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Kushinagar News: अवैध निर्माण पर बेदखली का आदेश, डीएम से मिले ग्रामीण
Thu, 28 Aug 2025 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 28 Aug 2025 01:16 AM IST
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कलक्ट्रेट पहुंचे महुअवा बुजुर्ग गांव के लोग। स्रोत-सोशल मीडिया
तुर्कपट्टी। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के महुअवा बुजुर्ग गांव के एक दर्जन ग्रामीण बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर अपने घरों पर प्रशासन की ओर से चस्पा किए गए नोटिस को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की।
पीड़ितों ने तत्काल कार्रवाई को रोकने की अपील करते हुए राहत दिए जाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि बनाए गए घर की जमीन वर्षों से सार्वजनिक जमीन थी जिसे तहसील प्रशासन ने पोखरी (खालिहान) दर्ज कर बेदखली का आदेश जारी किया है।
ज्ञात हो कि प करीब चार वर्ष पूर्व तुर्कपट्टी महुआवा निवासी अहमद अंसारी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल करके ग्राम पंचायत मुअववा बुजुर्ग में अतिक्रमण की बात कही थी। उक्त मामले में एक फरवरी 2024 को बेदखली का आदेश पारित हुआ था।
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इधर एक सप्ताह पूर्व करीब 74 ग्रामीणों के बने रिहायशी मकान को अवैध बताते हुए 28 अगस्त तक खाली करने का आदेश जारी कर दिया। बुधवार की दोपहर को पीड़ित चंदन कुमार गुप्ता की अगुवाई में राजन सैनी, सोनू माली नथुनी प्रसाद, मलिराम माली, पूनम, ममता सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित ग्रामीणों का कहना था कि हम सभी वर्षों से बसे हैं।
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पीड़ितों ने तत्काल कार्रवाई को रोकने की अपील करते हुए राहत दिए जाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि बनाए गए घर की जमीन वर्षों से सार्वजनिक जमीन थी जिसे तहसील प्रशासन ने पोखरी (खालिहान) दर्ज कर बेदखली का आदेश जारी किया है।
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ज्ञात हो कि प करीब चार वर्ष पूर्व तुर्कपट्टी महुआवा निवासी अहमद अंसारी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल करके ग्राम पंचायत मुअववा बुजुर्ग में अतिक्रमण की बात कही थी। उक्त मामले में एक फरवरी 2024 को बेदखली का आदेश पारित हुआ था।
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इधर एक सप्ताह पूर्व करीब 74 ग्रामीणों के बने रिहायशी मकान को अवैध बताते हुए 28 अगस्त तक खाली करने का आदेश जारी कर दिया। बुधवार की दोपहर को पीड़ित चंदन कुमार गुप्ता की अगुवाई में राजन सैनी, सोनू माली नथुनी प्रसाद, मलिराम माली, पूनम, ममता सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित ग्रामीणों का कहना था कि हम सभी वर्षों से बसे हैं।