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Kushinagar News: मारपीट के मामले में पांच को पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास
Fri, 19 Sep 2025 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 19 Sep 2025 01:28 AM IST
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पडरौना। न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट की न्यायालय ने मारपीट के मामले में पांच आरोपियों को पांच-पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी को 3500-3500 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। वहीं एक आरोपी के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
वादी मुकदमा रामदयाल वर्मा ने वर्ष तीन मई 1998 को हाटा कोतवाली पुलिस को तहरीर दी कि उनके गांव के ओमप्रकाश, उमाशंकर, छोटेलाल, रामेश्वर, और राम आशीष ने जबरदस्ती घर बनवा रहे हैं। इस जमीन पर न्यायालय ने आठ अप्रैल 1997 को स्थगन का आदेश दिया है। विवादित जमीन पर जमीन में हुए अवैध निर्माण को रोकवाने पर आरोपी उनके भतीजे को अपशब्द बोलते हुए लाठी डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया। वहां से जान बचाकर भागे तो आरोपी उनके घर में घुसकर मारपीट की। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट के न्यायायाधीश इफराक अहमद ने आरोपियों के साक्ष्य के आधार पर दोष सिद्ध करते हुए प्रत्येक आरोपी को पांच-पांच वर्ष की सश्रम कारावास सुनाते हुए 3500-3500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं आरोपी राम आशीष पुत्र घुरमाती न्यायालय में उपस्थित नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी किया है। न्यायालय में हाजिर आरोपियों को जिला कारागार देवरिया भेजा है।
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वादी मुकदमा रामदयाल वर्मा ने वर्ष तीन मई 1998 को हाटा कोतवाली पुलिस को तहरीर दी कि उनके गांव के ओमप्रकाश, उमाशंकर, छोटेलाल, रामेश्वर, और राम आशीष ने जबरदस्ती घर बनवा रहे हैं। इस जमीन पर न्यायालय ने आठ अप्रैल 1997 को स्थगन का आदेश दिया है। विवादित जमीन पर जमीन में हुए अवैध निर्माण को रोकवाने पर आरोपी उनके भतीजे को अपशब्द बोलते हुए लाठी डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया। वहां से जान बचाकर भागे तो आरोपी उनके घर में घुसकर मारपीट की। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट के न्यायायाधीश इफराक अहमद ने आरोपियों के साक्ष्य के आधार पर दोष सिद्ध करते हुए प्रत्येक आरोपी को पांच-पांच वर्ष की सश्रम कारावास सुनाते हुए 3500-3500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं आरोपी राम आशीष पुत्र घुरमाती न्यायालय में उपस्थित नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी किया है। न्यायालय में हाजिर आरोपियों को जिला कारागार देवरिया भेजा है।
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