फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Floodwaters remain trapped in Ahiraulidan village amidst a tug-of-war situation.

Kushinagar News: रस्साकशी के बीच अहिरौलीदान गांव में फंसा बाढ़ की पानी

Sun, 04 Oct 2026 02:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 02:18 AM IST
विज्ञापन
Floodwaters remain trapped in Ahiraulidan village amidst a tug-of-war situation.
कुशीनगर। पिपराघाट से अहिरौलीदान तक एपी बांध पर बाढ़ के कारण तनाव की स्थिति है। यह बांध भौगोलिक रूप से कुशीनगर की सीमा भी निर्धारित करता है। बांध टूटने के बाद पानी की निकासी को लेकर कुशीनगर और सीमावर्ती बिहार के लोगों के बीच खींचतान बढ़ गई है।
विज्ञापन

दोनों राज्यों की पुलिस और पीएसी बांध पर 24 घंटे निगरानी कर रही है। इसके चलते अहिरौलीदान गांव से बाढ़ का पानी नहीं निकल पा रहा है।
एक ओर कुशीनगर की पुलिस और पीएसी तैनात है। दूसरी ओर गोपालगंज जिले के विशंभरपुर, कुचायकोट, गोपालपुर और जिला मुख्यालय से आई पुलिस मौजूद है। दोनों तरफ के जवानों का उद्देश्य बांध को सुरक्षित रखना है। वे यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि पानी अपना रास्ता ले सके। अहिरौलीदान के दानचक के पास एक छोटी पुलिया से पानी निकल रहा है। यूपी के ग्रामीण अपने गांवों से पानी की तेजी से निकासी की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि सीमित निकासी से पानी लंबे समय तक जमा रहेगा। एपी बांध टूटने से बड़ी मात्रा में पानी अहिरौलीदान की ओर आया है।
विज्ञापन

बिहार के सलेपुर, मलई टोला और विशंभरपुर जैसे गांवों में पानी पहुंचने लगा है। दुर्ग मटिहनिया और सिपाया दुबे टोला समेत आसपास के गांव भी प्रभावित हैं। बिहार प्रशासन को आशंका है कि यदि बांध काटकर पानी का बहाव सीधे बिहार की ओर मोड़ा गया तो नुकसान बढ़ सकता है। इसी आशंका के चलते बिहार सीमा से लगे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। बिहार पुलिस प्राकृतिक निकासी को नहीं रोकना चाहती है। परंतु वे सुरक्षित खड़े बांध को काटने की अनुमति नहीं दे सकते।
विज्ञापन
विज्ञापन

यूपी के ग्रामीणों की सीधी चिंता है कि उनका गांव डूब रहा है। वे जानना चाहते हैं कि पानी की निकासी कहां से होगी। यही विरोधाभास पिछले दिनों दानचक को तनाव का केंद्र बनाता रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में दोनों तरफ के ग्रामीणों की मांगों को समझना जरूरी है। एक तरफ की चिंता है कि पानी उनके घर तक न पहुंचे। दूसरी तरफ की चिंता है कि उनके गांव का पानी निकल जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed