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Kushinagar News: वीजा फर्जी, टिकट फर्जी....अगर पहुंच गए तो नौकरी में भी गड़बड़झाला
Mon, 20 Jan 2025 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:13 AM IST
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कुशीनगर। गल्फ देशों में जाकर डॉलर की चमक से अपने घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और समृद्धि युक्त चमक को बढ़ाने के उद्देश्य से सात समुंदर पार जाने वालों के सुनहरे सपने लगातार चकनाचूर हो रहे हैं।
वीजा से लेकर हवाई टिकट तक फर्जी दिया जा रहा है। अगर यह किसी तरह विदेश में निर्धारित स्थानों तक पहुंच भी जाते हैं तो जिस काम के लिए इनसे पैसे लिए जाते हैं, वह उन्हें मिल नहीं पाता। एजेंट से सवाल करने पर कभी वह नंबर ब्लॉक कर देता है तो कभी विदेश में प्रताड़ित करने की धमकी देता है। ऐसे में विदेश जाने वालों की उलझने सुलझने के बजाय और नासूर बनती जा रही हैं, जहां उन्हें अपने शहर से लेकर विदेश में पग-पग पर अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है।
अभी हाल ही में जिले के 12 और गोरखपुर के एक युवक के साथ ठगों ने इराक भेजने के नाम पर 13 लाख से अधिक ठगी की। विदेश जाने के समय जब इन बेरोजगार युवकों ने टिकट और वीजा की जांच कराई तो यह फर्जी निकला, जिसके बाद युवकों ने एसपी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में चार जालसाजों पर केस दर्ज कर कसया पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
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पिछले साल जनवरी-फरवरी में पडरौना शहर से लेकर कसया, फाजिलनगर, हाटा आदि क्षेत्र में इमिग्रेशन के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे। इसमें पुलिस ने कई ठगों को पकड़ा था। नवंबर और दिसंबर माह में ठगी के मकड़जाल पर अमर उजाला ने सीरीज चलाकर लोगों को जागरूक किया और विदेश जाने में वास्तविक समस्या और उनके मददगार प्रवासी भारतीय मदद समूह और प्रवासी भारतीय मदद फाउंडेशन के विषय में अवगत कराया।
दरअसल,विदेश भेजने के नाम पर जालसाज पग-पग पर ठगी को अंजाम देते हैं। चाहे वह टिकट देने के नाम पर हो, ट्रेनिंग या फिर वीजा मुहैया कराने के साथ ही खाड़ी देश ओमान,ईराक, सऊदी, दुबई आदि जगहों में जाकर किसी कंपनी में नौकरी पाने की बात हो। हर स्तर पर मौका मिलते ही ट्रैवल एजेंट ठगी को अंजाम देते हैं।
विदेश भेजने के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं और कभी फर्जी वीजा और टिकट थमा देते हैं और अगर यह दोनों सही होता है तो विदेश में दी जाने वाली नौकरी फर्जी होती है और मालिक इनके वीजा छीन लेते हैं। इसके बाद इन बेरोजगार युवकों को चरवाहे, सफाईकर्मी, घरेलू काम करने पर मजबूर किया जाता है।
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वीजा से लेकर हवाई टिकट तक फर्जी दिया जा रहा है। अगर यह किसी तरह विदेश में निर्धारित स्थानों तक पहुंच भी जाते हैं तो जिस काम के लिए इनसे पैसे लिए जाते हैं, वह उन्हें मिल नहीं पाता। एजेंट से सवाल करने पर कभी वह नंबर ब्लॉक कर देता है तो कभी विदेश में प्रताड़ित करने की धमकी देता है। ऐसे में विदेश जाने वालों की उलझने सुलझने के बजाय और नासूर बनती जा रही हैं, जहां उन्हें अपने शहर से लेकर विदेश में पग-पग पर अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है।
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अभी हाल ही में जिले के 12 और गोरखपुर के एक युवक के साथ ठगों ने इराक भेजने के नाम पर 13 लाख से अधिक ठगी की। विदेश जाने के समय जब इन बेरोजगार युवकों ने टिकट और वीजा की जांच कराई तो यह फर्जी निकला, जिसके बाद युवकों ने एसपी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में चार जालसाजों पर केस दर्ज कर कसया पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
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पिछले साल जनवरी-फरवरी में पडरौना शहर से लेकर कसया, फाजिलनगर, हाटा आदि क्षेत्र में इमिग्रेशन के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे। इसमें पुलिस ने कई ठगों को पकड़ा था। नवंबर और दिसंबर माह में ठगी के मकड़जाल पर अमर उजाला ने सीरीज चलाकर लोगों को जागरूक किया और विदेश जाने में वास्तविक समस्या और उनके मददगार प्रवासी भारतीय मदद समूह और प्रवासी भारतीय मदद फाउंडेशन के विषय में अवगत कराया।
दरअसल,विदेश भेजने के नाम पर जालसाज पग-पग पर ठगी को अंजाम देते हैं। चाहे वह टिकट देने के नाम पर हो, ट्रेनिंग या फिर वीजा मुहैया कराने के साथ ही खाड़ी देश ओमान,ईराक, सऊदी, दुबई आदि जगहों में जाकर किसी कंपनी में नौकरी पाने की बात हो। हर स्तर पर मौका मिलते ही ट्रैवल एजेंट ठगी को अंजाम देते हैं।
विदेश भेजने के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं और कभी फर्जी वीजा और टिकट थमा देते हैं और अगर यह दोनों सही होता है तो विदेश में दी जाने वाली नौकरी फर्जी होती है और मालिक इनके वीजा छीन लेते हैं। इसके बाद इन बेरोजगार युवकों को चरवाहे, सफाईकर्मी, घरेलू काम करने पर मजबूर किया जाता है।