फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   enough money spent but result is zero

स्वच्छ पेयजल पर बेशुमार खर्च, नतीजा शून्य

Mon, 11 Dec 2017 12:09 AM IST
kushinagar
kushinagar Updated Mon, 11 Dec 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
enough money spent but result is zero
समस्‍याा - फोटो : amar ujala
पडरौना। 
विज्ञापन

इंसेफेलाइटिस प्रभावित कुशीनगर जिले में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के नाम पर इंडिया मार्क टू हैंडपंप, टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट और ओवरहेड टैंकों पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नतीजा शून्य है। न तो लोगों को स्वच्छ पेयजल मयस्सर हो रहा है न ही इंसेफेलाइटिस पर लगाम लग रही है। जिले में 87 ओवरहेड टैंक निर्माणाधीन हैं तो 539 टीटीएसपी बनकर तैयार हैं लेकिन अभी कहीं पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो कहीं चालू होने के बाद ही खराबी आ गई। इंडिया मार्क टू हैंडपंपों की दशा तो और भी दयनीय है। 
जनपद के मासूमों को इंसेफेलाइटिस से बचाने और लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए अब तक जिले भर में 50,540 इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगाए जा चुके हैं। पहले ग्राम पंचायतों में इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगवाने का काम जल निगम का था लेकिन अब यह जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को मिली हुई है। 
विज्ञापन

इसके अलावा इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में स्वच्छ पेयजल के लिए जिले भर में 76 ओवरहेड टैंक बनवाए गए हैं। इनमें 11 ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दिए गए हैं जबकि 65 जलनिगम के अधीन हैं। इसके अलावा 87 ओवरहेड टैंक अब भी निर्माणाधीन हैं। जलनिगम की मानें तो चार ओवरहेड टैंकों का निर्माण पूरा कराकर इसी महीने टेस्टिंग कराई जानी है। ये ओवरहेड टैंक रामपुर बंगरा, कटाई भरपुरवा, खुदरा अहिरौली और पिपराझाम गांव में हैं। रही बात टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट (टीटीएसपी) की तो जिले भर में अब तक 539 बनवाए जा चुके हैं। आगे भी 19 टीटीएसपी का निर्माण होना है लेकिन इनकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कई जगह पेयजल सुविधाएं नदारद 
इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में स्वच्छ पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक, टीटीएसपी और इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगाए गए हैं। एक ओवरहेड टैंक पर लागत उसकी क्षमता के अनुसार 15 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक होती है। 87 ओवरहेड टैंक अब भी निर्माणाधीन हैं। 
गांव-गांव में टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट तीन-तीन लाख रुपये की लागत से गांवों में बनवाए गए हैं, जिनमें कहीं टीटीएसपी चालू ही नहीं हुआ तो कहीं शुरुआती दिनों में ही खराब हो गया। उदाहरण के तौर पर बतरौली में बना टीटीएसपी अब तक चालू नहीं हुआ। बतरौली के इंद्रसेनवा टोला में बना टीटीएसपी देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त हो रहा है। विशुनपुरा ब्लॉक में 41 टीटीएसपी बने हैं, जिनमें 10 खराब हैं। जरार गांव में बना टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट और इंडिया मार्क टू हैंडपंप दोनों खराब हैं। 
इसी तरह ग्राम पंचायतों में लगे इंडिया मार्क टू हैंडपंप या तो मरम्मत के अभाव में बेकार पड़े हैं या फिर उन्हें रीबोर की दरकार है। कल्याणछापर गांव के कारखाना टोला में लगा इंडिया मार्क टू हैंडपंप वर्षों से खराब पड़ा है। जलनिगम विभाग के सूत्रों की मानें तो ग्राम पंचायतों में खराब पड़े इंडिया मार्क टू हैंडपंपों की मरम्मत और रीबोर के लिए शासन से करीब आठ करोड़ रुपये अवमुक्त हुए थे, जिनमें करीब चार करोड़ रुपये ही खर्च हुए। 

हर साल शतक तक पहुंच रहा मौतों का ग्राफ 
कुशीनगर जिले में इंसेफेलाइटिस का दुष्प्रभाव इतना है कि हर साल बच्चों से लगायत किशोर तक इस जानलेवा बीमारी की गिरफ्त में आते हैं। जिला अस्पताल से लगायत मेडिकल कॉलेज तक जाते-जाते कितने ही जिंदगी की जंग हार जाते हैं और जो बच जाते हैं वे ताउम्र विकलांगता का दंश झेलते हैं। पिछले वर्ष जनवरी से दिसंबर तक 1026 बच्चे इंसेफेलाइटिस की चपेट में आए थे, जिनमें 161 ने दम तोड़ दिया था। वहीं, इस वर्ष जनवरी से अब तक 831 बच्चे इंसेफेलाइटिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें 98 बच्चों की मौत हो चुकी है। 


ओवरहेड टैंक की 87 निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूर्ण कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। 65 ओवरहेड टैंक जलनिगम के पास हैं जो अभी पूरे नहीं हुए हैं। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि टैंक, पाइपलाइन और कनेक्शन वितरण का काम पूर्ण करने के बाद ही हैंडओवर कराएं। जिन 11 परियोजनाओं का हस्तांतरण हुआ है, उन ग्राम पंचायतों और उनके मजरों में उपभोक्ताओं को कनेक्शन न दिए जाने के कारण पेयजल आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं। कारण यह कि 250 से 300 रुपये सालाना शुल्क पर पानी की आपूर्ति होनी है ताकि पंप के मेंटीनेंस और ऑपरेटर की सेलरी दी जा सके लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के लोग पानी के बदले कोई शुल्क नहीं देना चाहते। इस सिलसिले में बैठक करके विभागीय अभियंताओं को लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। 
कृष्ण कुमार गुप्त, मुख्य विकास अधिकारी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed