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Kushinagar News: अवैध वसूली के आरोप में पांच सिपाही लाइनहाजिर
Thu, 08 Jan 2026 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:31 AM IST
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पडरौना/खडडा। हाईवे से लेकर बिहार बाॅर्डर तक होने वाली अवैध वसूली और सिपाहियों के बीच बातचीत का ऑडियो एसपी तक पहुंचने के बाद कार्रवाई की गई है। एसपी ने बुधवार को पांच सिपाहियों को लाइनहाजिर कर दिया।। इसमें चार सिपाहियों की खड्डा थाने और एक की कसया थाने पर तैनाती थी। सूत्रों के मुताबिक राजीव चौधरी पर पूर्व में भी लेनदेन का आरोप लगा था। तत्कालीन एसपी संतोष मिश्रा ने लाइनजाहिर किया था, लेकिन खड्डा थाने से रिलीव नहीं किया गया था।
खड्डा थाने पर तैनात सिपाही शिवानंद सिंह, राजीव चौधरी, लाल बहादुर यादव, रणजीत कुमार यादव, कसया थाने पर तैनात रूपेश कुमार सिंह का वसूली और हिस्से बंटवारे की आपस में चर्चा होने आडियो किसी ने रिकार्ड कर लिया। सोशल मीडिया पर वॉयरल होने के अलावा एसपी तक पहुंच गया।
एसपी ने इसकी जांच कराई तो मामला सही निकला। खड्डा थाने पर तैनात तीन सिपाहियों की बिहार बार्ड के सालिकपुर चौकी पर तैनाती रही। कार्रवाई के जद में आए सिपाहियोंं की बीतचीत पर गौर किया जाए तो खड्डा थानाध्यक्ष के अलावा सालिकपुर चौकी पर तैनात दरोगा की भूमिका भी संदिध बताई जा रही है।
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बताया जाता है कि राजीव चौधरी सिपाही जिस थाने पर रहता है। उस थानाध्यक्ष का चहेता बन जाता है, ऐसे ही कसया में थानाध्यक्ष रहे गिरजेश उपाध्याय की जब कुर्सी छीनी तो काफी दिनों तक एसपी कार्यालय से संबद्ध रहे। इसके बाद खड्डा का थानाध्यक्ष बनाया गया।
कसया में तैनाती के दौरान भी इनकी कई गंभर शिकायते तत्कालीन एसपी तक पहुंची थीं। कसया थाने पर तैनात सिपाही को लाइन हाजिर करने के पीछे शिकायत के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। केवल सिपाहियों पर कार्यवाई करने तक मामला खत्म होगा या आडियो में जिस अधिकारी का नाम है उस पर भी गाज गिरती है।
सीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि ऑडियो के आधार पर सिपाहियों को लाइनहाजिर किया गया है। जिनका नाम आया है। उन लोगों के भूमिका की जांच कराई जा रही है।
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खड्डा थाने पर तैनात सिपाही शिवानंद सिंह, राजीव चौधरी, लाल बहादुर यादव, रणजीत कुमार यादव, कसया थाने पर तैनात रूपेश कुमार सिंह का वसूली और हिस्से बंटवारे की आपस में चर्चा होने आडियो किसी ने रिकार्ड कर लिया। सोशल मीडिया पर वॉयरल होने के अलावा एसपी तक पहुंच गया।
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एसपी ने इसकी जांच कराई तो मामला सही निकला। खड्डा थाने पर तैनात तीन सिपाहियों की बिहार बार्ड के सालिकपुर चौकी पर तैनाती रही। कार्रवाई के जद में आए सिपाहियोंं की बीतचीत पर गौर किया जाए तो खड्डा थानाध्यक्ष के अलावा सालिकपुर चौकी पर तैनात दरोगा की भूमिका भी संदिध बताई जा रही है।
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बताया जाता है कि राजीव चौधरी सिपाही जिस थाने पर रहता है। उस थानाध्यक्ष का चहेता बन जाता है, ऐसे ही कसया में थानाध्यक्ष रहे गिरजेश उपाध्याय की जब कुर्सी छीनी तो काफी दिनों तक एसपी कार्यालय से संबद्ध रहे। इसके बाद खड्डा का थानाध्यक्ष बनाया गया।
कसया में तैनाती के दौरान भी इनकी कई गंभर शिकायते तत्कालीन एसपी तक पहुंची थीं। कसया थाने पर तैनात सिपाही को लाइन हाजिर करने के पीछे शिकायत के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। केवल सिपाहियों पर कार्यवाई करने तक मामला खत्म होगा या आडियो में जिस अधिकारी का नाम है उस पर भी गाज गिरती है।
सीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि ऑडियो के आधार पर सिपाहियों को लाइनहाजिर किया गया है। जिनका नाम आया है। उन लोगों के भूमिका की जांच कराई जा रही है।