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Kushinagar News: अभियंताओं ने गंडक नदी के संवेदनशील स्थानों का लिया जायजा
Mon, 19 Aug 2024 06:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 19 Aug 2024 06:21 AM IST
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तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक के आसपास होने के बाद भी विरवट कोन्हवलिया सहित कई जगहों पर दबाव बना हुआ है। रविवार को अभियंताओं ने संवेदनशील स्थानों का जायजा लिया।
गंडक नदी के डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव के चलते जहां नरवाजोत स्थित किमी 1.700 पर बने ठोकर, जवही दयाल में किमी 2.800, किमी 3.050 और किमी 3.500 पर बने ठोकर, बाक खाश में किमी 10.518 और कचहरी टोला में किमी 14.500 के साथ विरवट कोंन्हवलिया में ठोकर नंबर चार (कट एंड टू बांध) पर भी पानी का दबाव बना हुआ है।
हालांकि, रविवार को गंडक का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक के आस-पास रहा। इसके पहले नदी नरवाजोत और विरवट कोन्हवलिया के ठोकरों को निशाने पर ले चुकी है और बाढ़ बचाव के जरिए उन्हें सुरक्षित किया जा चुका है। लोगों का कहना है कि अब भी ठोकर व तटबंधों से खतरा टला नहीं है।
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संभावित खतरे को देखते हुए जेई चंदप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादब, जेई विनोद शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि रविवार को भी तटबंधों की निगरानी में जुटे रहे।
एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि हर जगह स्थिति नियंत्रण में है और सभी संवेदनशील जगहों पर चौकसी बरती जा रही है।
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गंडक नदी के डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव के चलते जहां नरवाजोत स्थित किमी 1.700 पर बने ठोकर, जवही दयाल में किमी 2.800, किमी 3.050 और किमी 3.500 पर बने ठोकर, बाक खाश में किमी 10.518 और कचहरी टोला में किमी 14.500 के साथ विरवट कोंन्हवलिया में ठोकर नंबर चार (कट एंड टू बांध) पर भी पानी का दबाव बना हुआ है।
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हालांकि, रविवार को गंडक का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक के आस-पास रहा। इसके पहले नदी नरवाजोत और विरवट कोन्हवलिया के ठोकरों को निशाने पर ले चुकी है और बाढ़ बचाव के जरिए उन्हें सुरक्षित किया जा चुका है। लोगों का कहना है कि अब भी ठोकर व तटबंधों से खतरा टला नहीं है।
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संभावित खतरे को देखते हुए जेई चंदप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादब, जेई विनोद शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि रविवार को भी तटबंधों की निगरानी में जुटे रहे।
एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि हर जगह स्थिति नियंत्रण में है और सभी संवेदनशील जगहों पर चौकसी बरती जा रही है।