{"_id":"57f7df2d4f1c1bcd4026f95e","slug":"eyes-opened-of-maa-durga","type":"story","status":"publish","title_hn":"देर रात हुए दुर्गा प्रतिमाओं के नेत्र दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देर रात हुए दुर्गा प्रतिमाओं के नेत्र दर्शन
kushinagar
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:15 PM IST
विज्ञापन
पूजा
- फोटो : santosh verma
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। शारदीय नवरात्र के अवसर पर जगह-जगह बने पंडालों में दुर्गा पूजा स्थापित करने के लिए दुर्गा पूजा समितियों के सदस्य तैयारी को अंतिम रूप देने में दिन भर जुटे रहे। पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ के बाद रात में करीब सवा ग्यारह बजे मां दुर्गा के नेत्र दर्शन हुए। उसके बाद सभी पंडाल आरती और मां दुर्गा के जयघोष से गूंज उठे।
शुक्रवार को सप्तमी की रात्रि 11:18 बजे से 1:23 बजे तक दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना और नेत्र दर्शन का मुहूर्त था। इसलिए दुर्गा पूजा समितियों के सदस्य जोर-शोर से पूजा की तैयारी में जुटे थे। पुरोहितों की देखरेख में मत्रोच्चारण के बीच मूर्तियां पंडालों में स्थापित की गईं। उसके बाद मां दुर्गा, गणेशजी, मां सरस्वती, माता लक्ष्मी और कार्तिकेयजी सहित सभी देवी, देवताओं की आरती उतारी गई तथा जयकारे लगाए गए। इसी के साथ पडरौना नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित दुर्गा पंडालों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू हो गई।
विज्ञापन
शुक्रवार को सप्तमी की रात्रि 11:18 बजे से 1:23 बजे तक दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना और नेत्र दर्शन का मुहूर्त था। इसलिए दुर्गा पूजा समितियों के सदस्य जोर-शोर से पूजा की तैयारी में जुटे थे। पुरोहितों की देखरेख में मत्रोच्चारण के बीच मूर्तियां पंडालों में स्थापित की गईं। उसके बाद मां दुर्गा, गणेशजी, मां सरस्वती, माता लक्ष्मी और कार्तिकेयजी सहित सभी देवी, देवताओं की आरती उतारी गई तथा जयकारे लगाए गए। इसी के साथ पडरौना नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित दुर्गा पंडालों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू हो गई।
विज्ञापन