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इंसेफेलाइटिस से बच्चे की मौत
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Fri, 04 Dec 2015 11:52 PM IST
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लक्ष्मीगंज। रामकोला थानाक्षेत्र के लाला छपरा गांव निवासी छह वर्षीय शाहजाद की इंसेफेलाइटिस की चपेट में आने से मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। शाहजाद पांच दिन से मेडिकल कालेज में भर्ती था।
इस गांव के ग्यासुद्दीन की आठ वर्षीया बेटी नगमा की दो सप्ताह पूर्व इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इनके अलावा गांव के दस अन्य बच्चे भी तेज बुखार की चपेट में हैं। उधर, इंसेफेलाइटिस से मौत होने की जानकारी मिलने पर सीएमओ टीम के साथ शुक्रवार को गांव में पहुंचे। टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं वितरित की। शाहजाद के पिता इंताफ ने बताया कि छह दिन पूर्व बुखार और उल्टी की शिकायत पर गांव में ही इलाज कराया गया। कोई सुधार नहीं होने पर कप्तागंज सीएचसी पर दिखाया गया।
सीएचसी के चिकित्सकों ने शाहजाद को मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। शाहजाद का छोटा भाई जिब्राइल भी तेज बुखार से पीड़ित हैं, जिसका इलाज चल रहा हैं। लालाछपरा गांव के ग्यासुद्दीन की आठ वर्षीय बेटी नगमा की 21 नवंबर को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
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ग्यासुद्दीन ने बताया कि नगमा को तेज बुखार और उल्टी की शिकायत थी। इनके अलावा गांव के मनीष तीन वर्ष, अमित तीन वर्ष, मुबारक एक वर्ष, सुमित पांच वर्ष, ज्योति पांच वर्ष और सुनैना एक वर्ष आदि बच्चे भी बुखार से पीड़ित हैं। उधर, एक पखवारे में दो बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मौत होने और कुछ अन्य के बीमार होने को लेकर गांववाले चिंतित हैं।
इस बीच इंसेफेलाइटिस से मौत होने की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार विभाग के चिकित्सकों के साथ लाला छपरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांववालों से बात की और गंदा पानी एकत्र नहीं होने देने का सुझाव दिया। चिकित्सकों ने गांव में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं भी वितरित की। लोगों को पीने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।
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इस गांव के ग्यासुद्दीन की आठ वर्षीया बेटी नगमा की दो सप्ताह पूर्व इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इनके अलावा गांव के दस अन्य बच्चे भी तेज बुखार की चपेट में हैं। उधर, इंसेफेलाइटिस से मौत होने की जानकारी मिलने पर सीएमओ टीम के साथ शुक्रवार को गांव में पहुंचे। टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं वितरित की। शाहजाद के पिता इंताफ ने बताया कि छह दिन पूर्व बुखार और उल्टी की शिकायत पर गांव में ही इलाज कराया गया। कोई सुधार नहीं होने पर कप्तागंज सीएचसी पर दिखाया गया।
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सीएचसी के चिकित्सकों ने शाहजाद को मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। शाहजाद का छोटा भाई जिब्राइल भी तेज बुखार से पीड़ित हैं, जिसका इलाज चल रहा हैं। लालाछपरा गांव के ग्यासुद्दीन की आठ वर्षीय बेटी नगमा की 21 नवंबर को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
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ग्यासुद्दीन ने बताया कि नगमा को तेज बुखार और उल्टी की शिकायत थी। इनके अलावा गांव के मनीष तीन वर्ष, अमित तीन वर्ष, मुबारक एक वर्ष, सुमित पांच वर्ष, ज्योति पांच वर्ष और सुनैना एक वर्ष आदि बच्चे भी बुखार से पीड़ित हैं। उधर, एक पखवारे में दो बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मौत होने और कुछ अन्य के बीमार होने को लेकर गांववाले चिंतित हैं।
इस बीच इंसेफेलाइटिस से मौत होने की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार विभाग के चिकित्सकों के साथ लाला छपरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांववालों से बात की और गंदा पानी एकत्र नहीं होने देने का सुझाव दिया। चिकित्सकों ने गांव में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं भी वितरित की। लोगों को पीने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।