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Kushinagar News: फास्ट फूड धीमा जहर...सेहत को बदरंग कर देंगी रंगीन मिठाइयां

Sat, 21 Jun 2025 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 21 Jun 2025 11:56 PM IST
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Fast food is slow poison...coloured sweets will ruin your health
पडरौना। बाजार में रंगीन मिठाइयों की भरमार है। फास्टफूड के ठेलों पर भी रंगों को धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। वहीं, चमकदार दिखने वाली बिरयानी भी लोगों को लुभा रही है। मगर यह सब सेहत के लिए फायदेमंद नहीं, बल्कि धीमा जहर है। इससे न सिर्फ संक्रमण का शिकार हो सकते हैं, बल्कि त्वचा के साथ दूसरी बीमारी भी आपको घेर लेंगी।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में 61 में 24 नमूनों में मानक से अधिक रंग मिले पाए गए हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में विभाग इन दुकानों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से कलर युक्त मिठाई के लिए एक जनवरी से मई 2025 लिए गए कुल 61 खाद्य पदार्थों के नमूनों जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे।
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जांच रिपोर्ट में बूंदी के लड्डू के छह, नमकीन के एक, मसूर दाल के दो, बेसन के पांच, सोनपापड़ी के एक, अरहर दाल के तीन और सेवई के तीन नमूनों के सैंपल अधोमानक मिले हैं।
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बिरयानी में किसी भी खाद्य रंग का मिलावट पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद दुकान उसे आकर्षक दिखाने के लिए धड़ल्ले से रंगों का इस्तेमाल किया गया था। खाद्य विभाग की तरफ से संदेह के आधार पर बिरयानी के एकत्र नमूनों में तीन अनसेफ मिले हैं।
इसके अलावा कई मिठाइयों में ऐसे रंगों की मिलावट की जा रही है, जिनके इस्तेमाल की परमिशन ही नहीं है। प्रयोगशाला से मिली जांच रिपोर्ट में इन मिठाइयों में निर्धारित मात्रा से कहीं ज्यादा कलर मिलाया जा रहा है। इसमें मेटानिल येलो, औरामिन, रोडामाइन और लेड क्रोमेट जैसा केमिकल शामिल हैं। यह सभी सेहत के लिए हानिकारक हैं।
ग्रोथ रोकने के साथ लीवर और किडनी को नुकसान ः पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के चिकित्सा प्रभारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि सामान्य तौर पर गहरे पीले कलर की मिठाइयों में औरामिन मिलाया जाता है। यह शरीर की ग्रोथ रोकने के साथ ही लीवर व किडनी को नुकसान पहुंचाता है।
मेटानिल येलो कलर का इस्तेमाल लड्डू से लेकर जलेबी, बिरयानी में किया जाता है। इसका पेट, किडनी और लीवर पर सबसे ज्यादा असर होता है। इससे पेट में इंफेक्शन के साथ ही शरीर में एलर्जी और यूरिन इंफेक्शन भी हो सकता है। मिठाइयों व कुछ खास किस्म के खाद्य पदार्थों को आकर्षक और चमकीला बनाने के लिए रोडामाइन कलर का इस्तेमाल किया जाता है। जो शरीर में रेड ब्लड सेल्स को ब्रेक करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कम करता जाता है।

उन्होंने बताया कि कई दुकानदार मिठाइयों में लेड क्रोमेट का प्रयोग करते हैं। इस कलर के इस्तेमाल से मिठाइयों का रंग गहरा पीला दिखाई देता है। यह शरीर को काफी नुकसान पहुंचाता है। इसके ज्यादा इस्तेमाल से फूड प्वाइजनिंग और पेट में दर्द के साथ ही न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी होती है। इसलिए जहां तक मुमकिन हो इन मिठाइयों के लगातार खाने से परहेज करें और जानकार या नामचीन दुकान से ही खरीदें।
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