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Kushinagar News: छोटी गंडक पुल का एक्सपेंशन जोड़ क्षतिग्रस्त, हादसे का खतरा

Sun, 18 Oct 2026 02:28 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 02:28 AM IST
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Expansion joint of the Chhoti Gandak bridge damaged; risk of accidents.
एन एच के गंडक पर बना क्षतिग्रस्त पुल - फोटो : Self
पडरौना। हेतिमपुर में छोटी गंडक नदी पर बने हाईवे पुल का एक्सपेंशन जोड़ फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। पुल से प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी और हल्के वाहन गुजरते हैं। क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरते समय वाहनों को झटके लगते हैं और तेज आवाज होती है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
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पुल यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे ट्रक, बस, कार और अन्य वाहन लगातार गुजरते हैं। एक्सपेंशन जोड़ का काम तापमान में बदलाव और वाहनों के भार से पुल में होने वाले फैलाव व संकुचन को संतुलित करना है। जोड़ का ऊपरी हिस्सा टूटने से सड़क की सतह पर गैप बन गया है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। क्षतिग्रस्त हिस्से से बचने के लिए हल्के वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे दूसरे वाहनों से टकराने का खतरा बना रहता है।
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स्थानीय लोगों और ऑटो चालकों के अनुसार, पुल के एक्सपेंशन जोड़ की मरम्मत साल में दो से तीन बार कराई जाती है, लेकिन कुछ ही महीनों में यह दोबारा क्षतिग्रस्त हो जाता है। मरम्मत के दौरान पुल पर आवागमन बंद करना पड़ता है। बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से वाहन चालकों में नाराजगी है।
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ऑटो चालक बोले-
छोटी गंडक पुल पर हर पांच से छह महीने में लोहे के गटर और सड़क का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाता है। कुछ महीने पहले भी आवागमन बंद कर मरम्मत कराई गई थी, लेकिन जोड़ के पास का हिस्सा फिर टूट गया है। भारी वाहनों के गुजरने के दौरान झटके लगते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
-प्रमोद, कुशीनगर
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पुल से रोजाना गोरखपुर की ओर से बिहार सहित अन्य राज्यों के लिए हजारों वाहन गुजरते हैं। क्षतिग्रस्त हिस्से से भारी वाहनों के गुजरने पर तेज आवाज होती है। इससे बगल से निकलने वाले छोटे वाहनों के लिए भी खतरा बना रहता है। उन्होंने एनएचएआई से जल्द मरम्मत कराने की मांग की।

-राजेश कुमार, सिंहना

कोट
छोटी गंडक नदी पुल के क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन जोड़ की जानकारी है। भारी वाहनों के अधिक दबाव और लगातार आवागमन के कारण यह समस्या होती है। जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि आवागमन सुरक्षित और सुचारु हो सके।

-चिन्मय दूबे,साइट इंचार्ज,एनएचएआई गोरखपुर
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