फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Eyes were not treated, head and feet started hurting

आंखों का इलाज हुआ नहीं, दुखने लगा सिर और पांव

Thu, 22 Sep 2022 11:43 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 11:43 PM IST
विज्ञापन
Eyes were not treated, head and feet started hurting
जिला अस्पताल के ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।संवाद। - फोटो : KUSHINAGAR
आंखों का इलाज हुआ नहीं, दुखने लगा सिर और पांव
विज्ञापन

पडरौना। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को नेत्र रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही, लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं थे। लाइन में खड़े मरीजों ने बताया कि एक घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। आंखों का इलाज तो नहीं हो पाया, उल्टे किसी का सिर तो किसी का भी पैर दुखने लगा। इसी तरह अन्य डॉक्टरों के कक्ष भी खाली रहने से मरीजों को परेशान होना पड़ा।
तबादले के बाद एक तो जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या घट गई है, दूसरे जो उपलब्ध हैं, वे भी समय से अपने कक्ष में नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में दूरदराज से इलाज के लिए आए मरीजों को निराश होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

इन दिनों वायरल फीवर, एईएस, सर्दी-जुकाम सहित विभिन्न बीमारियों के मरीज अधिक आ रहे हैं। ऐसी दशा में 150 बेड के जिला अस्पताल में 200 के आस-पास मरीजों की संख्या पहुंच जा रही है। ओपीडी में ही प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों के तबादले के कारण अधिकतर कक्ष खाली रह रहे हैं। इसके अलावा जो डॉक्टर मिले भी हैं, वे भी समय से उपलब्ध न रहने पर मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिजिशियन से लगायत सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ सहित कई डॉक्टरों की अभी भी कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नेत्र रोग विशेषज्ञ का कक्ष खाली था। उसके बाहर मरीज लाइन लगाए डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा फिजिशियन और हड्डी रोग विशेषज्ञ का कक्ष भी खाली था। त्वचा रोग विशेषज्ञ भी दो महीने से नहीं हैं, जिससे दाद, खाज, खुजली सहित अन्य रोगों के मरीजों को भी वापस लौटना पड़ रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि डॉक्टरों के स्थानांतरण के बाद बहुत से पद रिक्त हो गए हैं। सिर्फ एक ईएमओ हैं। इस लिए ओपीडी वाले डॉक्टरों को इमरजेंसी ड्यूटी भी करनी पड़ती है। जो डॉक्टर रात में इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं, वे ओपीडी नहीं करते। फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सर्जन सिर्फ एक-एक ही हैं। उपलब्ध डॉक्टरों के सहारे मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed