फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Fine of Rs 13.20 lakh on 18 shopkeepers selling adulterated food items

Kushinagar News: मिलावट की खाद्य सामग्री बेचने वाले 18 दुकानदारों पर 13.20 लाख का जुर्माना

Tue, 07 Nov 2023 01:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Nov 2023 01:03 AM IST
विज्ञापन
Fine of Rs 13.20 lakh on 18 shopkeepers selling adulterated food items
- मिलावट की जांच में फेल हो गए थे सभी नमूने
विज्ञापन

- कई दुकानदार बिना लाइसेंस कर रहे थे कारोबार
- सोमवार को एडीएम की कोर्ट ने लगाया जुर्माना
- त्योहार में बेरोक-टोक बिक रही मिलावटी खाद्य वस्तुएं

पडरौना। मिलावटी खाद्य सामग्री व मिठाई बेचने वाले 18 दुकानदारों पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की कोर्ट ने सोमवार को 13.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन सभी के दुकानों से लिए गए नमूने जांच में फेल हो गए थे। वहीं कुछ दुकानदार बिना लाइसेंस के ही कारोबार कर रहे थे।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अभय मिश्रा की कोर्ट में सोमवार को मिलावटी खाद्य वस्तुओं की बिक्री के मामले में सुनवाई थी। बिना लाइसेंस और मिठाई व अन्य खाद्य वस्तुओं के 18 दुकानदार पर 13.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एडीएम कोर्ट के इस निर्णय से साफ हो रहा है कि जिले में बिना लाइसेंस के दुकानदार मिलावटी खाद्य सामग्रियों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। इन पर खाद्य सुरक्षा विभाग अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
विज्ञापन

खाद्य सुरक्षा विभाग दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों में सक्रिय हो जाता है। दुकानों पर छापा डाला जाता है। नमूने लिए जाते हैं। जिनकी जांच रिपोर्ट आने में एक महीने का समय लग जाता है। दिवाली मेें मिठाइयों, सूखे मेवे, चॉकलेट की मांग बढ़ जाती है। कुछ दिन पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानों से मिठाइयों, दूध व अन्य खाद्य वस्तुओं के सैंपल लिया और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

00000
दूध, धनिया व बेसन के नमूने फेल
जांच के लिए भेजे गए दूध, धनिया व बेसन के नमूने फेल हो गए। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर एडीएम कोर्ट ने जुर्माना लगाया है। इसमें स्वदेश मिल्क प्रोडक्ट प्रा. लि. बाराबंकी के दूध में मिलावट मिली। इन पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह साहिबगंज के ऋद्धि-सिद्धि सॉल्ट इंडस्ट्रीज पर 1.50 लाख का जुर्माना लगा। धनिया में मिलावट करने वाले कुशीनगर चौराखास के सत्यनारायण चौरसिया पर एक लाख का जुर्माना लगा है। कप्तानगंज के राजेश अग्रहरि पर बेसन में मिलावट करने के लिए 35 हजार, सारंगछपरा के बाबूराम पर भैंस के दूध में मिलावट के लिए 35 हजार लगा है। वहीं बिना पंजीकरण के खाद्य सामग्री बेचने वाले कसया के सबया निवासी हसमुद्दीन अंसारी पर 50 हजार का जुर्माना लगा है।

00000
मिठाइयों में इन सामानों का करते हैं मिलावट
मावा के लिए दूध में यूरिया, डिटर्जेंट पाउडर और घटिया क्वालिटी का वनस्पति घी मिलाया जाता है। सिंथेटिक दूध बनाने के लिए मामूली वॉशिंग पाउडर, रिफाइंड तेल, पानी और शुद्ध दूध को आपस में मिलाया जाता है। इस तरह एक लीटर दूध से 20 लीटर सिंथेटिक दूध तैयार करते हैं। इस दूध से मावा तैयार होता है। कुछ लोग मावा में शकरकंद, सिंघाड़े का आटा, मैदा या आलू भी मिलाते हैं। मावा का वजन बढ़ाने के लिए आलू और स्टार्च मिलाया जाता है।
00000
ऐसे करें पहचान
- मावा में थोड़ी चीनी डालकर गरम करें। अगर यह पानी छोड़ने लगे तो यह नकली है।
- मावा को अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़ें। असली मावे से घी की महक आएगी।
- खोया की गोली बनाएं। अगर यह गोली फटने लगे तो समझें मावा नकली या मिलावटी है।
- असली मावा मुंह में चिपकता नहीं है, जबकि नकली मावा चिपक जाएगा।
- असली मावा खाने से मुंह में कच्चे दूध जैसा स्वाद आता है।
- 2 ग्राम मावा 5 एमएल गरम पानी में घोल लें और ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसमें टिंचर आयोडीन डालें। खोया नकली होगा तो इसका रंग नीला हो जाएगा।
00000
ऐसे बचें खराब मिठाई से-
रंगों वाली मिठाई से परहेज करें। बाजार की मिठाइयों में सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल होता है। हमेशा खरीदारी ऐसे दुकान से ही करें जो मावा या मिठाई की पूरी जानकारी (कब निर्मित हुआ, कितने दिन तक प्रयोग किया जा सकता है) डिस्प्ले में लगा रखा हो। अगर मावा दो दिन से ज्यादा पुराना है तो न खरीदें।
00000
मिठाइयां छोटे बच्चों को बहुत प्रिय होती हैं। वे अधिक मात्रा में खा लेते हैं। यदि मिठाई में मिलावट अधिक है तो बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अच्छी और भरोसेमंद दुकान से मिठाइयां खरीदें। मिलावटी मिठाइयां खाने से बच्चों के पेट पर असर पड़ता है और उन्हें अपच या उल्टी-दस्त हो सकता है।
डॉ. देवशरण सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ
00000



वर्जन



जिन 18 दुकानदारों पर जुर्माना लगा है। उनकी दुकान से नमूने अक्तूबर में लिए गये थे। जांच में नमूने फेल हुए इसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व के कोर्ट में वाद दाखिल किया गया। जुर्माना जमा नहीं करेंगे तो इसकी वसूली भू-राजस्व की तरह किया जाएगा। विभाग की ओर से बीते अक्तूबर में कई बाजारों से मिलावट की आशंका पर खाद्य सामग्री के कुल 28 नमूने लेकर जांच कराए गए थे।




प्रदीप राय, सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय



खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग



00000



चिकित्सक की बात--



दूध, खोवा व अन्य वस्तुओं से बनी मिठाइयों में ज्यादातर दुकानदार मैदा तथा कुछ ऐसे केमिकल मिलाते हैं। इससे उनकी मात्रा तथा व्हाइटनेस बढ़ जाती है। इन वस्तुओं से बनी मिठाइयों के सेवन से पेट पर असर पड़ता है। उल्टी-दस्त होने की आशंका रहती है। मिलावटी खाद्य वस्तुओं के सेवन से बचना चाहिए।



डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव, वरिष्ठ चिकित्सक, पडरौना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed