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‘बाहर की दवा लिखने पर प्रतिबंध लगाएं’
कुशीनगर
Updated Fri, 27 May 2016 11:19 PM IST
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जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान नर्स से व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेते डीएम शंभू कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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‘बाहर की दवा लिखने पर प्रतिबंध लगाएं’
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। डीएम ने शुक्रवार की सुबह जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयां, सफाई व्यवस्था, उपकरण आदि का जायजा लिया। डीएम ने सीएमएस को हिदायत दी कि वे डॉक्टरों को निर्देशित करें कि कोई भी बाहर की मेडिकल स्टोर्स की दवा न लिखे।
यदि अस्पताल में दवा उपलब्ध न हो और मरीज को देना जरूरी हो तो उसकी व्यवस्था अस्पताल प्रशासन करे। डीएम शंभू कुमार शुक्रवार को दिन के लगभग दस बजे जिला चिकित्सालय पहुंचे। सबसे पहले उन्हाेंने इमरजेंसी कक्ष में तारा देवी नाम की महिला मरीज को देखा। उन्होंने इमरजेंसी कक्ष में आने वाले मरीजों के संपूर्ण दवा और त्वरित इलाज के लिए निर्देशित किया।
साथ ही इमरजेंसी, ओपीडी, वार्ड और परिसर में सफाई रखने का निर्देश दिया। उन्हाेंने एक-एक कर रेडियोलॉजी, एक्सरे कक्ष, सीटी स्कैन कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, दवा वितरण कक्ष, नेत्र कक्ष, दंत कक्ष, महिला चिकित्सक कक्ष, लेबर रूम, केएमसी यूनिट कक्ष का निरीक्षण किया। उसके बाद जननी सुरक्षा योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि, इंसेफेलाइटिस रोगियों के लिए इलाज का इंतजाम, भर्ती मरीजों के लिए दूध की उपलब्धता की जानकारी ली।
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दूध नहीं दिए जाने की जानकारी होने पर सीएमएस पर नाराजगी व्यक्त की और मरीजों को नियमित रूप से दूध और भोजन उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। उन्हाेंने विकलांग एवं पुनर्वास कक्ष तथा उससे सटे अस्पताल के किनारे स्थित मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। डीएम को आते देख मेडिकल स्टोर्स संचालक अपनी दुकानें बंद कर भाग गए। डीएम ने सख्त हिदायत दी कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को मेडिकल स्टोर्स की दवाएं हरगिज न लिखी जाएं।
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अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। डीएम ने शुक्रवार की सुबह जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयां, सफाई व्यवस्था, उपकरण आदि का जायजा लिया। डीएम ने सीएमएस को हिदायत दी कि वे डॉक्टरों को निर्देशित करें कि कोई भी बाहर की मेडिकल स्टोर्स की दवा न लिखे।
यदि अस्पताल में दवा उपलब्ध न हो और मरीज को देना जरूरी हो तो उसकी व्यवस्था अस्पताल प्रशासन करे। डीएम शंभू कुमार शुक्रवार को दिन के लगभग दस बजे जिला चिकित्सालय पहुंचे। सबसे पहले उन्हाेंने इमरजेंसी कक्ष में तारा देवी नाम की महिला मरीज को देखा। उन्होंने इमरजेंसी कक्ष में आने वाले मरीजों के संपूर्ण दवा और त्वरित इलाज के लिए निर्देशित किया।
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साथ ही इमरजेंसी, ओपीडी, वार्ड और परिसर में सफाई रखने का निर्देश दिया। उन्हाेंने एक-एक कर रेडियोलॉजी, एक्सरे कक्ष, सीटी स्कैन कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, दवा वितरण कक्ष, नेत्र कक्ष, दंत कक्ष, महिला चिकित्सक कक्ष, लेबर रूम, केएमसी यूनिट कक्ष का निरीक्षण किया। उसके बाद जननी सुरक्षा योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि, इंसेफेलाइटिस रोगियों के लिए इलाज का इंतजाम, भर्ती मरीजों के लिए दूध की उपलब्धता की जानकारी ली।
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दूध नहीं दिए जाने की जानकारी होने पर सीएमएस पर नाराजगी व्यक्त की और मरीजों को नियमित रूप से दूध और भोजन उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। उन्हाेंने विकलांग एवं पुनर्वास कक्ष तथा उससे सटे अस्पताल के किनारे स्थित मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। डीएम को आते देख मेडिकल स्टोर्स संचालक अपनी दुकानें बंद कर भाग गए। डीएम ने सख्त हिदायत दी कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को मेडिकल स्टोर्स की दवाएं हरगिज न लिखी जाएं।