{"_id":"69e3db64e6a533f23a09302d","slug":"fraud-in-appointments-too-by-appointing-his-uncle-as-manager-mumtaz-secured-jobs-for-his-wife-daughter-and-brother-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-158292-2026-04-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नियुक्तियों में भी फर्जीवाड़े : फूफा को प्रबंधक बनाया, मुमताज ने करा ली पत्नी, बेटी और भाई की नियुक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियुक्तियों में भी फर्जीवाड़े : फूफा को प्रबंधक बनाया, मुमताज ने करा ली पत्नी, बेटी और भाई की नियुक्ति
Sun, 19 Apr 2026 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:58 AM IST
सार
वर्ष 2013 में नियुक्तियां शुरू हुईं तो मुमताज ने अपने फूफा हनीफ को प्रबंधक बना दिया। इसके बाद अपनी पत्नी रहमतुन निशा, बेटी नूर सबिरा और बड़े भाई नसीर अहमद को शिक्षक और साले हियातुल्लाह को क्लर्क नियुक्त करा दिया। वर्ष 2015-16 में ग्रांट मिलने के बाद वेतन भुगतान होने लगा। 2015 में उसने अपनी छोटी बेटी तालीमुन निशा की भी नियुक्ति उसी मदरसे में करा दी।
विज्ञापन
फर्जीवाड़ा।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
दुबई में छुट्टी मनाने के दौरान का भी एक शिक्षिका का फर्जी दस्तावेजों से वेतन जारी किए जाने से चर्चा में आए मदरसा मुहम्मदिया फैजे रसूल पिपरा कनक में नियुक्तियों में भी फर्जीवाड़ों का मामला सामने आ रहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसे की प्रबंध समिति भंग करने के लिए मदरसा बोर्ड लखनऊ के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी भरत लाल गोंड़ ने बताया कि वर्ष 2001 में मदरसा मुहम्मदिया फैजे रसूल की शुरुआत हुई। उस समय मुमताज आलम सिद्दीकी प्रबंधक था। वह गांव के डाकघर में पोस्ट मास्टर भी है। वर्ष 2003 में मदरसे को मान्यता मिली तो गांव वालों ने कमेटी में गांव के लोगों को भी शामिल करने की मांग करते हुए विरोध किया।
विज्ञापन
ऐसा नहीं करने पर मदरसे को ग्रामसभा की जमीन से हटाने की बात कही। विरोध के बाद मुमताज और उसके बड़े भाई नसीर अहमद बोदा टोला पर मदरसे को संचालित करने लगे।
वर्ष 2013 में नियुक्तियां शुरू हुईं तो मुमताज ने अपने फूफा हनीफ को प्रबंधक बना दिया। इसके बाद अपनी पत्नी रहमतुन निशा, बेटी नूर सबिरा और बड़े भाई नसीर अहमद को शिक्षक और साले हियातुल्लाह को क्लर्क नियुक्त करा दिया। वर्ष 2015-16 में ग्रांट मिलने के बाद वेतन भुगतान होने लगा। 2015 में उसने अपनी छोटी बेटी तालीमुन निशा की भी नियुक्ति उसी मदरसे में करा दी।
वर्ष 2013 में नियुक्तियां शुरू हुईं तो मुमताज ने अपने फूफा हनीफ को प्रबंधक बना दिया। इसके बाद अपनी पत्नी रहमतुन निशा, बेटी नूर सबिरा और बड़े भाई नसीर अहमद को शिक्षक और साले हियातुल्लाह को क्लर्क नियुक्त करा दिया। वर्ष 2015-16 में ग्रांट मिलने के बाद वेतन भुगतान होने लगा। 2015 में उसने अपनी छोटी बेटी तालीमुन निशा की भी नियुक्ति उसी मदरसे में करा दी।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि वर्ष 2016 में हनीफ का निधन होने के बाद मुमताज खुद प्रबंधक बन गया। इसी बीच किसी बात पर उसका भाई नसीर अहमद से विवाद हो गया, तो 2022 में उसने नियुक्ति में दी गई मार्कशीट में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई और बर्खास्त कर दिया।
इधर, दुबई घूमने गई बेटी तालीमुन निशा को अवकाश के दौरान फर्जीवाड़ा कर दो माह का वेतन जारी करने का मामला सामने आ गया। मामले में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी की तहरीर पर प्रबंधक मुमताज आलम सिद्दीकी और तालीमुन निशा पर रविंद्र नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इधर, दुबई घूमने गई बेटी तालीमुन निशा को अवकाश के दौरान फर्जीवाड़ा कर दो माह का वेतन जारी करने का मामला सामने आ गया। मामले में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी की तहरीर पर प्रबंधक मुमताज आलम सिद्दीकी और तालीमुन निशा पर रविंद्र नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
नियुक्ति कराने के लिए चली शातिर चाल
मदरसा विनियमावली-2016 के तहत मदरसा प्रबंध समिति किसी भी मेंबर के पुत्र, पुत्री की नियुक्ति उस मदरसे में नहीं कर सकती है, लेकिन प्रबंधक मुमताज ने नियुक्ति के समय शातिर चाल चली। नियुक्ति के दौरान अपने फूफा को प्रबंधक बना दिया था। सूत्रों का कहना है कि चयन समिति में मुमताज के रिश्तेदार ही शामिल हैं। इस आधार पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं।
प्रबंध समिति भंग करने के लिए मदरसा बोर्ड लखनऊ के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया है। जांच के क्रम में नियम विरुद्ध किए गए कई मामले सामने आए हैं। तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। नियुक्ति के समय दूसरे को प्रबंधक बनाने की प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है: भरत लाल गोंड़, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
मदरसा विनियमावली-2016 के तहत मदरसा प्रबंध समिति किसी भी मेंबर के पुत्र, पुत्री की नियुक्ति उस मदरसे में नहीं कर सकती है, लेकिन प्रबंधक मुमताज ने नियुक्ति के समय शातिर चाल चली। नियुक्ति के दौरान अपने फूफा को प्रबंधक बना दिया था। सूत्रों का कहना है कि चयन समिति में मुमताज के रिश्तेदार ही शामिल हैं। इस आधार पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं।
प्रबंध समिति भंग करने के लिए मदरसा बोर्ड लखनऊ के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया है। जांच के क्रम में नियम विरुद्ध किए गए कई मामले सामने आए हैं। तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। नियुक्ति के समय दूसरे को प्रबंधक बनाने की प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है: भरत लाल गोंड़, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी