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गंडक फिर बढ़ रही खतरे की ओर 

Tue, 26 Jul 2016 11:06 PM IST
kushinagar
kushinagar Updated Tue, 26 Jul 2016 11:06 PM IST
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gandak is near to danger level
बाढ़ - फोटो : santosh verma
पडरौना। मंगलवार की सुबह से गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। शाम चार बजे वाल्मीकिनगर बैराज से 2.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके चलते खड्डा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में फिर से पानी भरने लगा है। तमकुहीराज क्षेत्र में एपी तटबंध के पिपराघाट पर एक स्पर का 10 मीटर हिस्सा और बह जाने से नाराज लोगों ने अधिकारियों के सामने हंगामा किया। बचाव कार्य में तेजी लाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। पिपराघाट के बाढ़ से घिरे गांवों में भी लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी के जलस्तर में मंगलवार की सुबह अचानक 50 हजार क्यूसेक की बढ़ोत्तरी हो गई। सुबह आठ बजे नदी का डिस्चार्ज 2.54 लाख क्यूसेक हो जाने के बाद छितौनी बांध के भैंसहा गेज पर जलस्तर बढ़कर 95.22 मीटर पर पहुंच गया। शाम चार बजे डिस्चार्ज 2.60 लाख क्यूसेक हो गया। जलस्तर में इस वृद्धि के चलते खड्डा रेता क्षेत्र के गांव मरचहवा, बसंतपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, शिवपुर, शाहपुर, विंध्याचलपुर, बालगोविंद छपरा आदि में पानी घुसने लगा। इस क्षेत्र में सभी संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। मरचहवा से बसंतपुर व बसंतपुर से सोहगीबरवा जाने वाली सडक़ पर आवागमन के लिए नाव चलाई जा रही है। 
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तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार जलस्तर में हुई वृद्धि से गंडक नदी के अमवा खास व एपी तटबंध पर भी दबाव बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावित सेवरही ब्लाक के गांव पिपराघाट के दर्जन भर पुरवों के लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
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स्पर कटने से नाराज लोगों ने किया हंगामा
तमकुहीरोड। पिपराघाट पर बने स्पर का अधिकांश हिस्सा बाढ़ में बह जाने से नाराज लोगों ने मंगलवार को बंधे पर पहुंचकर हंगामा मचाया। लोगों ने बाढ़ खंड के अफसरों पर धन बर्बाद करने का आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अफसरों व क्षेत्रीय विधायक ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

पिपराघाट गांव को बचाने के लिए गंडक नदी के किनारे बांध व सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बांध पर गंडक की धारा को मोड़ने के लिए स्परों का भी निर्माण कराया गया है। करीब 30 लाख रुपये की लागत से बने 90 मीटर लंबे एक स्पर पर हफ्ते भर से कटान हो रहा है। मंगलवार की सुबह भी स्पर का करीब 10 मीटर हिस्सा नदी की धारा में विलीन हो गया। इसके चलते निर्माणाधीन बांध पर ही गंभीर खतरा मंडराने लगा है। नाराज लोगों ने सुबह बंधे पर पहुंचकर अवर अभियंता सीएम शाही व एसएन सिंह के  सामने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि निर्माणाधीन बंधा कटते ही पिपराघाट के अलावा राजपुर, जयपुर, रानीगंज, नरवा टोला, गोला घाट, टिकुलिया, सेवरही, मलाही टोला आदि गांव भी बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। परंतु अफसरों ने इस स्पर की सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किया। हंगामा की खबर पाकर पहुंचे विधायक अजय कुमार लल्लू ने लोगों को शांत कराया और उच्चाधिकारियों से वार्ता कर यहां बचाव कार्य तेज करने की मांग की। जानकारी होने पर अधिशासी अभियंता बीपी सिंह व सहायक अभियंता पीसी त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे थे। अधिशासी अभियंता ने बताया कि बोल्डर गिराकर स्पर व निर्माणाधीन बंधे को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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