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जलस्तर में उतार चढ़ाव
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एपी बांध पर बढ़ा दबाव, सीमावर्ती गांवों के लोग बेचैन
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। गंडक नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव से नरवाजोत बांध से लेकर एपी बांध पर पानी का दबाव निरंतर बढ़ रहा है। इससे बांध के किनारे बसे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि नोनियापट्टी सहित अन्य कई संवेदनशील स्थानों पर नदी सीधे बांध से टकरा रही है, जो लोगों की चिंता का कारण है।
नरवाजोत बांध और एपी बांध पर पिछले साल 104 करोड़ रुपये और इस साल लगभग 53 करोड़ की लागत से कई परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसी बीच नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान तक बांध पर नदी का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। नोनियापट्टी सहित कई संवेदनशील स्थानों पर नदी बांध से टकराती हुई बह रही है, जो किसी बड़े खतरे का संकेत है। इसके पहले भी ऐसे हालात के कारण ही नरवाजोत, चैनपट्टी और नोनियापट्टी में नदी तबाही मचा चुकी है। यही नहीं बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों को मालूम है कि ऐसे हालात में नदी बैकरोलिंग करती हुई कभी भी बांध को नुकसान पहुंचा सकती है। क्योंकि पानी बढ़ने के साथ ही सभी जगहों पर चल रहे बचाव कार्य को बंद कर दिया गया। पप्पू सिंह, प्रहलाद राम, अनवत बैठा, कैलाश सिंह, संजय सिंह, पप्पू यादव आदि का कहना है कि अभी भी परियोजनाओं का कार्य कई जगह अधूरा है। ऐसे में अगर उन्हें समय रहते पूरा नहीं कराया गया तो कभी भी स्थिति बिगड़ सकती है और बांध के साथ गांवों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
बाढ़ खंड तृतीय के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि बांध सुरक्षित है। जलस्तर कम होने पर बचाव कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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तमकुहीरोड (कुशीनगर)। गंडक नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव से नरवाजोत बांध से लेकर एपी बांध पर पानी का दबाव निरंतर बढ़ रहा है। इससे बांध के किनारे बसे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि नोनियापट्टी सहित अन्य कई संवेदनशील स्थानों पर नदी सीधे बांध से टकरा रही है, जो लोगों की चिंता का कारण है।
नरवाजोत बांध और एपी बांध पर पिछले साल 104 करोड़ रुपये और इस साल लगभग 53 करोड़ की लागत से कई परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसी बीच नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान तक बांध पर नदी का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। नोनियापट्टी सहित कई संवेदनशील स्थानों पर नदी बांध से टकराती हुई बह रही है, जो किसी बड़े खतरे का संकेत है। इसके पहले भी ऐसे हालात के कारण ही नरवाजोत, चैनपट्टी और नोनियापट्टी में नदी तबाही मचा चुकी है। यही नहीं बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों को मालूम है कि ऐसे हालात में नदी बैकरोलिंग करती हुई कभी भी बांध को नुकसान पहुंचा सकती है। क्योंकि पानी बढ़ने के साथ ही सभी जगहों पर चल रहे बचाव कार्य को बंद कर दिया गया। पप्पू सिंह, प्रहलाद राम, अनवत बैठा, कैलाश सिंह, संजय सिंह, पप्पू यादव आदि का कहना है कि अभी भी परियोजनाओं का कार्य कई जगह अधूरा है। ऐसे में अगर उन्हें समय रहते पूरा नहीं कराया गया तो कभी भी स्थिति बिगड़ सकती है और बांध के साथ गांवों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
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बाढ़ खंड तृतीय के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि बांध सुरक्षित है। जलस्तर कम होने पर बचाव कार्य शुरू करा दिया जाएगा।