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अधिक मेरिट वाले दरकिनार, कम वालों को दे दी नियुक्ति
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अधिक मेरिट वाले दरकिनार, कम वालों को दे दी नियुक्ति
- जिले में 110 एएनएम की संविदा के तहत हुई है नियुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठने लग रहा है। सात दिसंबर को भी संविदा के तहत 110 एएनएम की नियुक्ति की गई, लेकिन इसमें भी योग्य और अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थियों को चयन से बाहर करने का आरोप लगा है। नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर किए गए अभ्यर्थियों ने डीएम और सीएमओ को शिकायती पत्र दिया है। इन्होंने नियुक्ति नियमानुसार कराए जाने की मांग की है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लोगों को अपने गांव में ही मिल जाए, इसके लिए जनपद में 184 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र भी खोले गए हैं। हालांकि अभी इनका संचालन किराए के भवनों में शुरू किया गया है। इन केंद्रों पर एएनएम की नियुक्ति करने के लिए आवेदन पत्र लिए गए थे। हालांकि एएनएम के पदों की संख्या शासन स्तर से घटाकर 184 से 110 कर दी गई है। नियुक्ति के बाद सात दिसंबर तक सभी नई एएनएम को नियुक्ति पत्र दे दिया गया। अब इस नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। चयन से वंचित अभ्यर्थियों ने डीएम और सीएमओ को शिकायती पत्र देकर नियम विरुद्घ तरीके से नियुक्ति करने और इन्हें वंचित किए जाने की शिकायत की है।
दस्तावेजों में कमी मिलने पर नहीं हुआ चयन : डीपीएम
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी सिद्घनाथ तिवारी का कहना है कि यह नियुक्ति प्रक्रिया तीन स्तरों से गुजरी है। जनपद स्तर पर इनकी स्क्रीनिंग करके सूची एडी गोरखपुर और वहां से शासन भेजी गई। जिनके जाति प्रमाण पत्र तीन साल पुराने थे, उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। इसी तरह अन्य दस्तावेजों में भी जिनकी कमी मिली, उनका चयन नहीं हो पाया है।
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कराई जाएगी जांच डीएम
डीएम एस. राजलिंगम ने कहा कि यदि शिकायतकर्ता मिलते हैं तो फाइल मंगाकर उनकी शिकायतों की जांच कराई जाएगी। इसके अलावा उनकी दस्तावेज और मार्कसीट आदि भी जांच कर ली जाएगी। अभ्यर्थियों की जिज्ञासा का पूरा समाधान किया जाएगा।
केस-एक
मऊ जिले के शिवराजपुर गांव निवासी नीलम ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर बताया है कि कुशीनगर जिले में 184 एएनएम के लिए आवेदन मांगे गए थे। उन्होंने भी आवेदन किया था। उनका रजिस्ट्रेशन नंबर 177965 है। कुल अंकों का योग 62.64 है। वह नियुक्ति के लिए पात्र थीं, लेकिन उनसे कम 60.58 अंक पाने वाली अभ्यर्थी को नियुक्त कर लिया गया है, जबकि उनका नाम भी चयन सूची में शामिल किया गया था। उन्होंने पुन: नियमानुसार चयन कराए जाने की मांग की है।
केस-दो
मऊ जिले के बरपुर, मऊनाथ भंजन की निवासी सुनीता श्रीवास्तव ने डीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम की ऑनलाइन भर्ती के लिए भर्ती निकाला गया था। उन्होंने भी आवेदन किया था। पंजीकरण नंबर-108323 है। अपने प्रमाण पत्रों की जांच और काउंसिलिंग के लिए 13 अक्तूबर को अपने प्रमाण पत्रों की छाया प्रति विभाग में जमा की थी। नियुक्त अभ्यर्थियों की सूची सात दिसंबर को जारी कर दी गई। इसमें जनरल कैटेगरी की मेरिट में 69.83 और आर्थिक आरक्षण के आधार पर मेरिट 60.16 है। उन्होंने बताया कि उनकी मेरिट 62.19 है। उन्होंने भी बताया कि नियुक्ति के लिए अर्ह होने के बावजूद उन्हें वंचित कर दिया गया है।
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- जिले में 110 एएनएम की संविदा के तहत हुई है नियुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठने लग रहा है। सात दिसंबर को भी संविदा के तहत 110 एएनएम की नियुक्ति की गई, लेकिन इसमें भी योग्य और अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थियों को चयन से बाहर करने का आरोप लगा है। नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर किए गए अभ्यर्थियों ने डीएम और सीएमओ को शिकायती पत्र दिया है। इन्होंने नियुक्ति नियमानुसार कराए जाने की मांग की है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लोगों को अपने गांव में ही मिल जाए, इसके लिए जनपद में 184 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र भी खोले गए हैं। हालांकि अभी इनका संचालन किराए के भवनों में शुरू किया गया है। इन केंद्रों पर एएनएम की नियुक्ति करने के लिए आवेदन पत्र लिए गए थे। हालांकि एएनएम के पदों की संख्या शासन स्तर से घटाकर 184 से 110 कर दी गई है। नियुक्ति के बाद सात दिसंबर तक सभी नई एएनएम को नियुक्ति पत्र दे दिया गया। अब इस नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। चयन से वंचित अभ्यर्थियों ने डीएम और सीएमओ को शिकायती पत्र देकर नियम विरुद्घ तरीके से नियुक्ति करने और इन्हें वंचित किए जाने की शिकायत की है।
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दस्तावेजों में कमी मिलने पर नहीं हुआ चयन : डीपीएम
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी सिद्घनाथ तिवारी का कहना है कि यह नियुक्ति प्रक्रिया तीन स्तरों से गुजरी है। जनपद स्तर पर इनकी स्क्रीनिंग करके सूची एडी गोरखपुर और वहां से शासन भेजी गई। जिनके जाति प्रमाण पत्र तीन साल पुराने थे, उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। इसी तरह अन्य दस्तावेजों में भी जिनकी कमी मिली, उनका चयन नहीं हो पाया है।
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कराई जाएगी जांच डीएम
डीएम एस. राजलिंगम ने कहा कि यदि शिकायतकर्ता मिलते हैं तो फाइल मंगाकर उनकी शिकायतों की जांच कराई जाएगी। इसके अलावा उनकी दस्तावेज और मार्कसीट आदि भी जांच कर ली जाएगी। अभ्यर्थियों की जिज्ञासा का पूरा समाधान किया जाएगा।
केस-एक
मऊ जिले के शिवराजपुर गांव निवासी नीलम ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर बताया है कि कुशीनगर जिले में 184 एएनएम के लिए आवेदन मांगे गए थे। उन्होंने भी आवेदन किया था। उनका रजिस्ट्रेशन नंबर 177965 है। कुल अंकों का योग 62.64 है। वह नियुक्ति के लिए पात्र थीं, लेकिन उनसे कम 60.58 अंक पाने वाली अभ्यर्थी को नियुक्त कर लिया गया है, जबकि उनका नाम भी चयन सूची में शामिल किया गया था। उन्होंने पुन: नियमानुसार चयन कराए जाने की मांग की है।
केस-दो
मऊ जिले के बरपुर, मऊनाथ भंजन की निवासी सुनीता श्रीवास्तव ने डीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम की ऑनलाइन भर्ती के लिए भर्ती निकाला गया था। उन्होंने भी आवेदन किया था। पंजीकरण नंबर-108323 है। अपने प्रमाण पत्रों की जांच और काउंसिलिंग के लिए 13 अक्तूबर को अपने प्रमाण पत्रों की छाया प्रति विभाग में जमा की थी। नियुक्त अभ्यर्थियों की सूची सात दिसंबर को जारी कर दी गई। इसमें जनरल कैटेगरी की मेरिट में 69.83 और आर्थिक आरक्षण के आधार पर मेरिट 60.16 है। उन्होंने बताया कि उनकी मेरिट 62.19 है। उन्होंने भी बताया कि नियुक्ति के लिए अर्ह होने के बावजूद उन्हें वंचित कर दिया गया है।