य बाढ़ सुरक्षा संरचनाओं पर फिलहाल किसी प्रकार का दबाव नहीं है। हालांकि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए नदी के जलस्तर पर विभाग की चौबीसों घंटे नजर बनी हुई है। बरसात के मौसम में नदी के तेवर बदलने की आशंका से तटीय गांवों के लोगों की चिंता बढ़ी हुई है।सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। यदि नेपाल में बारिश का क्रम तेज होता है तो डिस्चार्ज और जलस्तर में बदलाव संभव है, इसलिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।