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Kushinagar News: लाल निशान से 18 सेमी नीचे आई गंडक, बाढ़ का खतरा बरकरार

Sun, 14 Jul 2024 03:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 14 Jul 2024 03:39 AM IST
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Gandak falls 18 cm below red mark, danger of flood remains
पडरौना। वाल्मीकिनगर बैराज से शनिवार की सुबह डिस्चार्ज में कमी के बाद गंडक नदी खतरे के निशान 96 मीटर से 18 सेमी नीचे आ गई है। शनिवार को बैराज पर 2 लाख 50 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज रहा। हालांकि, शिवपुर-बसंतपुर मार्ग पर पानी लगा होने के कारण लोग नाव से आ-जा रहे हैं। अब भी रेता क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। फिलहाल किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं घुसा है।
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नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही बारिश का असर कुशीनगर में भी देखने को मिल रहा है। पहाड़ी बारिश से जिले की बड़ी गंडक नदी पिछले एक सप्ताह से उफान पर है। शुक्रवार को साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी में उफान पर आ गया था। रेताक्षेत्र के लोगों की सांसें अटक गईं थीं। रेता क्षेत्र में भी फिर एक बार बाढ़ की आशंका बढ़ गई। शुक्रवार को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 3 लाख 42 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। इससे गंडक उफना गई थी। तटबंधों पर भी नदी ने तेज दबाव बनाना शुरू कर दिया था। देर रात छितौनी बांध पर स्पर-सी के पास रिसाव होने की सूचना पर विभागीय अभियंताओं में खलबली मच गई। आनन-फानन में पहुंचे अभियंताओं ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया, जिसके बाद रिसाव को बंद किया जा सका।
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शनिवार को डिस्चार्ज घटकर 2 लाख 50 हजार क्यूसेक पर आ गया। डिस्चार्ज में कमी आने के बाद नदी खतरे के निशान से 18 सेमी नीचे आ गई। इससे नदी फिर सामान्य स्थिति की ओर लौटने लगी है। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण रेता क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रेता क्षेत्र के गांवों के लोग रात जागकर गुजारने को मजबूर हैं। शनिवार को गंडक के डिस्चार्ज में कमी होने के बाद रेतावासियों ने राहत की सांस ली है। वहीं, दूसरी तरफ शिवपुर-बसंतपुर मार्ग पर बाढ़ का पानी लगा होने के कारण लोग नाव से आने-जाने को मजबूर हैं। जलस्तर में कमी होने के बाद नदी छितौनी बांध के संवेदनशील बिंदुओं पर दबाव बनाने लगी है।
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