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पदचिह्न पहचानने में जुटा वन विभाग
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पदचिह्न पहचानने में जुटा वन विभाग
खड्डा। बोधीछपरा गांव के पास तेंदुआ होने की चर्चा व पद चिह्न मिलने के बाद वन विभाग के कर्मी छानबीन में जुटे हैं। हालांकि, कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल पाया है। लोगों से सतर्क रहने की अपील के साथ पिंजरा लगाने की योजना बनाई जा रही है।
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बोधीछपरा गांव के पास जल्लू मियां के खेत में जानवर के पद चिह्न व तेंदुआ होने की चर्चा के बाद खड्डा के रेंजर देवेंद्र कुमार के निर्देश पर वन दरोगा अमित कुमार तिवारी के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम लोगों से पूछताछ कर उनके बताए स्थानों पर छानबीन कर रही है। हालांकि, अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है कि जानवर तेंदुआ है या कुछ और। इस चर्चा के बाद लोग सरेह में जाने से बच रहे हैं।
इस संबंध में फॉरेस्टर (वन दरोगा) अमित कुमार तिवारी का कहना है कि पद चिह्न की जांच कर पता लगाया जा रहा है कि किस जानवर का है। इसके अलावा जरूरत पड़ी तो जानवर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अभी तक तेंदुआ की मौजूदगी के ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
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खड्डा। बोधीछपरा गांव के पास तेंदुआ होने की चर्चा व पद चिह्न मिलने के बाद वन विभाग के कर्मी छानबीन में जुटे हैं। हालांकि, कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल पाया है। लोगों से सतर्क रहने की अपील के साथ पिंजरा लगाने की योजना बनाई जा रही है।
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बोधीछपरा गांव के पास जल्लू मियां के खेत में जानवर के पद चिह्न व तेंदुआ होने की चर्चा के बाद खड्डा के रेंजर देवेंद्र कुमार के निर्देश पर वन दरोगा अमित कुमार तिवारी के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम लोगों से पूछताछ कर उनके बताए स्थानों पर छानबीन कर रही है। हालांकि, अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है कि जानवर तेंदुआ है या कुछ और। इस चर्चा के बाद लोग सरेह में जाने से बच रहे हैं।
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इस संबंध में फॉरेस्टर (वन दरोगा) अमित कुमार तिवारी का कहना है कि पद चिह्न की जांच कर पता लगाया जा रहा है कि किस जानवर का है। इसके अलावा जरूरत पड़ी तो जानवर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अभी तक तेंदुआ की मौजूदगी के ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
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