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Kushinagar News: विरवट कोन्हवलिया में गंडक की कटान तेज, सहमे ग्रामीण
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तमकुहीरोड। गंडक नदी कटान करती हुई ठोकर नंबर चार बांध के स्लोप तक पहुंच गई है। नदी के इस रुख से गांव वाले सहम गए हैं। हालांकि, बंधे पर खतरे को भांपते हुए बाढ़ खंड ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। खतरे से निपटने के लिए बोल्डर मंगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही से स्थिति नाजुक हो गई है। यदि समय रहते बंधे को मजबूत नहीं किया गया तो कभी भी स्थिति भयावह हो सकती है।
गंडक नदी के डिस्चार्ज में उतार चढ़ाव से पहले गंडक नदी ने नरवाजोत बांध को निशाना बनाया था। वहां की स्थिति आज भी उसी तरह है। नदी का डिस्चार्ज बढ़ता है तो एक बार फिर उसकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। हालांकि, अब नदी विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार (कट एंड टू बांध) को निशाने पर ले लिया है। वहां पिछले एक सप्ताह से कटान करती हुई नदी फसलों और उपजाऊ जमीन को नुकसान पहुंचा रही थी।
लेकिन, बुधवार से नदी बांध के स्लोप के पास पहुंच गई है, जो किसी खतरे से कम नहीं है। क्योंकि यहां के लोग बारह साल पहले तबाही का मंजर देख चुके हैं और उन्हें लगने लगा है कि ऐसी स्थिति में कटान तेज होने पर ठोकर नंबर चार की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसी आशंका ने ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ा दी है। हालांकि, खतरे को भांपते हुए बुधवार की शाम एक्सईएन ने मौके का जायजा भी लिया था और बांध सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए थे। बोल्डर मंगाने का कार्य भी शुरू हो गया है। बाढ़ खंड तृतीय सेवरही के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि किसी खतरे से निपटने के लिए विभाग की तैयारी पूरी है और बांध के साथ सभी संवेदनशील जगहों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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गंडक नदी के डिस्चार्ज में उतार चढ़ाव से पहले गंडक नदी ने नरवाजोत बांध को निशाना बनाया था। वहां की स्थिति आज भी उसी तरह है। नदी का डिस्चार्ज बढ़ता है तो एक बार फिर उसकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। हालांकि, अब नदी विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार (कट एंड टू बांध) को निशाने पर ले लिया है। वहां पिछले एक सप्ताह से कटान करती हुई नदी फसलों और उपजाऊ जमीन को नुकसान पहुंचा रही थी।
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लेकिन, बुधवार से नदी बांध के स्लोप के पास पहुंच गई है, जो किसी खतरे से कम नहीं है। क्योंकि यहां के लोग बारह साल पहले तबाही का मंजर देख चुके हैं और उन्हें लगने लगा है कि ऐसी स्थिति में कटान तेज होने पर ठोकर नंबर चार की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसी आशंका ने ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ा दी है। हालांकि, खतरे को भांपते हुए बुधवार की शाम एक्सईएन ने मौके का जायजा भी लिया था और बांध सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए थे। बोल्डर मंगाने का कार्य भी शुरू हो गया है। बाढ़ खंड तृतीय सेवरही के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि किसी खतरे से निपटने के लिए विभाग की तैयारी पूरी है और बांध के साथ सभी संवेदनशील जगहों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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